पतंजलि योगसूत्र का परिचय || पतंजलि योग सूत्र के चार अध्याय

योगसूत्र ग्रंथ महर्षि पतंजलि द्वारा रचित है। यह ग्रंथ सूत्रों के रूप में लिखा गया है। सूत्र-शैली भारत की प्राचीन दुर्लभ शैली है जिसमें विषय को बहुत संक्षिप्त शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है। यह चार पादो में विभाजित है जिसमें 196 सूत्र निबद्ध है। इस ग्रंथ में महर्षि पतंजलि ने यथार्थ रूप में योग के आवश्यक आदर्शों …

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आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय || Aadi shankaracharya ka jivan parichay

आदि शंकराचार्य का जन्म केरल के कालरी गांव में सन् 684 ई. में हुआ था, उनके पिता का नाम शिवगुरू तथा माता का नाम सती था। शंकराचार्य ने बाल्यकाल से ही सन्यास ले लिया था और वेदान्त की शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे महात्मा गोविन्दाचार्य के पास चले गए थे। शिक्षा प्राप्त करने के बाद …

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अष्टांग योग क्या है अष्टांग योग कितने प्रकार के होते हैं?

अष्टांग योग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित व प्रयोगात्मक सिद्धान्तों पर आधारित योग के परम लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक साधना पद्धति है।  महर्षि पतंजलि ने अपने योगसूत्र नामक ग्रंथ में तीन प्रकार की योग साधनाओं का वर्णन किया है।‘अष्टांग’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है अर्थात् अष्ट + अंग, जिसका अर्थ है आठ अंगों …

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वाणिज्य क्या है और इसके प्रकार?

व्यवसाय के दो अंग हैं- उद्योग और वाणिज्य। उद्योगों का कार्य जहां समाप्त होता है, वहीं वाणिज्य का कार्य आरम्भ होता है। उद्योगों में वस्तुओं का उत्पादन होता है। इन वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की क्रिया वाणिज्य है। इस प्रकार वाणिज्य के अन्तर्गत उत्पादन स्थल से निर्मित वस्तु प्राप्त करके उपभोक्ता तक पहुंचाने की समस्त …

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उद्योग किसे कहते है उद्योग की परिभाषा? – udhyog kise kehte hai

उद्योग में वे समस्त क्रियाएं शामिल की जाती है जिनके माध्यम से कच्चे माल से पक्के माल को निर्मित कर बिक्री योग्य बनाया जाता है। अर्थात् औद्योगिक क्रिया के द्वारा किसी भी वस्तु का मूलरूप परिवर्तित कर उपयोगी बनाया जाता है। उद्योग को निम्न भागों में बांटा गया है : 1, उत्पत्ति उद्योग – इसके अंतर्गत …

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औरंगजेब की धार्मिक नीति और औरंगजेब की धार्मिक नीति के परिणाम

शाहजहां के चार पुत्र थे । दारा शिकोह, भुजा, औरंगजेब और थे । शाहजहां की तीन पुत्रियां भी थी । जहांआरा, रोशनआरा, गौहरआरा । मुसलमान शासकों में उत्तराधिकार के नियमों का आभाव था तलवार के बल पर शासन प्राप्त किया जा सकता था । शेष भाइर्यों की कत्ल कर दिये जाते थे । जीते जी सभी …

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महमूद गजनबी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों के उद्देश्य

महमूद गजनवी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों के उद्देश्य महमूद गजनबी और मुहम्मद गोरी के भारत आक्रमणों के उद्देश्य भिन्न थे । महमूद गजनबी का भारत में राज्य स्थापित करने का कोई उद्देश्य नहीं था । उसका मुख्य उद्देश्य भारत से अपार धन-सम्पदा लूटकर गजनी ले जाना था । इस लूट के धन से गजनी के …

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फारसी साम्राज्य का इतिहास। History of Persian Empire

फारसी साम्राज्य साइरस महान और टेरियस के नेतृत्व में फारसी या इखमनी साम्राज्य विश्व के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक हो गया । बाद के साम्राज्यों ने इसे अनेक मामलों में आदर्श बनाया । साइरस द्वारा अपनाई गई नीति के अनुसार सम्राट की शक्ति लागू करने में है। उसने विजित लोगों का े अपने  रिवाज …

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वैदिक साहित्य के प्रमुख ग्रंथ

वेद चार हैं ऋग्वेद , सामवेद , यजुर्वेद , अथर्ववेद । इनमे ऋग्वेद सबसे पा्रचीन और अथर्ववेद सबसे बाद का माना जाता है। ऐतिहासिक सामग्री के दृष्टिकोण से ऋग्वेद और अथर्ववेद ही सबसे महत्वपूर्ण है। ऋग्वेद में भारत में आर्याें का आगमन उनका प्रसार भारत के निवासियों से उनका संघर्ष तथा उनके कबीलाई संगठन के बारे …

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ऋग्वैदिक काल की राजनैतिक स्थिति, सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति

भारतीय संस्कृति के इतिहास में वेदों का स्थान अत्यन्त गौरवपूर्ण है । वेद भारत की संस्कृति की अमूल्य सम्पदा है । आर्यो के प्राचीनतम ग्रन्थ भी वेद ही है । भारतीय संस्कृति में वेदो का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि हिन्दुओं के आचार विचार, रहन सहन, धर्म कर्म की विस्तृत जानकारी इन्ही वेदो से ही प्राप्त होती …

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