आयुर्वेद के आठ अंग

आयुर्वेद के आठ अंग प्रारम्भ में आयुर्वेद को आठ अंग में विभक्त किया – शल्य शालाक्य कायचिकित्सा भूतविद्या कौमारभृत्य अगदतन्त्र रसायनतन्त्र वाजीकरण तन्त्र 1. शल्यतन्त्र कई प्रकार के छाल, लकड़ी, पत्थर, धूल, धातु, मिट्टी, हड्डी, केश, नख, पूय आगन्तुक तथा आगन्तुक शल्यों के निकालने के लिये यंत्र-शस्त्र, क्षारकर्म, अग्निकर्म के प्रयोग के लिए कई प्रकार के …

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भोजन करने के नियम क्या है ?

वे पदार्थ जो शरीर में ग्रहण किये जाने के पश्चात् उर्जा उत्पन्न करते हो, नये तन्तुओं का निमार्ण तथा पुराने (टूटे-फूटें) उत्तकों की मरम्मत करते हो, शारीरिक क्रियाओं पर नियन्त्रण तथा शरीर के लिये आवश्यक यौगिको के बनाने में सहयोग करते है भोजन कहलाते है । भोजन का उद्देश्य भूख को शान्त करना या जिह्वा की …

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मसालों के औषधीय गुण और उपयोग

मसालों का प्रमुख कार्य भोज्य पदार्थों को सुगन्धित, स्वादिष्ट एवं आकर्षक बनाना है। मसालों की सुगन्ध पाचक रसों को उत्तेजित करती है। भोजन के साथ कई मसालों का प्रयोग करना चाहिए भोजन में प्रयोग होने वाले मसाले गरम या ठंडे होते है जो कि पाचन तंत्र को सही रखते है। मसाले कटु रस प्रधान सुगंधित तेलों से …

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विटामिन के प्राकृतिक स्रोत क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार व्यक्ति अपने रोज लिए जाने वाले भोजन से ही विटामिन तथा खनिज द्रव्यों को प्राप्त कर सकता है। हमें विटामिन स्रोतों को जानकर उसके अनुरूप पोषक तत्वों को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हमारे भोजन में अधिक से अधिक मात्रा में सभी प्रकार की सब्जियाॅं, फल, मेवे तथा अनाज शामिल होने चाहिए। …

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भोज्य पदार्थ किसे कहते है इसका वर्गीकरण

भोज्य पदार्थ वे सभी हैं जिन्हें हम भोजन के रूप में खाते हैं, जैसे- अनाज, दालें, मसालें, सब्जियाँ, फल, घी, दूध भोज्य पदार्थ कहते हैं इन सब भोज्य पदार्थों में हर पौष्टिक तत्व अलग-अलग मात्रा में होते हैं।  केवल एक या दो भोज्य पदार्थ भोजन को सन्तुलित नहीं बना सकते हैं। किसी एक भोज्य पदार्थ में सभी पौष्टिक तत्व …

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अंडे में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व

अंडे में सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व पाये जाते है। मुर्गी का अण्डा भोजन में लेते हैं। अंडे में 58% सफेद भाग होता है व 30% अंडे की ज़र्दी वाला भाग होता है। अंडे के सफेद भाग में एलब्यूमिन (प्रोटीन) तथा कैल्शियम होता है। अण्डा जितना ताजा होगा उतना यह पारदर्शी होगा। यह भाग पाचन योग्य …

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मुस्लिम विवाह की शर्तें, मुसलमान समाज में तलाक की प्रक्रिया

मुस्लिम सामाजिक संस्थाएं इस्लाम धर्म पर आधारित हैं। मुस्लिम विवाह ‘‘कुरान‘‘ से शासित होते हैं। ‘‘कुरान‘‘ मुहम्मद साहब के कलामों का संग्रह है। मुस्लिम विवाह एक सामाजिक समझौते के रुप में समझा जाता है। मुस्लिम विवाह कुछ उद्देश्यों की पूर्ति के लिये किया गया एक समझौता है। किसी भी समझौते में कम से कम दो पक्ष …

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कुमारगुप्त प्रथम कौन था उसका इतिहास

कुमारगुप्त प्रथम गुप्त वंश के महान शासकों की परम्परा का वाहक था। उसकी उपलब्धियाँ अपने पूर्वजों समुद्रगुप्त एवं चन्द्रगुप्त द्वितीय के बराबर तो नहीं थीं, तब भी उसने अपने पिता द्वारा दिया हुआ साम्राज्य को बनाये रखा। चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य की दो रानियाँ- कुबेरनागा एवं ध्रुवदेवी थी। कुबेरनागा से चन्द्रगुप्त द्वितीय को एक पुत्री हुई थी। …

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वर्धन वंश का संस्थापक कौन था ? वर्धन वंश के शासक

वर्धन वंश का संस्थापक पुष्यभूति को माना जाता है। बाणभट्ट ने हर्षचरित में ’पुष्पभूति’ को वर्धन वंश का संस्थापक बताया है। बाणभट्ट ने पुष्पभूति को भूपाल और राजा कहा है, जिससे उसके स्वतंत्र शासक के स्थान पर एक सामन्त होने को प्रमाणित करता है किन्तु हर्षवर्धन के अभिलेखों में पुष्यभूति (पुष्पभूति) का कोई उल्लेख नहीं है …

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संगीत में स्वर किसे कहते हैं और स्वर कितने प्रकार के होते हैं?

जो कान को मधुर लगती है तथा चित्त को प्रसन्न करती है। इस ध्वनि को संगीत की भाषा में ‘‘नाद’’ कहते हैं। इस आधार पर संगीत मे उपयोगी नाद को स्वर कहते है। संगीत में स्वर किसे कहते हैं संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतारचढाव आदि …

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