क्रिया विशेषण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं उदाहरण सहित ?

वे अविकारी या अव्यय शब्द, जो क्रिया की विशेषता बतलाते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।  परिभाषा – जो अविकारी शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। जैसे – जैसे – गीता तेज चलती है, वह धीरे-धीरे चलता है, वह जल्दी-जल्दी खाता है। इसमें तेज, धीरे-धीरे, जल्दी-जल्दी क्रिया विशेषण हैं। क्रिया विशेषण के …

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लाभ के सिद्धांत

राष्ट्रीय आय में से उद्यमी को मिलने वाला भाग लाभ कहलाता है। एक उद्यमी का मुख्य कार्य अनिश्चितता को सहन करना या जोखिम उठाना होता है। उद्यमी को इन कार्यों के बदले में जो आय प्राप्त होती है, उसे लाभ कहा जाता है। लाभ की परिभाषा अर्थशास्त्रियों ने लाभ शब्द की परिभाषा दो प्रकार से की हैः-  …

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व्यवहारवाद का शिक्षा में योगदान

बीसवीं शताब्दी के आरम्भ में संरचनावाद और प्रकार्यवाद का विरोध् होने के कारण व्यवहारवाद की स्थापना हुई। इसके पहले चेतना के तत्वों के अध्ययन पर बल दिया गया, जिसे कुछ मनोवैज्ञानिकों ने निरर्थक समझा और कहा कि चेतना का हमारे शरीर पर जो प्रभाव पड़ता है उसका अध्ययन सार्थक है। इसलिए चेतना की रचना के स्थान …

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मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार

जब किसी व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज (जो भी भोजन हम खाते हैं उससे शरीर में मिलकर शर्करा बनती है, जिसे हम ग्लूकोज कहते हैं।) की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है तो उस व्यक्ति को मधुमेह (शुगर) रोग से ग्रसित कहा जाता है। व्यक्ति के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 80-100 मिली ग्राम प्रति …

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क्रिया किसे कहते हैं और इसके कितने भेद हैं?

वे शब्द, जिनके द्वारा किसी कार्य का करना या होना पाया जाता है, उन्हें क्रिया पद कहते हैं। संस्कृत में क्रिया रूप को धातु कहते हैं, हिन्दी में उन्हीं के साथ ‘ना’ लग जाता है जैसे लिख से लिखना, हँस से हँसना।  क्रिया की परिभाषा – जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का …

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ब्याज किसे कहते हैं || ब्याज का प्रतिष्ठित सिद्धांत || ब्याज की परिभाषा

साधारणतया पूंजी के सेवाओं के लिए किए जाने वाले भुगतान को ब्याज कहा जाता है परन्तु अर्थशास्त्र में पूंजी शब्द का प्रयोग कई अर्थों में किया जाता है। पूंजी शब्द का प्रयोग मशीनों, इमारत, कारखानों तथा नकद पूंजी के लिए किया जाता है। पूंजी की इन सभी विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए किया जाने वाला …

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प्रकार्यवाद का शिक्षा में योगदान

प्रकार्यवाद इस विचारधारा का विकास अमेरिका में (1842-1910) हुआ। इसका विकास संरचनावादी सम्प्रदाय की प्रतिक्रिया स्वरूप हुआ। इस विचारधारा पर डारविन के विकासवादी सिद्धन्त का प्रभाव है। प्रकार्यवाद को वास्तविक स्वरूप जाॅन डीवी और रोनेल्ड एंजिल ने दिया। इसकी दार्शनिक पृष्ठभूमि प्रयोजनवाद है। इस वाद का आधार क्यों और कैसे है?  इस सम्बन्ध् में वुडवर्थ महोदय …

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अपशिष्ट क्या है ? अपशिष्ट के स्रोत और अपशिष्ट से होने वाले नुकसान

किसी भी प्रक्रम के अन्त में  बचने वाला अनुपयोगी जो हमारे काम नहीं आता अपशिष्ट कहलाता है । कारखानों, कृषि घरों तथा दूसरे क्षेत्रों में जीवित प्राणियों द्वारा प्रयुक्त की गई वस्तुओं से अपशिष्ट उत्पन्न होता है। दिन प्रतिदिन कूडा-करकट के ढेर में वृद्धि हो रही है। शहरों के बाहर फेंका हुआ कूडा करकट प्रयोग में …

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विशेषण किसे कहते हैं इसके कितने भेद हैं ?

विशेषण वो शब्द या शब्दों का समूह (उपवाक्य) होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषण बताते हैं या फिर उस संज्ञा या सर्वनाम के बारे में कुछ अतिरिक्त सूचना देते हैं। ये भी कह सकते हैं कि विशेषण किसी संज्ञा या सर्वनाम का वर्णन करते हैं। विशेषण किसे कहते हैं वे शब्द, जो किसी संज्ञा …

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लगान के प्रकार

लगान के प्रकार लगान के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैंः आर्थिक लगान केवल भूमि के प्रयोग के लिए किया जाने वाला भुगतान आर्थिक लगान कहलाता है। अर्थशास्त्र में लगान शब्द का प्रयोग आर्थिक लगान के लिए ही किया जाता है। अतएव रिकार्डों तथा दूसरे परम्परावादी अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ‘‘आर्थिक लगान वह लगान है जो केवल भूमि की …

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