विचार विमर्श विधि क्या है? विचार विमर्श विधि के गुण और दोष

विद्यार्थी को निष्क्रिय बनने के स्थान पर सक्रिय बनाने के लिए क्रियात्मक शिक्षक विधियों में विचार विमर्श विधि है। विचार विमर्श विधि सामाजिक अध्ययन के अध्यापन में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। इसमें शिक्षक और छात्र आपस में विचार विमर्श एवं तर्क वितर्क के द्वारा सामाजिक अध्ययन की विषयवस्तु एवं समस्याओं के बारे में चर्चा करते हैं …

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आलेख किसे कहते हैं ?

आलेख से तात्पर्य उस लेख से है जिसमें किसी घटना, किसी विषय (आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक) पर संक्षिप्त शब्दावली के माध्यम से लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाता है। दूसरे शब्दो में किसी भी प्रयुक्त विषय शीर्षक पर अपने भाव अभिव्यक्ति की लेखन शैली आलेख का रूप धारण करती है। आलेख की आवश्यक बाते 1. आलेख …

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नए और पुराने राजनय में अंतर

राज्यों के मध्य राजनयिक सम्बन्ध अति प्राचीन काल से चले आ रहे हैं। ये उतने ही प्राचीन हैं जितने कि राज्य। यूनान, रोम व प्राचीन भारत में राजनयिक सम्बन्ध अति व्यापक थे तथा इन सम्बन्धों को निर्धारित करने वाले नियम भी प्रतिपादित किये जा चुके थे। पुराने राजनय का अर्थ प्राचीन कालीन राजनय से कदापि नहीं …

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अनुकरणीय शिक्षण की विशेषताएं

अनुकरणीय शिक्षण विधि का विकास संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलम्बिया विश्व विद्यालय में हुआ । कुक शैंक ने शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली के लिए इसका विकास किया। इसका प्रयोग छात्राध्यापकों के शिक्षण कौशल के प्रशिक्षण के लिए किया गया । कक्षा में शिक्षण कराने के पूर्व अनुकरणीय शिक्षक का अभ्यास कराया जाता है । इसमें छात्राध्यापक शिक्षक एवं …

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नाटक शिक्षण की विधियाँ, नाटक की किस विधि को अपनाया जाए ?

नाटक एक ऐसी अभिनय परक विद्या है जिसमें सम्पूर्ण मानव जीवन का रोचक एवं कुतुहल पूर्ण वर्णन होता है । यह एक दृश्य काव्य है । इसका आनन्द अभिनय देखकर लिया जाता है । नाट्यशास्त्र के एक विद्वान अभिनव भरत के शब्दों मेंः- ‘‘किसी प्रसिद्ध या कल्पित कथा के आधार पर नाट्यकार द्वारा रचित रचना के …

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वर्ण एवं वर्णमाला का अर्थ

वर्ण – वे मूल ध्वनियां वर्ण कहलाती हैं, जिनके खंड न हो सकें। जैसे, पुस्तक में- प्+उ+स्+त्+अ+क्+अ- इन सात ध्वनियों में किसी का भी खंड नहीं हो सकता, अतः ये वर्ण हैं। वर्णमाला – किसी भाषा के समस्त वर्ण-समूह को वर्णमाला कहा जाता है। हिंदी भाषा की वर्णमाला में जो वर्ण हैं, उन्हें स्वर और व्यंजन …

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शैक्षिक पर्यटन क्या है? शैक्षिक पर्यटन का अर्थ एवं परिभाषा

प्रो. रेन ने इस विधि का विकास किया। शिक्षण की विधियों में शैक्षिक पर्यटन विधि एक महत्वपूर्ण विधि है। इस विधि द्वारा शिक्षण का उद्देश्य उन परिस्थितियों को उत्पन्न करना है, जिनमें छात्र स्वयं सीखने का अनुभव कर सकें। शैक्षिक पर्यटन विधि में छात्रों को विषयवस्तु का वास्तविक ज्ञान उस स्थल पर जाकर कराया जाता है। …

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लोकतंत्र में शिक्षा के उद्देश्य एवं आवश्यकता

डयूवी ने लिखा है कि ‘‘लोकतंत्र केवल सरकार का रूप न होकर, उससे भी कुछ अधिक है। यह मुख्यत: सहयोगी जीवन और सम्मिलित रूप से किये गये अनुभव की विधि है।’’ इस प्रकार से यह निश्चित है कि शिक्षा लोगों को तैयार करे। शिक्षा को लोगों में सहजीवन व सहअस्तित्व की भावना विकसित करनी चाहिये। लोकतंत्र …

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कहानी शिक्षण की उपयोगिता, कहानी पढ़ाते समय शिक्षक को किन तत्वों का ध्यान रखना चाहिए ?

कहानी कथन से संबंधित है, अतः मानव ने जब से कुछ कहना प्रारम्भ किया होगा तभी से कहानी प्रारम्भ हो गयी होगी। यह प्राचीन विधा हैं। मानव-जीवन के किसी पहलू, घटना, भावना आदि को दूसरों के समझ प्रस्तुत करना ही कहानी को जन्म दिया होगा। पंचतंत्र, हितोपदेष, बैताल पचीसी सिंहासन बत्रीसी आदि जातक कथायेंप्रचलित हैं। कहानी …

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भाषा के विविध रूप

भावाभिव्यक्ति के संदर्भ में विश्व की सभी भाषाएं सामान्यतः समान होती है, क्योंकि सभी भाषाएं विचार-विनिमय के मुख्य साधन के रूप में प्रयुक्त होती है। मन के भावों और अभिव्यक्ति की भिन्नता के कारण भाषा में भिन्नता होती है। इसका कारण है – इतिहास, भूगोल, संस्कृति तथा प्रयोक्ता संबंधी भिन्नता।  भाषा के विविध रूप भाषा वैज्ञानिकों …

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