अवसाद का अर्थ, लक्षण, प्रकार एवं कारण

मनोदशा विकृतियों में अवसाद एक प्रमुख रोग है। विषाद या अवसाद से आशय मनोदशा में उत्पन्न उदासी से होता है अथवा यह भी कहा जा सकता है कि अवसाद से तात्पर्य एक नैदानिक संलक्षण से है, जिसमें सांवेगिक अभिप्रेरणात्मक, व्यवहारात्मक, संज्ञानात्मक एवं दैहिक या शारीरिक लक्षणों का मिश्रित स्वरूप होता हे। इसे ‘‘ नैदानिक अवसाद’’ (clinical …

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ब्रांड (brand) का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएँ

ब्राण्ड कोर्इ भी व्यापारिक चिन्ह है जिसके माध्यम से किसी उत्पाद को सही तरीके से पहचाना जाता है और उपभोक्ताओं द्वारा जिसका वर्णन किया जा सकता है। अत: ब्राण्ड में ऐसी कोर्इ भी क्रिया एवं उपाय सम्मिलित है, जिससे उत्पाद की पहचान करवायी जाती है। इसमें वे शब्द, लेख या अंक सम्मिलित है, जिनका उच्चारण हो …

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निष्पादन बजटन का अर्थ एवं परिभाषा

निष्पादन बजटन व्यय एवं अर्जन अनुमानों को कार्यों, कार्यक्रमों क्रियाओं तथा परियोजनाओं के रूप में प्रस्ततीकरण करने तथा बजट में समविष्ट व्यक्तिगत मदों के भौतिक एवं वित्तीय पहलुओं को सम्बन्धित करने की एक तकनीक है। प्रो. घोष एवं गुप्ता के शब्दों में, “निष्पादन बजटन को कार्यों, कार्यक्रमों, गतिवििधों तथा परियोजनाओं के रूप में प्रस्तुत करने की …

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एक्यूपंक्चर के लाभ

एक्युपंक्चर चिकित्सा के लाभ हैं – इस प्रणाली के कोर्इ दुष्परिणाम नहीं हैं।  यह औषधि रहित चिकित्सा प्रणाली है।  इस पद्धति से रोगी की रक्षा व रोग की समाप्ति होती है।  यह कष्ट रहित चिकित्सा है।  यह कम खर्चीली चिकित्सा प्रणाली है।  यह चिकित्सा दूसरे अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ भी चल सकती है।  यह एक …

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ट्रेडमार्क (Trademark) क्या है ?

जब किसी नाम, अक्षर, चिन्ह, डिजायन या चित्र का कानून के अन्तर्गत पंजीयन करा लिया जाता है तो इसे ट्रेडमार्क या व्यापार चिन्ह कहा जाता है। पंजीयन के बाद ‘‘ट्रेडमार्क’’ का उपयोग केवल इस पर अधिकार रखने वाला व्यक्ति ही कर सकता है। विलियम जे. स्टेन्टन के अनुसार, ‘‘ट्रेडमार्क एक ब्राण्ड है, जिसे किसी विक्रेता द्वारा …

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सीमान्त लागत क्या है ?

वस्तु की एक अतिरिक्त इकार्इ निर्मित करने की लागत सीमान्त लागत है। सीमान्त लागत से आशय परिवर्तनशील लागतों अर्थात्, मूल लागत तथा परिवर्तनशील उपरिव्ययों के योग से है। प्रति इकार्इ सीमान्त लागत उत्पादन के किसी भी स्तर पर राशि में हुए परिवर्तन से है जिससे कुल लागत में परिवर्तन होता है, यदि उत्पादन मात्रा एक इकार्इ …

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स्वाध्याय चिकित्सा का अर्थ, प्रक्रिया एवं महत्व

कुछ लोग स्वाध्याय का अर्थ पुस्तकों का अध्ययन मात्र करना समझते हे, किन्तु इस प्रकार के अध्ययन को हम स्वाध्याय की संज्ञा नहीं दे सकते। स्वाध्याय की अवधारणा अत्यन्त व्यापक है। कुछ भी पढ़ लेने का नाम स्वाध्याय नहीं है, वरन् स्वाध्याय की सामग्री केवल वही ग्रन्थ, पुस्तक का विचार हो सकता है, जो किसी अध्यात्मवेदता …

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‘र्इ-कॉमर्स’ (E-commerce) क्या है ?

‘र्इ-कॉमर्स’ वस्तुत: एक वैश्विक, सृजनात्मक एवं प्रत्यक्ष वाहिका की स्थापना है ताकि प्रत्येक उस क्रेता के लिए वस्तुएँ-सेवाएँ उपलब्ध की जा सकें जो इस विचार एवं व्यवस्था को अपना कर क्रय करना चाहता है। अन्य शब्दों में, र्इ-कॉमर्स यह बाजार स्थान अथवा वितरण तंत्र है, जहाँ विपणनकर्त्ता सूचना प्रौद्योगिकी तथा नेटवर्क कंप्यूटिंग के जरिये व्यावसायिक संबंधों …

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जैव भू रसायन चक्र क्या है ?

अजैविक तत्वों के जैविक प्रावस्था में परिवर्तन तथा इनके अकार्बनिक या अजैविक रूप में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को जैव-भू-रसायन चक्र (Bio-Geo-Chemical Cycle) कहते हैं। पौधे अपनी वृद्धि के लिए सौर ऊर्जा जल व कार्बनडायऑक्साइड के अतिरिक्त मिटटी से भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र मैं भी अनेक खनिज प्राप्त करते हैं। पारिस्थितिक तंत्र …

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मनोरोग का अर्थ, परिभाषा

जिस प्रकार व्यक्ति विभिन्न प्रकार के शारीरिक रोगों से ग्रस्त रहता है, उसी प्रकार वह अनेक प्रकार के मनोरोगों से भी ग्रसित रहता है और ये मनोरोग शारीरिक रोगों की तुलना में व्यक्ति, परिवार तथा समाज के लिये अधिक कष्टकारी होते है। अब प्रश्न यह उठता है कि मनोरोग क्या है? व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य में …

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