प्रेस परिषद अधिनियम 1978 क्या है प्रेस परिषद के उद्देश्य क्या है?

भारत में अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता मौलिक अधिकार है तथा यहाँ पर प्रेस भी स्वतन्त्र है। ऐसे में विचारों की अभिव्यक्ति के लिये प्रेस एक महत्वपूर्ण व सशक्त माध्यम है। अभिव्यक्ति की स्वतन्ता के कारण अनेक अवसरों पर ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है जब इसका दुरुपयोग किसी व्यक्ति की मानहानि, झूठे दोषारोपण आदि के लिये …

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महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, रचनाएं, भाव पक्ष एवं कला पक्ष

छायावाद के कवियों में महादेवी वर्मा का नाम भी अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। महादेवी वर्मा को ‘आधुनिक मीरा’ की संज्ञा दी गई है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि काव्य क्षेत्र में उनका स्थान कितना ऊँचा है। श्रीमती महादेवी वर्मा का जन्म 1907 ई. में फरुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ। महादेवी वर्मा …

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राज्य के नीति निदेशक तत्व का वर्णन

  हमारे संविधान की एक प्रमुख विशेषता नीति निदेशक तत्व है। विश्व के अन्य देशों के संविधान में आयरलैंड के संविधान को छोड़कर अन्य किसी देष के संविधान में इस प्रकार के तत्व नहीं है। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने संविधान में केवल राज्य के संगठन की व्यवस्था एवं अधिकार पत्र का वर्णन ही नहीं किया …

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गजानन माधव मुक्तिबोध का जीवन परिचय, रचनाएँ, भावपक्ष, कलापक्ष

गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नबम्बर, 1917 में म.प्र. के शिवपुरी में हुआ था । इन्होंने बी.ए. तक अध्ययन प्राप्त किया । आर्थिक संकटों के बावजूद इन्होंने अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच एवं वैज्ञानिक उपन्यासों में विशेष रूचि ली । 11 सितम्बर 1964 में मृत्यु हुई । 13 नवंबर 1917 को ग्वालियर के मुरैना जिले में श्योपुर …

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भारतीय संविधान का निर्माण एवं विशेषताएं

भारत का संविधान एक संविधान सभा द्वारा निर्मित किया गया है। इस सभा का गठन 1946 में हुआ। भारतीय संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था, लेकिन इसके निर्माण की प्रक्रिया बहुत लंबी थी। भारतीय संविधान के स्रोत संविधान निर्माताओं ने विशेषकर ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, आयरलैण्ड तथा आस्ट्रेलिया की शासन प्रणालियों का अध्ययन …

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अलंकार के प्रकार एवं उदाहरण

अलंकार शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ‘आभूषण’ यानी गहने, किन्तु शब्द निर्माण के आधार पर अलंकार शब्द ‘अलम्’ और ‘कार’ दो शब्दों के योग से बना है। ‘अलम्’ का अर्थ है ‘शोभा’ तथा ‘कार’ का अर्थ हैं ‘करने वाला’। अर्थात् काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तथा उसके शब्दों एवं अर्थों की सुन्दरता में वृद्धि करके …

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जनसंचार के प्रमुख कार्य, प्रकृति एवं क्षेत्र

जनसंचार संचार का एक माध्यम हैं जिसके द्वारा कोई भी संदेश अनेक माध्यमों के द्वारा जन-समुदाय तक पहुंचाया जाता है। वर्तमान समय में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो जन-संचार माध्यम से न जुड़ा हो। सच पूछा जाय तो आज के मनुष्य का विकास जन-संचार के माध्यमों द्वारा ही हो रहा है। जन-समुदाय की आवश्यकताओं …

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय एवं रचनाएँ

हिन्दी साहित्य में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का नाम एक श्रेष्ठ रचनाकार के रूप में लिया जाता है। वे हिन्दी के महान गद्य लेखकों में से एक हैं। आचार्य द्विवेदी हिन्दी के सांस्कृतिक एवं ललित निबंधकार के रूप में जाने जाते हैं। हिन्दी और संस्कृत के महान विद्वान आचार्य द्विवेदी जी की ख्याति एक उपन्यासकार, …

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अतिसार रोग किसे कहते हैं अतिसार के मुख्य कारण क्या है?

अतिसार एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को बार-बार मल निष्कासन हेतु जाना आवश्यक हो जाता है। मल बिल्कुल पतला होकर निकलता है। अतिसार रोग रोगी को असहाय सा बना देता है। रोगी के शरीर में पानी, खनिज लवण और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। सामान्य रूप से सभी व्यक्ति इस बीमारी से …

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जीवन परिचय और रचनाएँ

आचार्य रामचंद्र शुक्ल आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1886 में हुआ। आचार्य शुक्ल हिंदी साहित्य के सर्वोत्कृष्ट गद्यकार हैं। उनका ’हिंदी साहित्य का इतिहास‘ अत्यंत प्रामाणिक ग्रंथ है। ’हिंदी शब्द सागर‘, ’भ्रमर गीत सार‘, ’जायसी ग्रंथावली‘, ’तुलसी साहित्य‘, आदि विविध ग्रंथों का उन्होंने संपादन किया।  हिंदी की सैद्धांतिक समीक्षा के मानदण्डों की स्थापना के संदर्भ …

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