नासिका (नाक) की संरचना एवं कार्य
नासा गुहा (Nasal cavity) की श्लेश्मा, तीन छोटी अस्थियों (Nasal conchae) द्वारा कर्इ कक्षों में बँट जाती है, जो नाक की बाहरी भित्ति से आरम्भ होते हैं। तीनों अस्थियों (Nasal conchae) के कारण इस स्थान पर तीन छोटे टीलों के समान उभार बन जाते हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र पर नेजल म्यूकस मेम्बे्रन बिछी रहती है, जो कॉल्यूमनर …