मृदा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार

मृदा विभिन्न प्रकार के पदार्थों का मिश्रण है। उदाहरण के लिए, कण, छोटे कंकड़, क्षय और जीवित जीव जिन्हें खाद सूक्ष्म जीव, आदि कहा जाता है। मृदा की ऊपरी सतह वह है जिसमें पौधे खाद, मिट्टी के कण और जीवित जीवन की शरण में रहते हैं। मृदा या मिट्टी चट्टानों द्वारा ही निर्मित होती हैं।  मृदा …

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भारत की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार || भारत का भौतिक स्वरूप

आकार की दृष्टि से भारत संसार का साँतवा बड़ा देश हैं। एवं जनसंख्या के दृष्टि से चीन के बाद दूसरा नम्बर हैं। भारत की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार भारत पूर्णतया उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। भारत की मुख्य भूमि 804’ से 3706’ एवं 680 7’ से 970 25’ पूर्वी देशांतर के बीच फैली हुई हैं। इस …

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जीवोम किसे कहते हैं जीवोम को प्रभावित करने वाले कारक?

‘‘जीवोम’’ शब्द घर का संक्षिप्त रूप है।। जहॉं तक जीवोम की परिभाषा एवं वर्गीकरण का संबंध हैं, वैज्ञानिक इस संदर्भ में एकमत नहीं हैं। जीवोम को एक वृहत् प्राकृतिक पारितंत्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता हैं। जिससे हम पौधो औ र जानवरों के समुदायों के कुल संकलन का अध्ययन करते हैं। ‘जीवोम’ को ‘पर्यावास’ …

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विपणन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य, महत्व

पहले के समय में जब विपणन की अवधारणा नहीं थी, तब सिर्फ बाजार में होने वाले क्रय-विक्रय को ही विपणन माना जाता था। सबसे पहले वस्तु विनिमय ही किया जाता था जब मुद्रा प्रचलित नहीं थी। जैसे:- अनाज के बदले वस्त्र खरीदना, लकडि़यों के बदले में सब्जियाँ खरीदना।  पहले के समय में उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं की …

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सार्वजनिक उपक्रम का अर्थ, विशेषताएँ और महत्व

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का तात्पर्य ऐसे उपक्रम से होता है जो सरकार के स्वामित्व, प्रबन्ध एवं नियंत्रण में संचालित किया जाता है। लोक उपक्रम को लोक उद्योग, सार्वजविक उपक्रम, राजकीय उपक्रम, सरकारी उपक्रम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आदि अनेक नामों से जाना जाता है। सार्वजनिक उपक्रम का अर्थ ऐसे व्यावसायिक इकाइयाँ जिनका स्वामित्व, प्रबंधन और …

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ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत एवं जीवन परिचय || hiuen tsang ka jeevan parivhay in hindi

ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत हर्ष के शासन काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत के विभिन्न भागों की यात्रा की और चीन लौटने के पश्चात उसने अपनी यात्रा वृतांत संस्मरणों को लेखबद्ध किया । अतएव उसका विवरण हर्षकालीन इतिहास पर अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है । ह्वेनसांग का जीवन परिचय  ह्वेनसांग का जन्म चीन के होननफू नामक …

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मौर्य वंश का इतिहास (मौर्य वंश की राजकीय व्यवस्था, मौर्य वंश की प्रशासनिक व्यवस्था)

नन्द वंश के पतन के पश्चात मगध में मौर्य वंश की सत्ता स्थापित हुई । मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य (321 ई.पू.) था । यूनानी लेखकों ने उसे सेन्ड्रोकोट्स या एण्ड्रोकोट्स कहा है । इस राजवंश का भारतीय इतिहास में विशिष्ट महत्व है । मौर्य शासकों ने छोटे छोटे राज्यों को समाप्त करके एक वृहद …

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फारसी साम्राज्य का इतिहास। History of Persian Empire

फारसी साम्राज्य साइरस महान और टेरियस के नेतृत्व में फारसी या इखमनी साम्राज्य विश्व के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक हो गया । बाद के साम्राज्यों ने इसे अनेक मामलों में आदर्श बनाया । साइरस द्वारा अपनाई गई नीति के अनुसार सम्राट की शक्ति लागू करने में है। उसने विजित लोगों का े अपने  रिवाज …

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वैदिक साहित्य के प्रमुख ग्रंथ

वेद चार हैं ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद । इनमे ऋग्वेद सबसे पा्रचीन और अथर्ववेद सबसे बाद का माना जाता है। ऐतिहासिक सामग्री के दृष्टिकोण से ऋग्वेद और अथर्ववेद ही सबसे महत्वपूर्ण है। ऋग्वेद में भारत में आर्याें का आगमन उनका प्रसार भारत के निवासियों से उनका संघर्ष तथा उनके कबीलाई संगठन के बारे …

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ऋग्वैदिक काल की राजनैतिक स्थिति, सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति

भारतीय संस्कृति के इतिहास में वेदों का स्थान अत्यन्त गौरवपूर्ण है । वेद भारत की संस्कृति की अमूल्य सम्पदा है । आर्यो के प्राचीनतम ग्रन्थ भी वेद ही है । भारतीय संस्कृति में वेदो का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि हिन्दुओं के आचार विचार, रहन सहन, धर्म कर्म की विस्तृत जानकारी इन्ही वेदो से ही प्राप्त होती …

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