न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया

न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया एक स्वस्थ एवं निश्पक्ष न्यायपालिका का सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। जितने श्रेष्ठ व्यक्ति इस प्रक्रिया द्वारा चुने जायेगे उतना ही न्यायपालिका का स्तर बेहतर होगा। संविधान निर्माण के समय से ही इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ, जो अभी भी जारी है। न्यायाधीशों की निश्पक्षता न सिर्फ न्यायपालिका पर प्रभाव डालती …

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हिटलर का परिचय एवं नीति

एडोल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल, 1889 में आस्ट्रिया के एक गांव के सामान्य परिवार में हुआ था। उसके पिता चुंगी-विभाग में एक साधारण कर्मचारी थे। निर्धनता के कारण हिटलर विधिवत् रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सका। उसके पिता की यह आकांक्षा थी कि उसका पुत्र किसी सरकारी सेवा में स्थान ग्रहण करे किन्तु …

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नेपोलियन तृतीय की गृह नीति

लुर्इ नेपोलियन इस युग के यूरोपीय राजनीतिज्ञों में लुर्इ नेपोलियन सबसे अद्भुत था। उसके जीवन चरित्र तथा उसके साम्राज्य की कथा का उन्नसवीं शताब्दी के इतिहास में केन्द्रीय स्थान है। उसका जन्म 1808 में पेरिस में के राजमहल में हुआ था। उसका शैशव बड़े लाड़-प्यार ओर वैभव में बीता, परंतु जब 1815 में फ्रांस में बूर्बो-वंश की …

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न्यायपालिका की स्वतंत्रता

न्यायिक स्वतन्त्रता की उत्पत्ति न्यायालय की स्वतन्त्रता की संकल्पना इग्लैण्ड से ली गयी है। सन् 1616 में न्यायाधीश कोक को उनके पद से (किंग बेन्च के मुख्य न्यायाधीश) पदच्युत किया गया था। इस समय न्यायाधीश अपने पद को सम्राट के प्रसादपर्यन्त धारणा करते थे और सम्राट के अन्य कर्मचारियों के समान थे। वे सम्राट की इच्छा …

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मुसोलिनी का परिचय एवं नीति

फासीवाद के सिद्धातं के प्रणेता बेनिटो मुसोलिनी का जन्म एक लुहार परिवार में सन् 1883 में हुआ था। उसका पिता समाजवादी विचारधारा का समर्थक था, इसलिए मुसोलिनी भी अपने पिता के विचारों से प्रभावित हुआ था। उसकी माता अध्यापनकार्य करती थीं। उनकी प्रेरणा से मुसोलिनी ने भी एक छोटे स्कूल में अध्यापन प्रारंभ कर दिया। कालान्तर …

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क्रीमिया का युद्ध (1854 र्इ.-1856 र्इ.) के कारण एवं परिणाम

क्रीमिया युद्ध के कारण 1. नेपोलियन की महत्वाकांक्षा-  1848 र्इ. में नेपालेयन तृतीय ने फ्रासं के गणतंत्र का अंत करके अपने को सम्राट बना लिया। उसका विश्वास था कि वह अपनी शक्तिशाली विदेश नीति का अनुसरण करके किसी महान युद्ध में विजयी हो सकता था। इसका अवसर उसने पूर्वी समस्या में देखा जिसके संबंध में रूस और …

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न्यायिक सक्रियता

न्यायिक सक्रियता की उत्पत्ति प्रजातन्त्र के तीन प्रमुख स्तम्भों न्यायपालिका, विधायिका एवं कार्यपालिका में से जब विधायिका तथा कार्यपालिका स्वयं को प्रदत्त कार्यों को करने में शिथिलता प्रकट करें या असमर्थ हो जाये तो प्रजातंत्र के तीसरे स्तम्भ के रूप में न्यायापालिका इन कार्यों का संपादन करने हेतु आगे आती है। यही अवधारणा न्यायिक सक्रियता कहलाती …

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इटली में फासीवाद के उदय के कारण

1. इटली की जनता में असंतोष प्रथम विश्वयुद्ध प्रारंभ होने के समय इटली की सरकार ने तटस्थ रहने का निश्चय किया था, किन्तु कालान्तर में उसने अपनी नीति में परिवर्तन करके मित्रराष्ट्रों के पक्ष में युद्ध में भाग लिया। युद्ध में सम्मिलित होने से पूर्व सन् 1915 में इटली ने मित्रराष्ट्रों के साथ लंदन की संधि …

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नेपोलियन का इतिहास

1789 र्इ. में फ्रासं में क्रांति हुर्इ। इस क्रांति ने एक विश्व पुरूष को जन्म दिया जिसे नेपोलियन बोनापार्ट के नाम से जाना जाता है। नेपोलियन ने अपने साहस एवं कार्यों से फ्रांस के प्रधान सेनापति का पद प्राप्त किया। तत्पश्चत् वह डायरेक्ट्री के शासन में चयनित हुआ। तत्पश्चात् नेपोलियन के समर्थित सदस्यों ने डायरेक्ट्री शासन …

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संघवाद और भारतीय संविधान

शासन की शक्तियों का प्रयोग मूल रूप से एक स्थान से किया जाता है या कर्इ स्थानों से। इस आधार पर शासन-प्रणालियों के दो प्रकार हैं-एकात्मक शासन और संघात्मक शासन। जिस शासन-व्यवस्था में शासन की शक्ति एक केन्द्रीय सरकार में संकेन्द्रित होती है, उसे एकात्मक शासन कहते हैं। इसके विपरित जिस प्रणाली में शासन की शक्तियाँ …

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