संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?

संसाधन एक ऐसा स्रोत या संचय है जिससे कोई लाभकारी वस्तु उत्पादित होती हो। संसाधन सामग्रियाँ, ऊर्जा, सेवाएँ, श्रम, ज्ञान व अन्य भौतिक परिसंपत्तियाँ होते हैं। ये किसी लाभकारी वस्तु को प्रस्तुत करने के लिए किसी न किसी प्रकार मिश्रण में प्रयोग किए जाते हैं।  इस प्रक्रिया में, कुछ संसाधन (जिन्हें अनवीकरणीय अथवा समाप्य संसाधन कहा …

Read more

अस्तित्ववादी शिक्षा का अर्थ, उद्देश्य, शिक्षण विधियाँ

अस्तित्ववादी दर्शन इतना क्रान्तिकारी तथा जटिल है कि शिक्षा की दृष्टि से इस पर कुछ कम विचार हुआ है। अस्तित्ववाद का पादुर्भाव एक जर्मन दार्शिनिक हीगेल के ‘‘अंगीकारात्मक या स्वीकारात्मक’’ आदर्शवाद का विरोध है। हम पूर्व में भी पढ़ चुके है कि यह अहंवादी दर्शन की एक खास धारा है।’’ मानव को चेतना युक्त, स्वयं निर्णय …

Read more

भारत के खनिज संसाधन कौन कौन से हैं?

भारत में विभिन्न प्रकार के खनिजों का भंडार है। प्रायद्वीपीय पहाड़ियों में अधिकतम कोयले की खदानें, धातु खनिज एवं कुछ अन्य अधातु खनिज पाए जाते हैं। पश्चिमी एवं पूर्वीय प्रायद्वीपों की तलछटी चट्टानों विशेषत: गुजरात तथा असम में पैट्रोलियम पदार्थ अधिक पाए जाते हैं। राजस्थान के प्रायद्वीपीय चट्टानों में ग़ैर-लौह खनिज का भंडार है। यदि हम …

Read more

मोलस्का का वर्गीकरण और सामान्य लक्षण

मोलस्का का अर्थ लैटिन भाषा में “मौलिस” का अर्थ है “नरम”। मोलस्का का शरीर नरम होता है, किंतु इसके ऊपर बाहर से कड़े सुरक्षाकारी कवच होते हैं। इस लक्षण से इनके परिरक्षण की संभावनाएं बढ़ गई तथा इस कारण से इस फ़ाइलम के जीवाश्म बहुत संख्या में मिलते हैं। अभी तक की ज्ञात ऐसी जीवाश्म स्पीषीज़ …

Read more

पर्यावरण नीति 2006 के प्रमुख उद्देश्य

हम आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। प्राकृतिक संसाधन आजीविका सुरक्षा प्रदान करने और जीवन समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम में से प्रत्येक को यह समझने की आवश्यकता है कि विकास की प्रगति में सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक मूल्यों और पर्यावरण …

Read more

पर्यावरण संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान

भारत उन देशों में से एक है जिसने पर्यावरण संरक्षण और सुधार का समर्थन करते हुए अपने संविधान में संशोधन किया है। देश में 42वां संविधान संशोधन 1976 में किया गया और यह जनवरी, 1977 में प्रभावी हुआ। यह राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के अंतर्गत दो प्रावधानों की व्यवस्था करता है, ये हैं अनुच्छेद 48ए …

Read more

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) क्या है?

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) एक अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी है जो ‘‘सतत मानव विकास’’ की अवधारणा को बढ़ावा देती है। इसकी स्थापना 1965 में हुई थी तथा इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) संयुक्त राष्ट्र के विकास कार्यों का समन्वय करता है और इसे संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों …

Read more

मनुष्य के पश्च मस्तिष्क की संरचना व कार्य का संक्षिप्त वर्णन

पश्च मस्तिष्क पश्च मस्तिष्क, मस्तिष्क का पिछला भाग होता है जिसमें मेटेनसिफेलोन (Metencephalon) और माइएलेनेसिफेलोन आते है। मेटेनसिफेलोन में सेतु (Pons) और लघुमस्तिष्क (Cerebellum) आते हैं जबकि माइएलेनेसिफेलोन में मेडुला ऑबलागांटा (Medulla oblongata) सम्मिलित होता है। पश्च मस्तिष्क के भाग पश्च मस्तिष्क के भाग (pashch mastishk ke bhag) है- लघु मस्तिष्क (Cerebellum) सेतु (Pons) मेडुला ऑबलांगाटा …

Read more

मध्य मस्तिष्क के भाग और उनके कार्य

मस्तिष्क के मध्य भाग को मध्य मस्तिष्क के रूप में जाना जाता है इसका दूसरा नाम मेसनसिफेलोन (mesencephalon) है। इसके दो भाग हैं टेक्टम और टेगमेन्टम। मध्य मस्तिष्क सफेद पथ और रेटीकुलर फोरमेशन से बना है। इसका कार्य मध्य मस्तिष्क और प्रमस्तष्क के बीच आवेगों को प्रसारित करना है। इसमें निम्न कोलीकुली (Inferior Colliculi) होते हैं …

Read more

अग्र मस्तिष्क के भाग और उनके कार्य

अग्र मस्तिष्क के भाग (agar mastishk ke bhag) अग्र मस्तिष्क के दो भाग हैं टेलेनसिफेलोन और डायनसिफेलोन (Telencephalon – Diencephalon)। टेलेनसिफेलोन में प्रमस्तिष्क वल्कुट, बेसल गैंन्लिया और लिम्बिक सिस्टम शामिल है। यह मानव मस्तिष्क का सबसे बड़ा विभाजन है। प्रमस्तिष्क वल्कुट, दो सेरेब्रल गोलार्ध कवर करता है जबकि, बेसल गैंगलिया मस्तिष्क के उप कोर्टिकल क्षेत्र में रखा …

Read more