चुनाव आयोग क्या है | कार्य, अधिकार व नियम

एक लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए स्वतंत्र, और निष्पक्ष चुनाव अनिवार्य हैं और यह संविधान का मूलभूत पहलू भी हैं। चुनाव आयोग को भारत के चुनावों का संरक्षक माना जाता है। भारत के संविधान के अनुसार देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग (EC) के गठन के लिए अनुच्छेद 324 के …

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मताधिकार किसे कहते हैं || matadhikar kise kahate Hain

संविधान के अनु0 326 के अनुसार संसद और राज्य विधान मण्डलों के लिए निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर होगा। प्रत्येक वह व्यक्ति जो भारत का नागरिक है तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है तथा अनिवास, चित्त, विकृति, अपराध या भ्रष्ट आचरण के कारण विधि द्वारा अयोग्य घोषित न किया गया, मत देने …

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निर्वाचन आयोग के कार्य एवं शक्तियां

भारत का निर्वाचन आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है। संविधान के उपबंधों के अनुरूप 25 जनवरी 1950 को इसकी स्थापना की गयी, अनुच्छेद 324 में प्रावधान किया गया है कि- 1. संविधान के अधीन संसद और प्रत्येक राज्य के विधानमंडल के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के …

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वित्त आयोग क्या है ? इसकी संरचना एवं कार्य

अनुच्छेद 280 में यह प्रावधान है कि भारत के राष्ट्रपति को संविधान के प्रारम्भ से दो साल के भीतर वित्त आयोग की नियुक्ति करनी होगी और उसके बाद हर पाँच साल में एक बार या यदि आवश्यक हो तो उससे भी पहले नियुक्त कर सकते हैं। यह अनुच्छेद मोटे रूप में वित्त आयोग की संरचना और …

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UPSC क्या है ? संघ लोक सेवा आयोग, संरचना, कार्य एवं शक्तियाँ

सरकारी गतिविधियों के विस्तार के लिए विभिन्न स्तरों पर बडी़ संख्या में कर्मियों की आवश्यकता होती है। इसके लिए एक ठोस कार्मिक प्रणाली की आवश्यकता है, जिसमें एक उत्साहित कर्मचारीगण सरकारी कार्यकलापों में कुशलता व प्रभावशीलता प्राप्त करने में सक्षम हों। प्रत्येक देश ने कार्मिक कार्यों को करने के लिए एक केन्द्रीय कार्मिक एजेंसी की स्थापना …

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आर्य समाज का इतिहास

1875 में आर्य समाज की स्थापना गुजरात के मूल शंकर नामक व्यक्ति ने की थी जो बाद में दयानंद सरस्वती (1824-1883) के नाम से प्रसिद्ध हुए। उन्होनें झूठे धर्मो का खण्डन करने के लिए ‘‘पाखण्ड खण्डिनी पताका’’ लहराई। आर्य समाज की स्थापना का मुख्य उद्देश्य प्राचीन वैदिक धर्म की शुद्ध रूप में पुनः स्थापना करना था। …

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ब्रह्म समाज के उद्देश्य और सिद्धांत

ब्रह्म समाज एक सामाजिक-धार्मिक आंदोलन था जिसने बंगाल के पुनर्जागरण युग को प्रभावित किया। ब्रह्म समाज के माध्यम से समाज सुधार का प्रारंभ देश के पूर्वी भाग-बंगाल से हुआ था। हिन्दु धर्म में पहला सुधार आन्दोलन ब्रह्मसमाज था। इस आन्दोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय (1774-1833) ने किया था। इसी कारण राजा राममोहन राय को भारत …

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प्रथा का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं उत्पत्ति

प्रथा का अर्थ समाज से मान्यता प्राप्त, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होने वाली सुव्यवस्थित, दृढ़ जनरीतियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाती हैं। प्रथा वास्तव में सामाजिक क्रिया करने की, स्थापित व मान्य विधि है; और लोग इसे इसलिए मानते हैं कि समाज के अधिकतर लोग उसी विधि के अनुसार बहुत दिनों से कार्य या व्यवहार करते आ रहे हैं।  इस …

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14वां गुटनिरपेक्ष सम्मेलन कब और कहां हुआ?

14वां शिखर सम्मेलन सितम्बर 2006 में क्यूबा की राजधानी हवाना में हुआ था। 14वां शिखर सम्मेलन, हवाना (2006) लेटिन अमेरिकी जगत में यह तीसरा किन्तु हवाना में होने वाला दूसरा सम्मेलन था। अब अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य बदल चुका था राष्ट्रपति क्रास्त्रो इतनी रूग्ण अवस्था में थे कि उनकी अनुपस्थिति में राउल क्रास्त्रों ने सारा काम किया। 1979 में …

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आपूर्ति के नियम को वक्र, प्रकार और उदाहरणों के साथ

आपूर्ति किसी वस्तु की उन मात्राओं को दर्शाती है जिनका उत्पादक विभिन्न कीमतों पर, प्रति समय इकाई, उत्पादन कर बिक्री करने को तैयार होते हैं। ‘आपूर्ति’ शब्द के ये अभिलक्षण होते हैं : आपूर्ति का नियम यदि आपूर्ति को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में कोई परिवर्तन नहीं हो तो उच्चतर कीमत का अर्थ होगा उच्चतर …

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