वस्तुनिष्ठ परीक्षण की विशेषताएं एवं सीमाएं

वस्तुनिष्ठ परीक्षण से तात्पर्य ऐसे परीक्षण से है जिसमें प्रश्नों के उत्तर के रूप में कुछ विकल्प दिये जाते हैं और उत्तरदाता को सही विकल्प का चयन उत्तर के रूप में करना होता है अथवा कथन में रिक्त स्थान दिया जाता है, इनकी पूर्ति कर वाक्य या कथन पूर्ण करना होता है अथवा निश्चित शब्द के …

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बिस्मार्क की औपनिवेशिक नीति

Otto von Bismarck (बिस्मार्क) ऑटो एडवर्ड लियोपोल्ड बिस्मार्क का जन्म 1815 ई. में ब्रेडनबगर् के एक कुलीन परिवार में हुआ था। बिस्मार्क की शिक्षा बर्लिन में हुई थी। 1862 ई. में वह पेरिस का राजदूत बनाकर भेजा गया। इन पदों पर रहकर वह अनेक लोगों के संपर्क में आया। उसे यूरोप की राजनीतिक स्थिति को भी समझने का …

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नेपोलियन के पतन के कारणों की विवेचना

नेपोलियन की गणना विश्व के महान विजेताओं में की जाती है। नेपोलियन अपने युग का यूरोप का समुद्रगुप्त था। नेपोलियन ने फ्रांस में अराजकता का दौर खत्म कर उसे व्यवस्था और स्थिरता प्रदान की। उसके समय फ्रांस ने वे सीमाएं प्राप्त की जिसे लुई चैदहवें जैसे सम्राटों ने भी प्राप्त नहीं की थी। फ्रांस में तो …

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स्वामी विवेकानंद का वेदांत दर्शन

स्वामी विवेकानन्द का जन्म १२ जनवरी १८६३ को कलकत्ता में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था। उनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकील थे। उनकी माता भुवनेश्वरी देवी अत्यन्त धर्मपरायण महिला थीं। बचपन से ही नरेन्द्र एक कुशाग्र बुद्धि एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के बालक थे। छात्र जीवन में उन्होंने विशेषकर …

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मंगोल कौन थे ? मंगोलो की पराजय के क्या कारण थे?

मंगोल जाति, मंगोलिया की बहादुर तथा लड़ाकू जाति थी। उन्होंने मध्य एशिया में आतंक मचा रखा था। मंगोलों ने मध्य एशिया के मुस्लिम राज्यों को छिन्न-भिन्न कर दिया और अफगानिस्तान, गजनी तथा पेशावर पर अधिकार कर लिया। उसके परिणामस्वरूप दिल्ली सल्तनत की पश्चिमी सीमाएं सुरक्षित नहीं रही। दिल्ली सुल्तानों के सामने पश्चिमी सीमा की सुरक्षा की …

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शरीर पर तेल की मालिश करने के फायदे

मालिश करने से तैल त्वचा, केश और नेत्रों के लिए हितकारी और खाने से त्वचा, केश और नेत्रों के लिए हानिकारक होता है। यूं मालिश के कई ढंग है पर वास्तविक मालिश तो तैल से ही होती है। तैल लगाने से शरीर की त्वचा पर इच्छानुसार हाथ चलाने और मसलने से सुविधा होती है और तैल …

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तिलसिट की संधि कब हुई थी ? तिलसिट की संधि का महत्व

8 जुलाई 1807 को नेपोलियन ने रूस के साथ तिलसिट की संधि की। संधि में नेपोलियन तथा जार ने पश्चिमी तथा पूर्वी यूरोप को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों के रूप में बांट लिया। तथा रूस से कोई हर्जाना नहीं लिया गया। रूस ने नेपोलियन द्वारा निर्मित नये राज्यों को स्वीकार कर लिया। एक गुप्त संधि के अनुसार …

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भक्ति आंदोलन के उदय के क्या कारण थे भारतीय समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?

भक्ति आन्दोलन का प्रारम्भ सर्वप्रथम दक्षिण भारत में हुआ और उसके उपरान्त यह आन्दोलन उत्तर भारत में शुरू हुआ। इसके उपरान्त धीरे-धीरे यह आन्दोलन सम्पूर्ण भारत में फैल गया। रामानुाचार्य के पश्चात् भक्ति आन्दोलन का विकास तीव्रगति से हुआ। और भारत के प्रायः सभी भागों में सन्तों की मधुर वाणी गुंजार उठी। पंजाब में गुरुनानक ने …

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गयासुद्दीन बलबन कौन था ? बलबन के बाद दिल्ली की गद्दी पर कौन बैठा?

गयासुद्दीन बलबन इलबरी तुर्क था। बचपन में मंगोलों ने पकड़कर इसे गुलाम के रूप में बेच दिया। अपनी योग्यता के बल पर बलबन उन्नति करता गया तथा इल्तुतमिश के ‘‘चालीसा’’ का सदस्य बनने में सफल हो गया। रनासिरूद्दीन की मृत्यु के बाद बलबन दिल्ली की गद्दी पर बैठा।  जिस समय बलबन गद्दी पर बैठा उसकी स्थिति …

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योग आसन क्या है, कितने प्रकार के होते हैं योगासन

आसन- आसन का अर्थ होता है – स्थिरता पूर्वक बैठना। आसनों का अभ्यास निरंतर करते रहने से शरीर में स्थिरता आती है। सम्पूर्ण शरीर को आरोग्यता प्राप्त होती है तथा शरीर हल्का हो जाता है क्योंकि शरीर में स्थित विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। आसन के प्रमुख उद्देश्य आसन का प्रमुख उद्देश्य व्यक्ति …

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