भूकंप का अर्थ, परिभाषा एवं भूकंप के पूर्व संकेत

भूकम्प अत्यन्त विनाशक और विध्वंशकारी, प्राकृतिक आपदा है। इसका पुनर्वनुमान नहीं हो पाता है। क्योंकि इसमें कम समय में पृथ्वी के अन्तरिक भाग से अधिक मात्रा में उर्जा का निकास होता है और पृथ्वी की पपटी हिलने और कांपने लगती है जिससे जनजीवन का अधिक विनाश और हानि होती है। भूकम्प पृथ्वी का कंपन होते है। …

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विपणन वातावरण क्या है ?

वातावरण से आशय किसी संगठन के आस पास विद्यमान उन घटकों, शक्तियों से हैं जो संगठन को प्रभावित करते है लेकिन संगठन का उन पर किसी भी प्रकार का नियन्त्रण नहीं होता है विपणन वातावरण के अन्तर्गत आती है। कोटलर एवं आर्मस्ट्रांग –”एक संस्था के विपणन वातावरण में बाहर के वे सभी कारक एवं शक्तियां सम्मिलित …

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सामाजिक विकास क्या है ?

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह दूसरो के व्यवहार को प्रभावित करता है और उसके व्यवहार से प्रभावित होता है। इस परस्पर व्यवहार के व्यवस्थापन पर ही सामाजिक संबंध निर्भर होते हैं। इस परस्पर व्यवहार में रूचियों, अभिवश्त्तियों, आदतों आदि का बड़ा महत्व है। सामाजिक विकास में इन सभी का विकास सम्मिलित है। जब सामाजिक परिस्थिति …

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विपणन मिश्रण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकृति एवं तत्व

विपणन मिश्रण का अर्थ एवं परिभाषा सरल शब्दों में, विपणन मिश्रण विपणन के विभिन्न घटकों का समुचित मिश्रण है जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की इच्छाओं को सन्तुष्ट कर उपक्रम के विपणन उदेश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। प्रो. कोटलर के अनुसार – “विपणन मिश्रण उन विपणन औजारों का समूह है जिन्हें कोर्इ संस्था लक्ष्य बाजार में …

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शिक्षा मनोविज्ञान के सम्प्रदाय एवं इतिहास

“मनोविज्ञान का अतीत लम्बा है परन्तु इतिहास छोटा है।” मनोविज्ञान के तथ्यों की जानकारी पौराणिक ग्रीक दर्शनशास्त्र से मिलते है। लेकिन एक स्वतंत्र शाखा के रूप में 1879 र्इ0 में मनोविज्ञान की स्थापना हुर्इ। 1879 के बाद तथा बीसवी शताब्दी के प्रारम्भिक वर्षो में कर्इ मनोवैज्ञानिकों ने मनोविज्ञान की विषय-वस्तु तथा उसके अध्ययनविधि के बारे में …

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पूरक चिकित्सा क्या है ?

क्या आप जानते हैं कि पूरक चिकित्सा को दूसरे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है। जैसे-वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति, समग्र चिकित्सा पद्धति, पारम्परिक चिकित्सा पद्धति इत्यादि। आपकी जानकारी के लिये इस तथ्य को भी स्पष्ट कर देना अति आवश्यक है कि जब किसी रोगी को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारम्परिक चिकित्सा भी दी जाती है, तब …

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शिक्षा दर्शन का अर्थ, स्वरूप एवं आवश्यकता

साधारण अर्थ में शिक्षा पद्धति दर्शन की ही एक शाखा होती है जिसमें दार्शनिक सिद्धान्तों का प्रयोग शिक्षा के सम्बंध में होता है। शिक्षा दर्शन शिक्षा से सम्बंधित विचारों पर विचार करता है और उनके समाधान के लिये दार्शनिक अर्थात् चिन्तनपूर्ण एवं निर्णयात्मक दृष्टि से प्रयत्न करता है। कनिंघम महोदय ने शिक्षा दर्शन एवं दर्शन को …

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प्रबन्ध लेखांकन क्या है ?

शाब्दिक दृष्टिकोण से ‘प्रबन्धकीय लेखांकन’ शब्द से तात्पर्य है, प्रबन्ध के लिए लेखांकन। जब लेखांकन प्रबन्ध की आवश्यकताओं के लिए सभी सूचनाएं प्रदान करने की कला (Art) बन जाती है तो उसे प्रबन्धकी लेखांकन कहते हैं। इन्स्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स, इंग्लैंड – “प्रबन्धकीय लेखा-विधि से आशय लेखांकन के किसी भी ऐसे प्रारूप से है जिससे व्यवसाय …

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शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, प्रक्रिया, साधन एवं कार्य

अमरकोश में शिक्षा शब्द का प्रयोग णड्-वेदागों में से एक वेदांग के लिये प्रयुक्त हुआ है। उस समय शिक्षाशास्त्र का प्रयोजन वेदों की ऋचाओं का शुद्ध उच्चारण सिखाना था। शिक्षेत्यादि श्रुतेरंगमोंकारप्रणवौ समौ। इतिहास पुरावण्त्तमण्दात्ताद्यास्त्रय: स्वरा।। कदाचित उस युग में वेदों का पठन-पाठन ही शिक्षा का एक मात्र उद्देश्य रहा होगा, अत: ‘शिक्षा’ शब्द स्वरशास्त्र के लिये …

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वित्तीय विवरण विश्लेषण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विधि एवं तकनीक

फिने तथा मिलर के शब्दों में “वित्तीय विश्लेषण में निश्चित योजनाओं के आधार पर तथ्यों को विभाजित करने, परिस्थितियों के अनुसार, उसकी वर्ग रचना तथा सुविधाजनक सरल पठनीय एवं समझने लायक रूप में उन्हें प्रयुक्त करने की क्रियाएं सम्मिलित होती हैं।” स्पाइसर तथा पेगलर के अनुसार “लेखों के निर्वचन को वित्तीय समंकों को इस प्रकार अनुवाद …

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