रिपोर्ताज किसे कहते हैं? – अर्थ, परिभाषा

यह गद्य में लेखन की एक विशिष्ट शैली है। रिपोर्ताज से आशय इस तरह की रचनाओं से है जो पाठकों को किसी स्थान, समारोह, प्रतियोगिता, आयोजन अथवा किसी विशेष अवसर का सजीव अनुभव कराती हैं। गद्य में पद्य की सी तरलता और प्रवाह रिपोर्ताज की विशेषता है। अच्छा रिपोर्ताज वह है जो पाठक को विषय की …

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एडम स्मिथ के आर्थिक विकास सिद्धांत की व्याख्या, मुख्य बाते, आलोचनाएं

प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों द्धारा अर्थव्यवस्था का अत्यन्त सरल रूप में क्रमबद्ध ढंग से विवेचन किया गया है। उनका प्रमुख ध्येय आर्थिक नीति निर्धारण के लिए ऐसे मार्ग का निर्धारण करना जिनसे राष्ट्रों की सम्पत्ति को बढाया जा सके। प्रतिष्ठित सम्प्रदाय के अर्थशास्त्री एडम स्मिथ डेविड रिकार्डो द्वारा प्रस्तुत आर्थिक विकास से सम्बन्धित विचारों में बहुत सीमा तक …

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पत्र लेखन के कितने प्रकार होते हैं ?

पत्र के माध्यम से हम अपने विचार दूसरे व्यक्ति तक पहुँचा देते हैं। पत्र-लेखन से अपना संदेश, अपना मंतव्य, अपना समाचार दूसरे व्यक्ति के पास तक पहुँचते हैं। पत्र के माध्यम से जहां संदेश/समाचार मिलता है, वही उस सामग्री में झाँक कर उसके लेखक के व्यक्तित्व को समझने में सहायता मिलती है। पत्र से तात्पर्य पत्र सम्प्रेषण का …

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आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? नागरिकों को ये आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं

आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं? लोकतंत्रीय राज्य में नागरिकों को आर्थिक विकास के लिए आर्थिक अधिकार भी प्राप्त होते हैं। नागरिकों को प्राय: निम्नलिखित आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं-  1. काम पाने का अधिकार: काम करने का अधिकार से अभिप्राय यह है कि नागरिक वैतनिक काम करने की माँग करते हैं। राज्य का कर्तव्य है कि …

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निबंध का अर्थ, परिभाषा, उद्भव और विकास

साहित्य की प्रमुख दो विधाएँ ‘गद्य-पद्य’ हैं। गद्य आधुनिक काल की प्रमुख देन है। गद्य की अनेक विधाओं में निबंध विशेष विधा है। मुद्रण कला के विकास ने पत्र-पत्रिकाओं के प्रचार-प्रसार को अत्यधिक बढ़ा दिया जिसके परिणामस्वरूप निबंध की लोकप्रियता एवं वैविध्य में वृद्धि होती गई। उन्नीसवीं सदी के छठे दशक में भारतेंदु युग में निबंध …

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आर्थिक और अनार्थिक क्रिया में अंतर

जब हम अपने आसपास ध्यान देते हैं तो देखते हैं कि ज्यादातर लोग किसी न किसी काम में संलग्न हैं। अध्यापक विद्यालयों में पढ़ाते हैं, किसान खेतों में काम करते हैं, मजदूर कारखानों में काम करते हैं, चालक गाड़ियाँ चलाते हैं, दुकानदार सामान बेचते हैं, चिकित्सक रोगियों को देखते हैं आदि। इस तरह बारहों महीने हर …

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ठुमरी शैली की उत्पत्ति एवं विकास

ठुमरी की उत्पत्ति तीन चार सौ वर्ष पूर्व भारतीय संगीत में ध्रुपद गायन का प्रचार था। परिस्थितिवश ख्याल गायन का प्रादुर्भाव हुआ। धीरे-धीरे ध्रुपद का स्थान ख्याल ने ले लिया। मनुष्यों के बदलती हुई भावनाओं और विचार के परिवर्तन के कारण ख्याल के पश्चात क्रमश: टप्पा, ठुमरी, भावगीत, फिल्मी गीत प्रचलित हुआ। राग की शुद्धता व …

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राष्ट्र क्या है राष्ट्रीयता के विविध तत्व क्या हैं?

राष्ट्र उस राज्य को कहते हैं, जिसके निवासियों में परस्पर एक होने की अनुभूति हो, जिनमें राष्ट्रीयता की भावना विद्यमान हों। राज्य ऐसा भी हो सकता है, जिसमें अनेक प्रकार के लोगों का निवास हो। 1914-18 के महायुद्ध से पूर्व आस्ट्रिया-हंगरी के राज्य में आस्ट्रियन, हंगेरियन, चेक, स्लोवक, स्लाव आदि अनेक जातियों व जन-समूहों का निवास …

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हिंदी का प्रथम संस्मरण और हिंदी संस्मरण का विकास

हिंदी साहित्य में संस्मरणों का अभाव नहीं है। हिंदी संस्मरण के विकास में सरस्वती, सुधा, माधुरी, चांद तथा विशाल भारत आदि पत्रिकाओं का विशेष योगदान है। हिंदी का प्रथम संस्मरण सन् 1907 ई. में बाबू बाल मुकुंद गुप्त ने पं. प्रतापनारायण मिश्र एक संस्मरण लिखा जिसे हिंदी का प्रथम संस्मरण स्वीकारा गया। कुछ आलोचकों का कहना …

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आपातकाल क्या है और आपातकाल के प्रकार

आपातकाल वह है जब कार्यपालिका किसी राजनीतिक व्यवस्था में व्यक्तियों की स्वतंत्रता के अधिकार पर प्रतिबंध लगाती है। भारत में, इस प्रकार के प्रतिबंध संविधान के प्रावधान के तहत लगाये जाते है। जिन्हें हम आपातकालीन प्रावधान कहते हैं। आपातकाल कुछ गंभीर परिस्थितियों में लगाया जाता है। जैसे – युद्ध, बाहरी आक्रमण, आंतरिक उथल-पुथल, सैनिक विद्रोह या …

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