दलीय व्यवस्था का वर्गीकरण

आधुनिक समय में दल-व्यवस्थाओं का राजनीतिक समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। विश्व का शायद ही कोई ऐसा देश हो जहां दल नहीं है। विश्व के सभी देशों में किसी न किसी रूप में दलीय प्रणाली अवश्य विद्यमान है। राजनीतिक व्यवस्था के स्वरूप व संरचना तथा राजनीतिक दलों की प्रकृति, उद्देश्यों, संरचना आदि के आधार पर विश्व …

Read more

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मुख्य उद्देश्य

वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार हमारे देश के लगभग 70 प्रतिशत लोग गाँवों में निवास करते हैं। इसलिए स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि गाँवों में लोगों के लिए रोजगार जुटाए बिना भारत को विकसित नहीं किया जा सकता। यह सच है कि विश्व में भारत ऐसा पहला देश है कि जिसने ग्रामीण …

Read more

समकालीन कविता का लक्षण स्वरूप एवं स्थिति

समकालीन कविता प्रगतिशील रुझानों में जनवादी पक्षधरता के साथ मानवीय सौन्दर्यबोध में, सृजनात्मक चेतना के रूपान्तरण की कविता है। जो अपने दौर की काव्य सृजन में, विगत लगभग दो दशकों के ऐतिहासिक कालखण्ड में विकसित प्रगति विरोधी- प्रतिक्रियावादी कलाअतियों, अकवितावादियों का निषेध करती हुई मानवीय रागात्मकता की समग्रता एवं वर्गहीन समाज की आस्थाशील कविता हैं।] समकालीन …

Read more

दूध में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

प्रधान रूप से मधुर रस को दूध कहते हैं। प्राय: दूध मधुर रस वाला ही होता है। दूध सभी प्राणधारियों के लिये सात्म्य अर्थात् हितकारी है। समस्त दूध प्राय: मधुर रसयुक्त, स्निग्ध, शीत, पुष्टि देने वाले, बृंहण शरीर को बढ़ाने वाले, (वृण्य) वीर्यवर्धक, (मेध्य) बुद्धि के लिये हितकारी, (बल्य) शरीर को बल देने वाले, (मनस्कर) मन …

Read more

हाइकु क्या है ?

हाइकु क्या है ?  हाइकु मूलत: जापानी साहित्य की एक प्रमुख विधा है। आज हाइकु जापानी साहित्य की सीमाओं को लाँघकर विश्व साहित्य की निधि बन चुका है। आज हिन्दी साहित्य में हाइकु की चर्चा भरपूर हो रही है। हिन्दी में हाइकु जोर शोर से लिखे जा रहे हैं। निरन्तर हिन्दी हाइकु संकलन प्रकाशित हो रहे …

Read more

भारत की परमाणु नीति (दक्षिण एशिया में परमाणविक शक्ति संतुलन के विशेष सन्दर्भ में)

परमाणु हथियारों के विकास ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में चिन्तन को नई दिशा प्रदान की है। प्रत्येक राष्ट्र चाहे वह कितना भी महान हो, बिना परमाणु हथियारों के शक्तिशाली नहीं बन सकता है। इसी सोच ने राष्ट्रों को ‘शान्ति की दौड़’ के बजाय ‘हथियारों की होड़’ में लगा दिया। अपनी सुरक्षा चिन्ताओं के कारण भारत …

Read more

सिस्टर निवेदिता कौन थी, सिस्टर निवेदिता के शैक्षिक विचार

सिस्टर निवेदिता एक विदेशी महिला थी तथा भारत में वे स्वामी विवेकानन्द की शिष्या बनकर आयी थी । यहाँ आने पर वे भारतीय दर्शन से प्रभावित होकर पूर्णत: भारतीय सभ्यता व संस्कृति में रम गयी थी। वे एक महान शिक्षिका तथा समाज सुधारक थी। उन्होंने अपना सारा जीवन शिक्षा व छात्रों के लिए अर्पित कर दिया …

Read more

सामवेद के उपदेश और सामवेद की शिक्षाएं

चारों वेदों में सामवेद यद्यपि आकार की दृष्टि से सबसे छोटा है, फिर भी इसकी प्रतिष्ठा सर्वाधिक है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में कहा है कि ‘‘वेदानां सामवेदोऽस्मि’’। ऐसा सुनकर मन में यह भाव उदित होता है कि सामवेद में ऐसी कौन सी श्रेष्ठता और विशेषता है जिसके कारण भगवान ने इसको अपना विभूति बतलाया। …

Read more

बाल श्रम रोकने के उपाय एवं प्रयास

बाल श्रम की समाप्ति के लिए बाल श्रम से सम्बन्धित कानूनों को उचित ढंग से लागू करने की जरूरत है। इस संदर्भ में इस मुद्दे के प्रति संवेदनशीलता और उन्मुखता का होना बहुत महत्वपूर्ण है। सार्थक और कारगर ढंग से निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया गया कि निरीक्षण का काम अचानक किया जाना …

Read more

पंच तत्व क्या है | Panch tatva Kya Hai

हमारे शरीर के पांच तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश हैं। इस प्रकार यह स्थूल शरीर पंचतत्व से ही बना है तथा पंचमहाभूतों के विधिवत् उपयोग से बने आवरण में पाँच भौतिक तत्वों वाले प्राणी की क्षमताओं को विकसित करने की शक्ति अपने स्वत: स्फूर्त हो जाती है।  पंचतत्व के नाम 1. पृथ्वी पाँच तत्वों में …

Read more