प्रथा का अर्थ एवं परिभाषा

समाज से मान्यता प्राप्त, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होने वाली सुव्यवस्थित, दृढ़ जनरीतियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाती हैं। प्रथा वास्तव में सामाजिक क्रिया करने की, स्थापित व मान्य विधि है; और लोग इसे इसलिए मानते हैं कि समाज के अधिकतर लोग उसी विधि के अनुसार बहुत दिनों से कार्य या व्यवहार करते आ रहे हैं। इस प्रकार ‘प्रथा’ ‘जनरीति’ …

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अफ्रीका का विभाजन

अफ्रीका का विशाल महाद्वीप 19वीं शताब्दी से पूर्व ‘अंध-महाद्वीप’ के नाम से जाना जाता था। यूरोप के अत्यंत समीप होने के बाद भी यूरोपवासी इसके संबंध में कोर्इ ज्ञान नहीं रखते थे और यदि कोर्इ देश अफ्रीका के संबंध में कुछ जानकारी रखते भी थे तो वह न के बराबर ही थी। इस समय तक लोग …

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कुपोषण से होने वाली बीमारियां

(1) क्वाशियोरकर-  यह रोग प्रोटीन नामक पोषक तत्वों की कमी से होता है। इसमें लक्षण दिखार्इ देते हैं। क्वाशियोरकर यह रोग प्राय: 1-5 वर्ष तक उम्र के बच्चों में पाया जाता है दूसरा बच्चा जन्म ले लेने के कारण पहले बच्चे को दूध अथवा प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ नहीं मिल पाते जिससे प्रोटीन की कमी हो …

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जर्मनी का एकीकरण

फ्रासं की क्रांति द्वारा उत्पन्न नवीन विचारों से जर्मनी प्रभावित हुआ था। नेपोलियन ने अपनी विजयों द्वारा विभिन्न जर्मन-राज्यों को राइर्न -संघ के अंतर्गत संगठित किया, जिससे जर्मन-राज्यों को एक साथ रहने का एहसास हुआ। इससे जर्मनी में एकता की भावना का प्रसार हुआ। यही कारण था कि जर्मन-राज्यों ने वियना-कांगे्रस के समक्ष उन्हें एक सूत्र …

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द्वितीय विश्व युद्ध – कारण, घटनाए एवं प्रभाव

द्वितीय विश्व-युद्ध के कारण लगभग बीस वर्षों की ‘शांति’ के बाद 1 सितम्बर, 1939 के दिन युद्ध की अग्नि ने फिर सारे यूरोप को अपनी लपटों में समेट लिया और कुछ ही दिनों में यह संघर्ष विश्वव्यापी हो गया। विगत दो शताब्दियों के इतिहास के अध्ययन के बाद यह प्रश्न स्वाभाविक है कि शांति स्थापित रखने …

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इटली का एकीकरण

नेपोलियन के युद्धों के कारण इटलीवासियों ने एकता की भावना का अनुभव किया और उन्होंने अपने देश को एक राश्ट्र के रूप में संगठित करने का निशचय किया। इसीलिए वहाँ राष्ट्रीयता और उदारवादी शक्तियों ने अनेक बार सिर उठाया, पर इन्हें कुचल दिया गया। रोम के प्राचीन गौरव का इतिहास लोगों को ज्ञात था। विद्या कला …

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रूस-जापान युद्ध (1905 र्इ.)

युद्ध के कारण रूस की विस्तारवादी नीति 1894-95 र्इ. के चीन-जापान युद्ध में विजय के फलस्वरूप चीन के मामले में जापान की रूचि अत्यधिक बढ़ गर्इ। उधर चीन की निर्बलता का पद्रर्शन हुआ, जिसने पश्चिमी देशों को चीन की लूट-खसोट की और पे्ररित किया। इस कार्य में सबसे अधिक अगस्र र रूस था, जो किसी-न-किसी बहाने …

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अमेरिका का गृह युद्ध

अमेरिका के उत्तरी एवं दक्षिणी भाग में रहने वाले लोगों के मध्य कर्इ बातों पर पारस्परिक मतभदे थे ओर इन्हीं मतभेदों के चलते इनके बीच 1861 र्इ. में जो संघर्ष हुआ, वह इतिहास में अमेरिका के गृह युद्ध के नाम से जाना जाता है। अब्राहम लिंकन जिस समय अमेरिका के राष्ट्रपति बने, उस समय अमेरिका की …

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चीन-जापान युद्ध (1894 र्इ.)

युद्ध के कारण कोरिया में जापान का स्वार्थ जापान ने अपने साम्राज्यवाद का मुख्य लक्ष्य चीन को बनाया और सर्वप्रथम कोरिया में उसने चीन के साथ अपनी शक्ति का प्रयोग किया। कोरिया अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से जापान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसलिए कोरिया प्रायद्वीप में जापान की बहुत रूचि …

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चार्टिस्ट आंदोलन

चार्टिस्ट-आंदोलन ग्रेट ब्रिटेन के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। रानी विक्टोरिया के शासन के प्रारंभिक वर्षों में वहाँ एक श्रमिक-आंदोलन हुआ, जिसे चार्टिस्ट-आंदोलन का नाम दिया गया। यह आर्थिक कठिनार्इयों पर आधारित एक राजनीतिक-आंदोलन था, जिसका अंतिम लक्ष्य समाज में परिवर्तन लाना था। देश में होने वाली औद्योगिक-क्रांति ने देश के सामाजिक और आर्थिक ढाँचे …

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