कल्याण प्रशासन के प्रमुख क्षेत्र व वर्गीकरण

सामाजिक सेवाओं से सम्बन्धित विभिन्न समान अथ्री शब्दों जैसे सामाजिक प्रशासन, समाज सेवा प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा प्रशासन, कल्याण प्रशासन, लोक कल्याण प्रशासन, सामाजिक संस्था प्रशासन के कारण समाज कल्याण प्रशासन के वास्तविक अर्थ के सम्बन्ध भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, परन्तु वास्तव में समाज कल्याण प्रशासन उस क्रियाविधि को कहते है जिसके द्वारा सामाजिक संस्था …

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प्रतिस्पर्धा का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

प्रतिस्पर्धा में यद्यपि समान उद्देश्य होता है परन्तु सम्मिलित प्रयत्न नहीं होते हैं यदि होते भी है तो उसमें स्वार्थ की भावना अधिक होती है। जो व्यवहार उस समय होता है वह अर्थपूर्ण तथा नियोजित होता है। आन्तरिक घृणा तथा संघर्ष की स्थिति होती है। ‘हम भावना’ के स्थान पर ‘परभावना’ महत्वपूर्ण कार्य करती है। कभी-कभी …

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अवलोकन का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

अवलोकन का अर्थ अवलोकन का अर्थ अवलोकन शब्द अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘Observation’ का पर्यायवाची है। अवलोकन का अर्थ ‘देखना, प्रेक्षण, निरीक्षण। यह ‘Observe’ शब्द से बना है जिसका अर्थ ध्यान देना, परीक्षा करना, अनुष्ठान करना आदि। इसका सीधा अर्थ है आंखों से देखना।।  प्रो0 गडे एवं हॅाट के अनुसार विज्ञान निरीक्षण से प्रारम्भ होता है और फिर …

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मार्क्सवाद क्या हैं ? मार्क्सवाद कि मूल सिद्धांत क्या हैं ?

कार्ल मार्क्स मार्क्सवाद क्या है? जर्मन विचारक कार्ल मार्क्स के समाज, अर्थशास्त्र और राजनीति से संबंधित विचारों को सामूहिक रूप में मार्क्सवाद के नाम से जाना जाता है। मार्क्सवादी विचारधारा के जन्मदाता कार्ल मार्क्स 1818-1883. तथा फ्रेडरिक एन्जिल्स 1820-1895 . है। इन दोनों विचारको ने इतिहास समाजशास्त्र विज्ञान अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान की समस्याओ पर संयुक्त रूप से …

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मार्क्सवाद के सिद्धान्त – वर्ग संघर्ष, ऐतिहासिक भौतिकवाद

मार्क्सवाद को सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का श्रेय कार्ल मार्क्स व उसके सहयोगी एंजिल्स को जाता है। फ्रांसीसी विचारकों सेण्ट साईमन तथा चाल्र्स फोरियर ने जिस समाजवाद का प्रतिपादन किया था, वह काल्पनिक था। कार्ल मार्क्स ने अपनी पुस्तकों ‘Das Capital’ तथा ‘Comunist Manifesto’ के वैज्ञानिक समाजवाद का प्रतिपादन किया।  कार्ल मार्क्स के सिद्धांत कार्ल मार्क्स …

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वैज्ञानिक शोध का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

वैज्ञानिक शोध का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ जब किसी समस्या या प्रष्न को क्रमबद्ध एवं वस्तुनिष्ठ (Objective) ढ़ंग से सुलझाने का प्रयास किया जाता है तो इस क्रिया केा ही वैज्ञानिक शोध कहते हैं। करलिंगर ने शोध के अर्थ को स्पष्ट करते हुये कहा कि – ‘‘स्वभाविक घटनाओं का क्रमबद्ध, नियंत्रित आनुभाविक एवं आलोचनात्मक अनुसन्धान जो …

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जनसंपर्क का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, प्रमुख तत्व

जनसंपर्क का अर्थ है जनता से संपर्क। शाब्दिक रूप से जनसंपर्क दो शब्दों के मिलने से बना है ये शब्द ‘जन’ या ‘लोक’ तथा सम्पर्क, जिससे पता चलता है कि ‘जनता’ से सम्पर्क बनाए रखना ही इसका उदेश्य है।’’ जनसंपर्क की परिभाषा जनसंपर्क की परिभाषा अनेक विचारकों और लेखकों ने जनसंपर्क को अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषित …

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भारतीय विज्ञापन परिषद (advertising standards council of india) द्वारा निर्धारित आचार-संहिता में विस्तृत नियमावली

विज्ञापन कंपनियां विज्ञापन को आकर्षक बनाने की होड़ में क बार नैतिकता की सीमाओं का उल्लंघन करने लगती हैं। विज्ञापन में उत्तेजक और अश्लील दृश्य, अतिकल्पना, असत्य सूचनाओं, द्विअर्थी संवादों आदि का प्रयोग करते हुए उत्पाद को ऐसे आकर्षक, भ्रामक और मोहक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो उसकी वास्तविक प्रकृति से बिल्कुल भिन्न होता …

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प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 के तहत प्रमुख प्रावधान

समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, पुस्तक आदि के प्रकाशन में प्रेस यानि प्रिटिंग मशीन की प्रमुख भूमिका है। इसके साथ ही समाचार पत्र आदि के प्रकाशन में संपादक, प्रकाशक व मुद्रक की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि किसी पत्र पत्रिका में को अवांछित सामग्री प्रकाशित हो जाती है तो ऐसे में प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 के तहत …

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मन्नू भंडारी का जीवन परिचय || प्रमुख रचनाएं || साहित्यिक/काव्यगत विशेषताएं

मन्नू भंडारी का जीवन परिचय श्रीमती मन्नू भंडारी नए दौर के कहानीकारों में अग्रणी स्थान रखती है। जन्म 3 अप्रैल 1931 . को मानपुरा राजस्थान में हुआ था।  इनके पिता सुख सम्पतराय एक ख्यातिलब्ध विद्वान थे। उन्होंने ‘हिन्दी परिभाषिक कोश’ के साथ-साथ विश्वकोश का भी कार्य सम्पन्न किया । वे राजनैतिक रूप से कांग्रेसी थे जो …

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