आयुर्वेद के आठ अंग
आयुर्वेद के आठ अंग प्रारम्भ में आयुर्वेद को आठ अंग में विभक्त किया – शल्य शालाक्य कायचिकित्सा भूतविद्या कौमारभृत्य अगदतन्त्र रसायनतन्त्र वाजीकरण तन्त्र 1. शल्यतन्त्र कई प्रकार के छाल, लकड़ी, पत्थर, धूल, धातु, मिट्टी, हड्डी, केश, नख, पूय आगन्तुक तथा आगन्तुक शल्यों के निकालने के लिये यंत्र-शस्त्र, क्षारकर्म, अग्निकर्म के प्रयोग के लिए कई प्रकार के …