सामाजिक न्याय क्या है।। सामाजिक न्याय किसे कहते हैं

सामाजिक न्याय (Social justice) से तात्पर्य है समाज में असमानताओं को दूर करना तथा सामाजिक समता की स्थापना करना । यह प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा द्वारा समाज में उचित स्थान प्राप्त करने का विश्वास दिलाता है तथा इस समान स्तर को प्राप्त करने में आनेवाली कठिनाईयों को दूर करने की प्रेरणा भी देता है ।  सामाजिक …

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कुमार गंधर्व का जीवन परिचय || kumar gandharv jivan parichay

कुमार गंधर्व का जन्म 8 अप्रैल 1924 को बेलगाँव के जिले सुलेभावी ग्राम में हुआ। कुमार गंधर्व के पिता स्वयं एक अच्छे गायक थे। आपकी सांगीतिक प्रतिभा बचपन से ही झलकती थी। पाँच वर्ष की आयु में एक बार कुमार गंधर्व सवाई गंधर्व के गायन कार्यक्रम में गए वहाँ से लौटकर जब वे घर आए तो सवाई …

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वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 कब लागू हुआ इसके उद्देश्य क्या है?

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के उद्देश्य, जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों को सुरक्षा प्रदान करना है। यह वन्य पशुओं या पशु-जन्य वस्तुओं, या विनिर्दिश्ट पौधों या उसके किसी भाग या उससे व्युत्पन्न चीजों के परिवहन पर प्रतिबन्ध लगाता हैं। यह काम सिर्फ चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन या अन्य प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति लेकर ही किया …

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खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के उद्देश्य

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के उद्देश्य है खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के लिए प्रावधान बनाना। खाद्य सामग्री का अर्थ है कोई वस्तु जो मानव के खाने या पीने के रूप में उपयोग में लाई जाती है, सिवाय दवाइयों और पानी के और इसमें वह वस्तु भी शामिल है जो सामान्यत: मानव खाद्य सामग्री …

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सती का अर्थ, सती प्रथा क्या है, सती प्रथा का अंत किसने किया

सती प्रथा जो अपने पति के मृत्यु के बाद उसके चिता के साथ अपने आप को जिंदा जला दे उसे सती कहते हैं।  सती का अर्थ सती का वास्तविक अर्थ है ’’पवित्र साध्वी स्त्री‘‘। वह स्त्री जो अपनी पति के साथ जन्म जन्मातर साथ रहने की इच्छा रखती है। और उसके प्रमाण हेतु पति की मृत्यु …

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सामाजिक अधिकार किसे कहते हैं? सभ्य राज्यों में नागरिकों को ये सामाजिक अधिकार प्राप्त होते हैं

सामाजिक अधिकार किसे कहते हैं? सभ्य राज्यों में नागरिकों को प्राय: निम्नलिखित सामाजिक अधिकार प्राप्त होते हैं-  1. जीवन का अधिकार: सामाजिक अधिकारों में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण अधिकार जीवन का अधिकार है। प्रत्येक राज्य अपने नागरिकों को जीवन का अधिकार देता है। अरस्तु के मतानुसार, राज्य जीवन की रक्षा के लिए बना और वह अच्छे जीवन …

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आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? नागरिकों को ये आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं

आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? लोकतंत्रीय राज्य में नागरिकों को आर्थिक विकास के लिए आर्थिक अधिकार भी प्राप्त होते हैं। नागरिकों को प्राय: निम्नलिखित आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं-  1. काम पाने का अधिकार: काम करने का अधिकार से अभिप्राय यह है कि नागरिक वैतनिक काम करने की माँग करते हैं। राज्य का कर्तव्य है कि …

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राष्ट्र क्या है राष्ट्रीयता के विविध तत्व क्या हैं?

राष्ट्र उस राज्य को कहते हैं, जिसके निवासियों में परस्पर एक होने की अनुभूति हो, जिनमें राष्ट्रीयता की भावना विद्यमान हों। राज्य ऐसा भी हो सकता है, जिसमें अनेक प्रकार के लोगों का निवास हो। 1914-18 के महायुद्ध से पूर्व आस्ट्रिया-हंगरी के राज्य में आस्ट्रियन, हंगेरियन, चेक, स्लोवक, स्लाव आदि अनेक जातियों व जन-समूहों का निवास …

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राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

राजनीतिक सिद्धांत की परंपरा बहुत प्राचीन है। राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति इसके अर्थ के साथ जुड़ी है जबकि राजनीतिक सिद्धांत के अर्थ में विभिन्न विद्वानों के भिन्न-भिन्न मत हैं। इसीलिए इसकी प्रकृति के बारे में भी भिन्न-भिन्न विचार पाए जाते हैं। इसलिए अध्ययन की दृष्टि से राजनीतिक चिंतन को दो भागों में विभक्त किया जा सकता …

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राजनीतिक सिद्धांत की उपयोगिता

राजनीतिक सिद्धांत की प्रकृति समझने के लिए उन विषयों और मुद्दों पर ध्यान देना भी जरूरी है जो पिछले 2400 सालों में इसके अध्ययन का अंग रहे हैं। यद्यपि राजनीतिक सिद्धांतों का मुख्य विषय राज्य है तथापि राजनीतिक चिंतन के इतिहास के विभिन्न चरणों में राज्य से संबंधित अलग-अलग विषय महत्त्वपूर्ण रहे हैं। क्लासिकी राजनीतिक सिद्धांतों …

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