ऋग्वेद का क्रम और रचना काल

संहिताओं में ऋग्वेद संहिता को सबसे प्राचीन माना गया है यज्ञ का जो कर्म सामवेद या यजुर्वेद द्वारा जो प्रतिपादित किया जाता है। वह पूर्णतया पुष्ट नहीं माना जाता, किन्तु यज्ञ के विषय में ऋग्वेद का जो प्रतिपादन है, वह दृढ़ या अकाट्य समझा जा सकता है। संहिता शब्द संकलन या संग्रह का बोधक है, ऋचाओं …

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ब्रजभाषा और खड़ी बोली में अंतर

ब्रजभाषा उत्तर प्रदेश की प्रमुख बोली है। यह पश्चिमी हिन्दी के अन्तर्गत परिगणित एक विभाषा या बोली है। इसकी उत्पत्ति शौरसैनी प्राकृत से हुई है।  इस प्रकार इस युग तक भाखा का आशय संस्कृति से भिन्न इतर भाषा थी। सम्भवत: जिसे मुस्लिमों द्वारा हिन्दी या हिन्दवी कहा जाता था उसे ही भारतीयों द्वारा भाखा कहा जाता …

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ब्रजभाषा का नामकरण और ब्रजभाषा की उपबोलियां

ब्रज भाषा में दो पद होते हैं ब्रज-एक क्षेत्र और भाषा-भाषा, हिंदी का एक प्रमुख बोली है जो उत्तरप्रदेश राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में, राजस्थान राज्य के पूर्वी भाग और राज्य के दक्षिणी भाग में बोली जाती है। हरियाणा  के इस बोली के बोलने वाले इस क्षेत्र के हैं 19वीं शताब्दी से पहले एक प्रमुख बोली …

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अप्रत्यक्ष कर क्या है अप्रत्यक्ष कर के गुण और दोष

अप्रत्यक्ष कर वे होते हैं जिनका भुगतान पहले तो उत्पादकों द्वारा किया जाता है किन्तु जिन्हें बाद में उपभोक्ताओं पर टाल दिया जाता है। जैसे आय-कर प्रत्यक्ष कर है। जबकि अप्रत्यक्ष कर में भिन्न-भिन्न व्यक्तियों पर पड़ता है, जैसे, बिक्री-कर अप्रत्यक्ष कर है। अप्रत्यक्ष कर के गुण 1. आज यह दृष्टिकोण है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के …

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मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 74 में केवल मंत्रिपरिषद की व्यवस्था है और केबिनेट का कोई वर्णन नहीं है। केबिनेट एक अतिरिक्त संवैधानिक संस्था है। यह मंत्रिपरिषद का एक भाग है जिसमें 15 से 20 तक उच्च स्तर के मंत्री ही शामिल होते हैं। इन मंत्रियों तक उच्च स्तर के मंत्री ही शामिल होते हैं। इन मंत्रियों को …

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सामाजिक परिवर्तन के चक्रीय सिद्धांत

सामाजिक परिवर्तन के संबंध में विद्वानों ने अपने-अपने सिद्धांत का उल्लेख किया है। इन सिद्धांतों को कई प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है। उद्वविकासवादी के प्रमुख प्रवर्तक हर्बर्ट स्पेन्सर हैं जिनके अनुसार सामाजिक परिवर्तन धीरे-धीरे, सरल से जटिल की और कुछ निश्चित स्तरों से गुजरता हुआ होता है। संरचनात्मक कार्यात्मक सिद्धांत के प्रवर्तकों में दुर्खीम, वेबर, …

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औद्योगिक संघर्ष के कारण

 यहॉं महत्वपूर्ण विषय है कि औद्योगिक संघर्ष होते ही क्यों हैं? इन औद्योगिक संघर्षों के मूल कारण क्या होते हैं?  औद्योगिक संघर्ष के कारण औद्योगिक संघर्षों के प्रमुख कारणों को निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है – पूॅंजीवाद औद्योगिक संघर्ष के आर्थिक कारण  औद्योगिक संघर्ष के प्रबंध सम्बन्धी कारक  औद्योगिक संघर्ष के सामाजिक कारक …

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संप्रेषण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, संप्रेषण प्रक्रिया के तत्व

संप्रेषण विचारों के आदान-प्रदान की ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है, उसके विचार समझ सकता है तथा दूसरे को अपने बारे में या अपने विचारों से अवगत करा सकता है। इस प्रकार, संप्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे एक व्यक्ति को किसी वक्ता के …

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पुस्तक समीक्षा क्या है पुस्तक समीक्षा का उद्देश्य क्या होता है ?

पुस्तक समीक्षा (book review) पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाली समीक्षाओं में प्रमुख स्थान रखती है। पुस्तक समीक्षा का उद्देश्य यह होता है कि उसे पढ़ कर पाठक को किसी लेखक की नयी कृति के बारे में जानकारी मिल सके। समीक्षा के जरिए ही पाठक को किताब को पढ़े बिना ही किताब के बारे में जानकारी मिल …

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यथार्थवाद क्या है? यथार्थवाद की विशेषताएं और प्रकार

यथार्थवाद कोई नई विचारधारा नहीं हे सृष्टि के आरम्भ से ही मानव अपने चारों ओर की वस्तुओं को देखकर उनमें विश्वास करता रहा है और यही यथार्थवादी विचारधारा की मूल पृष्ठभूमि है। प्रो. डी.एम. दत्त के अनुसार- ‘‘यथार्थवादी दृमिटकोण किसी भी प्रकार दर्शन में एक नवीन विचारधारा नहीं है। यथार्थवादियों के अनुसार यथार्थवाद मानव का मूल …

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