नैराश्य का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, प्रभाव

व्यक्ति की बहुत इच्छायें और आवश्यकतायें होती है। व्यक्ति उनको सन्तुष्ट करने की कोशिश करता है। पर यह जरूरी नहीं है कि वह ऐसा करने में सफल ही हो। उसके रास्ते में रुकावट आ सकती हैं। वे रुकावट उसकी आशाओं को पूरी तरह से या अपूर्ण रूप से भंग कर सकती है। ऐसी दशा में वह नैराश्य का …

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संगीत में स्वर किसे कहते हैं और स्वर कितने प्रकार के होते हैं?

जो कान को मधुर लगती है तथा चित्त को प्रसन्न करती है। इस ध्वनि को संगीत की भाषा में ‘‘नाद’’ कहते हैं। इस आधार पर संगीत मे उपयोगी नाद को स्वर कहते है। संगीत में स्वर किसे कहते हैं संगीत में वह शब्द जिसका कोई निश्चित रूप हो और जिसकी कोमलता या तीव्रता अथवा उतारचढाव आदि …

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अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक संज्ञानात्मक का सिद्धांत

स्टैण्डफोर्ट के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक अल्बर्ट बंडूरा अपने सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धान्त जिस औपचारिक रूप से सामाजिक सीख का सिद्धान्त कहा जाता है, में दावा करते हैं कि मानव एक ज्ञानात्मक जीव है जिसकी सक्रिय सूचनात्मक प्रक्रिया उसके सीखने, व्यवहार तथा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बंडूरा कहते हैं कि मनुष्य के सीखने की प्रक्रिया चूहे के …

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अभिवृत्ति का निर्माण कैसे होता है?

अभिवृत्तियाँ आती कहाँ से हैं? क्या वे हमारे साथ पैदा होती हैं? जन्मजात होती हैं या अर्जित की जाती हैं? या क्या आप जीवन के एक लम्बे काल के दौरान अनुभवों से इसे सीखते हैं? ये प्रश्न, हमें इसके बारे में सोचने को बाध्य करते हैं। अभिवृत्ति की परिभाषा विविध विद्वानों ने अभिवृत्ति को परिभाषित किया …

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वर्धन वंश का संस्थापक कौन था ? वर्धन वंश के शासक

वर्धन वंश का संस्थापक पुष्यभूति को माना जाता है। बाणभट्ट ने हर्षचरित में ’पुष्पभूति’ को वर्धन वंश का संस्थापक बताया है। बाणभट्ट ने पुष्पभूति को भूपाल और राजा कहा है, जिससे उसके स्वतंत्र शासक के स्थान पर एक सामन्त होने को प्रमाणित करता है किन्तु हर्षवर्धन के अभिलेखों में पुष्यभूति (पुष्पभूति) का कोई उल्लेख नहीं है …

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जनसंपर्क के माध्यम या प्रमुख साधन क्या है?

जन-सम्पर्क अथवा लोक- सम्पर्क का एक सीधा सा अर्थ है जनता के साथ सम्पर्क। अगर यह सम्पर्क व्यक्तिगत रूप से प्रत्यक्ष हो तो बात कुछ ज्यादा प्रभावशाली बन जाती है। नये-नये वैज्ञानिक आविष्कारों से जन सम्पर्क स्थापित करने के लिए कई साधनों में  दिनों दिन बहुत वृद्धि हो रही है। अब जन-सम्पर्क के नये-नये और बहुत …

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पूर्वाग्रह क्या होता है ?

पूर्वाग्रह एक विशेष प्रकार की मन की स्वाभाविक स्थिति है, जिसमें किसी समूह या उसके सदस्य के प्रति नकारात्मक भाव होता है। एक किसी खास धर्म के लोगों के प्रति हमारी अलग सोच, महिलाओं के प्रति हमारा नजरिया, एक जाति के प्रति हमारा नकारात्मक देखने, सोचने-समझने का पहलू पूर्वाग्रह का ही उदाहरण है। पूर्वाग्रह में साधारणतया …

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कुमारगुप्त प्रथम कौन था उसका इतिहास

कुमारगुप्त प्रथम गुप्त वंश के महान शासकों की परम्परा का वाहक था। उसकी उपलब्धियाँ अपने पूर्वजों समुद्रगुप्त एवं चन्द्रगुप्त द्वितीय के बराबर तो नहीं थीं, तब भी उसने अपने पिता द्वारा दिया हुआ साम्राज्य को बनाये रखा। चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य की दो रानियाँ- कुबेरनागा एवं ध्रुवदेवी थी। कुबेरनागा से चन्द्रगुप्त द्वितीय को एक पुत्री हुई थी। …

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सांख्यिकी क्या है? अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, महत्व तथा उपयोगिता

सांख्यिकी वह प्रविधि या कार्य पद्धति है जिसको संख्यात्मक तथ्यों के संकलन या संग्रह, प्रस्तुतीकरण तथा विश्लेषण करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। सांख्यिकी द्वारा ऐसे परिणाम प्राप्त होते हैं जिनसे विभिन्न दशाओं के बीच कार्य और कारण के सम्बन्ध का स्पष्ट करके एक सामान्य निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। सांख्यिकी आँकड़ों एवं समंकों …

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गुणारोपण क्या है ? गुणारोपण के सिद्धांत

गुणारोपण से तात्पर्य दूसरों के व्यवहार के कारणों को जानना है। व्यक्ति ने एक खास तरह का व्यवहार ‘क्यों’ किया? उसके विशिष्ट या सामान्य व्यवहार का कारण क्या है? उसका स्थायी लक्षण और स्वभाव कैसा है? इन प्रश्नों की जानकारी प्रदान करने वाली प्रक्रिया गुणारोपण कहलाती है।  बैरन एवं बायर्न इसे और स्पष्ट करते हुए लिखते …

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