रोम का इतिहास, रोमन गणतंत्र की स्थापना और सैन्य विस्तार

रोम का आरंभिक इतिहास काफी अपर्याप्त ओर बिखरा हुआ है ओर ज्यादातर किंवदतियों पर आधारित हे। परंतु हमारा मुख्य स्त्रोत इतिहासकार लेवी (64.17 बी सी ई) हैं जिन्होंने रोम का इतिहास उसकी बुनियाद से लेकर अपने तत्कालीन काल तक लिखा। आरंभिक रोमन मुख्य रूप से एक पशुपालक समुदाय के लोग थे, जो मवेशी, सुअर, बकरी ओर …

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यथार्थवाद क्या है? यथार्थवाद की विशेषताएं और प्रकार

यथार्थवाद कोई नई विचारधारा नहीं हे सृष्टि के आरम्भ से ही मानव अपने चारों ओर की वस्तुओं को देखकर उनमें विश्वास करता रहा है और यही यथार्थवादी विचारधारा की मूल पृष्ठभूमि है। प्रो. डी.एम. दत्त के अनुसार- ‘‘यथार्थवादी दृमिटकोण किसी भी प्रकार दर्शन में एक नवीन विचारधारा नहीं है। यथार्थवादियों के अनुसार यथार्थवाद मानव का मूल …

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मानव का क्रमिक विकास

मानव का क्रमिक विकास मानव के सबसे नजदीकी पूर्वजों के क्रमिक विकास को दो श्रेणी में विभाजित किया जा सकता हैः  होमो-पूर्व और  होमो प्रजाति का क्रमिक विकास 1. होमो-पूर्व यह वर्ग होमिनिड के जीवाश्म साक्ष्यों से वर्गीकृत किया गया है जो मानव के नजदीकी सादृश्य तो हैं, लेकिन यह वानर से अधिक समीप्य हैं। ड्रियोपिथिकस …

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Testosterone टेस्टोस्टेरोन हार्मोन क्या है? कम टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लक्षण क्या हैं?

Testosterone टेस्टोस्टेरोन पुरुष सेक्स हार्मोन है। यह अंडकोश में बनता है। हार्मोन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। Testosterone टेस्टोस्टेरोन निम्न के लिए आवश्यक हैः  सामान्य पुरुष यौन विकास और कार्य  बढ़ते लड़कों में चेहरे के बाल और गहरी आवाज विकसित करने के लिए  मांसपेशियों की ताकत  पुरुष शुक्राणु बनाने के लिए  पुरुष सेक्स …

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पुस्तक समीक्षा क्या है पुस्तक समीक्षा का उद्देश्य क्या होता है ?

पुस्तक समीक्षा (book review) पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाली समीक्षाओं में प्रमुख स्थान रखती है। पुस्तक समीक्षा का उद्देश्य यह होता है कि उसे पढ़ कर पाठक को किसी लेखक की नयी कृति के बारे में जानकारी मिल सके। समीक्षा के जरिए ही पाठक को किताब को पढ़े बिना ही किताब के बारे में जानकारी मिल …

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व्यक्तित्व मापन की विधियां या परीक्षण

व्यक्तित्व मापन की विधियों से तात्पर्य एक ऐसे परीक्षण, यन्त्र या विधि से है, जिसके द्वारा व्यक्तित्व शीलगुणों का मूल्यांकन किया जाता है। मनोवैज्ञानिकों के मतानुसार व्यक्तित्व को उन गुणों या लक्षणों का समूह कहा गया है जिनके कारण विभिन्न व्यक्तियों में भिन्नता दिखाई देती है।  आधुनिक शिक्षा में व्यक्तिगत विभिन्नता को विशेष महत्व दिया जाता …

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वाक्य में पदों का क्रम

वाक्य में पदक्रम एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व हैं संस्कृत जैसे श्लिष्ट योगात्मक भाषाओं में पदक्रम इतना महत्त्वपूर्ण नहीं क्योंकि शब्द के साथ जुड़ी हुई विभक्ति सर्वत्रा अपना वही अर्थ देगी चाहे उस पद को किसी भी स्थान पर रख दें। जैसे रामः पुस्तकं पठति वाक्य में पदों के स्थान बदलने से उनके अर्थ में कोई अन्तर नहीं …

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काल किसे कहते हैं (परिभाषा, भेद और उदाहरण)

काल व्याकरण में क्रिया के होने वाले समय को काल कहते हैं। काल के सामान्यतया तीन भेद किए जाते हैं-1. वर्तमान, 2. भूत, 3. भविष्यत्। इसका आधार हैकार्य की निष्पत्ति के होने का समय। यदि घटना अब की है तो वर्तमान काल, पहले की है तो भूतकाल, आगे होने वाली हो तो भविष्यकाल। काल के लिए …

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शाब्दिक और अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण में अंतर

बुद्धि का मापन करने के लिए अनेक मनोवैज्ञानिकों ने अनेक बुद्धि-परीक्षण बनाए हैं। बुद्धि-परीक्षण के इतिहास के अध्ययन से ज्ञात होता है कि बिने के पूर्व भी अनेक बुद्धि-परीक्षण तैयार किये गये थे जिनमें कैन्टल का बुद्धि-परीक्षण भी था। किन्तु बिने ने साइमन की सहायता से 1905 में एक बुद्धि-परीक्षण तैयार किया, जिसका एक वैज्ञानिक आधार …

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डिप्रेशन (अवसाद) के कारण और लक्षण

अवसाद एक प्रमुख रोग है। विषाद या अवसाद से आशय मनोदशा में उत्पन्न उदासी से होता है अथवा यह भी कहा जा सकता है कि अवसाद से तात्पर्य एक नैदानिक संलक्षण से है, जिसमें सांवेगिक अभिप्रेरणात्मक, व्यवहारात्मक, संज्ञानात्मक एवं दैहिक या शारीरिक लक्षणों का मिश्रित स्वरूप होता हे।  इसे ‘‘ नैदानिक अवसाद’’ (clinical Depression) की संज्ञा …

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