उच्च रक्तचाप के लक्षण एवं कारण क्या है ?

उच्च रक्तचाप-आयु वर्ग विशेष के लिए मान्य अधिकतम रक्त-चाप से अधिक रक्त-चाप हो जाना उच्च रक्तचाप कहलाता हैं। उच्च रक्तचाप को हाइपरटेन्शन (Hypertension) तथा हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) अति रक्तदाब, रक्तभार वृद्धि, धमनी जरा रोग आदि नामों से भी जाना जाता हैं। जब तक शरीर की धमनियाँ और रक्त-नलिकाएँअपनी स्वाभाविक दशा में रहती हैं, …

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हृदय रोग के व्यक्ति में कौन – कौन से लक्षण पाये जाते हैं ?

हृदय-रक्त-संचरण क्रिया का यह सबसे मुख्य अंग है। यह नाशपाती के आकार का मांसपेशियों की एक थैली जैसा होता है। हाथ की मुट्ठी बाँधने पर जितनी बड़ी होती है, इसका आकार भी उतना ही बड़ा होता है। इसका निर्माण धारीदार एवं अनैच्छिक पेशी – ऊतकों द्वारा होता है। वक्षोस्थि से कुछ पीछे की ओर तथा बाँयें …

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खांसी रोग के लक्षण कारण सावधानियां व खांसी की आयुर्वेदिक दवा

खांसी एक सामान्य बीमारी है लेकिन यह तकलीफ बहुत देती है, इसे दूर करने के लिये बाजार में मिलने वाली दवायें आपको अनिन्द्रा बना सकती है, इसलिये आप कारगर कुछ घरेलू उपचार भी अपना सकते हैं। खांसी किसी भी समय हो सकती है, वैसे तो सर्दी, खांसी, सिर दर्द, जुकाम जैसे कुछ बीमारी होती है, लेकिन …

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जुकाम के लक्षणों के लिए 5 आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

नाक के रास्ते पतले कफ निकलने को जुकाम कहते हैं, उससे आंखें लाल गला खराब तथा सिर भारी रहता है, हम जो कुछ भी खाते हैं उसकी पाचन क्रिया पूरी होने के बाद बने रक्त का आक्सीजनीकरण होता है, नाक द्वारा पूरा आक्सीजन न मिलने से यह क्रिया पूरी नहीं होती और रक्त में आवश्यक गर्मी …

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दमा या अस्थमा के प्रमुख लक्षण व उनके प्रकार

दमे का दौरा सामान्यत यह अचानक आरम्भ होता है। परन्तु चेतावनी के रूप में उदासी आलस्य, निद्रा, अपच अत्यधिक मात्रा में नाक से कफ निकलना श्वास कस्ट पसीना छूटता है। दमे का आक्रमण दम (श्वास) फूलने के रूप में दिखाई देता है। इसमें सांस लेने वाली नलिकाओं के संकुचित होने और उसमें कफ जम जाने से …

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अपशिष्ट क्या है ? अपशिष्ट के स्रोत और अपशिष्ट से होने वाले नुकसान

किसी भी प्रक्रम के अन्त में  बचने वाला अनुपयोगी जो हमारे काम नहीं आता अपशिष्ट कहलाता है । कारखानों, कृषि घरों तथा दूसरे क्षेत्रों में जीवित प्राणियों द्वारा प्रयुक्त की गई वस्तुओं से अपशिष्ट उत्पन्न होता है। दिन प्रतिदिन कूडा-करकट के ढेर में वृद्धि हो रही है। शहरों के बाहर फेंका हुआ कूडा करकट प्रयोग में …

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मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार

जब किसी व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज (जो भी भोजन हम खाते हैं उससे शरीर में मिलकर शर्करा बनती है, जिसे हम ग्लूकोज कहते हैं।) की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है तो उस व्यक्ति को मधुमेह (शुगर) रोग से ग्रसित कहा जाता है। व्यक्ति के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 80-100 मिली ग्राम प्रति …

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संधिवात के लक्षण और इसके मुख्य कारण

शरीर के संधियों को मुख्यतः प्रभावित करने वाले इस रोग को आर्थराइटिस या संधिवात कहा जाता है। हमारे शरीर में अधिकांश संधियाॅं विशेष प्रकार से निर्मित होती है जिसे श्लेषक संधि कहते हैं। श्लेषक संधि में अस्थियों के दोनों सिरे, उपास्थियों अर्थात् कार्टिलेज से निर्मित होती है जो उनके किनारों को पूर्णरूपेण चिकना बनाये रखता है। …

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अल्सर के लक्षण और इसके मुख्य कारण

अल्सर रोग पाचन संस्थान से संबंधित है। अल्सर को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पेप्टिक अल्सर के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे उदर व्रण भी कहते हैं। आमाशय में लम्बे समय तक जलन या अति अम्लता या अम्लपित्त की स्थिति इस रोग को जन्म देता है। यह एक ऐसा रोग है जो प्रायः …

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साइटिका के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज

सायटिका स्नायु तंत्र से संबंधित एक गम्भीर रोग है। जिसमें शरीर की सबसे बड़ी स्नायु (सियाटिक नर्व ) मुख्य रूप से प्रभावित होता है। यह सियाटिक स्नायु कमर क्षेत्र से निकल कर नितंभ, जांघ तथा पैर की ओर संवेदना संवाहित करता है। यह स्नायु जांघ की पेशियों में विभाजित होकर घुटने, पिण्डली तथा पैर में पीछे …

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