सामाजिक समूह की परिभाषा उसका अर्थ और विशेषताएँ

सामाजिक समूह की अवधारणा का अंतर हमें इससे मिलती-जुलती दो और धारणाओं से करना चाहिए। ये धारणाएँ है : (1) समुच्चय, और (2) सामाजिक कोटियाँ। समुच्चय और सामाजिक कोटियाँ निश्चित रूप से व्यक्तियों का जोड़ है। सामाजिक समूह की परिभाषा  सामाजिक समूह न तो अनेक व्यक्तियों का समुच्चय है और न ही यह एक सामाजिक कोटि …

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पर्यावरण विश्लेषण क्या है? प्रक्रिया और इसके लाभ

वातावरण के विश्लेषण से हमें मौजूदा वातावरण तथा इसमें होने वाले हर सम्भव परिवर्तनों को समझने में सहायता मिलती है। वर्तमान वातावरण को जानने के साथ-साथ भावी स्थिति का अनुमान भी लगाना पड़ता है। इससे भावी रणनीति को तैयार करने में मदद मिलती है। संक्षेप में कहा जा सकता है कि वातावरण के अध्ययन से लाभ …

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द्वितीयक समूह का अर्थ एवं परिभाषा

एन्थेनी गिडेन्स ने आज के समाज में द्वितीयक समूह के महत्व को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उनका कहना है कि हमारा दैनिक जीवन – सुबह से लेकर शाम तक – द्वितीयक समूहों के बीच में गुजरता है। एक तरह से हमारी श्वास दर श्वास द्वितीयक समूहों के सदस्यों के साथ निकलती है। सही है गिडेन्स के …

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आपदा क्या है इसके प्रकार || आपदाओं के घटने के कई विवर्तनिक तथा मानवजनित कारण

आपदा का अर्थ है विपत्ति, मुसीबत या कठिनाई। आपदा को अंग्रेजी में Disaster कहते हैं। डिजास्टर शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। डेस अर्थात बुरा या अशुभ और ऐस्ट्रो का मतलब स्टार या नक्षत्र। पुराने जमाने में किसी विपत्ति, मुसीबत और कष्ट का कारण बुरा नक्षत्रों का प्रकोप माना जाता था। वर्तमान में आपदा का …

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सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत (सामाजिक डार्विनवादी, चक्रीय सिद्धांत, पारसंस का उद्विकास सिद्धांत)

सामाजिक परिवर्तन की व्याख्या समाजशास्त्रियों ने कतिपय सिद्धांतों के संदर्भ में की है। महत्वपूर्ण बात यह है कि सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को हम किस उपागम से देखते है। यह उपागम ही सामाजिक परिवर्तन का सिद्धांत है। उदाहरण के लिये इतिहासकार टोयनबी या समाशास्त्री सोरोकनी जब सामाजिक परिवर्तन की व्याख्या करते है तो उन्हें लगता है …

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हिमस्खलन किसे कहते हैं हिमस्खलन के प्रकार?

हिमखण्ड के पर्वतीय ढाल के सहारे नीचे सरकने की घटना को हिमस्खलन कहते हैं। यह घटना भूस्खलन के समान ही होती है परन्तु इसमें मिट्टी एवं शैल की अपेक्षा हिमखण्ड सरककर नीचे आ जाते हैं। ऊँचे पर्वतीय ढलानों के सहारे जैसे ही हिमखण्ड नीचे आते हैं तो इनकी गति अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती हैं, जिस …

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सामाजिक परिवर्तन की कुछ सामान्य विशेषताओं का उल्लेख

मनुष्य को इस धरती पर रहते हुए कोई 5 लाख से अधिक वर्ष हो गये है। कृषि और आवास उसके जीवन के साथ कोई 10-12 हजार वर्ष हजार वर्ष पहले जुड़े है। इतिहासकारों की अटकल है कि दुनिया में सभ्यता का सूत्रपात कोई 6 हजार वर्ष से अधिक पुराना नहीं हैं। आज जब सामाजिक परिवर्तन का …

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सामाजिक वर्ग किसे कहते हैं सामाजिक वर्ग की कुछ परिभाषा दी गई है

सामाजिक वर्ग किसी समाज में निश्चित रूप से समान सामाजिक प्रतिष्ठा वाले लोगों को एकत्रित स्वरूप को कहते है। यह समुदाय का एक भाग अथवा ऐसे लोगों का एकत्रण है। जिनका आपस में एक दूसरे के साथ समानता का सम्बन्ध या व्यवहार होता है और जो समाज के अन्य भागों से मान्यता और स्वीकृत प्राप्त ऊँच-नीच …

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जाति का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य या लाभ, कुप्रभाव, दोष

समाज में अनेक प्रकार की जातियाँ होती है। जाति या वर्ण के चार प्रकार होते है (1) ब्राह्मण (2) क्षत्रिय (3) वैश्य (4) शूद्र। यह समाज चार वर्णो में बटा हुआ है सभी वर्ग के लोग अपनी जाति के अनुसार कार्य करते है। जाति शब्द की उत्पत्ति जाति शब्द ‘Spanish word ‘Casta’ से लिया गया है …

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नातेदारी का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, श्रेणियाँ

मानव का जन्म परिवार में होता है, यहीं से उसका पालन-पोषण प्रारम्भ होता है। समाजीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्ति परिवार से निरन्तर कुछ ना कुछ सीखता ही रहता है। परिवार में ही उसे अपने रीति-रिवाज, परम्पराओं एंव रूढि़यांे की शिक्षा मिलती है। परिवार के सदस्य ही मानव के विचारों, मूल्यों, जीवन के ढंगांे ,भावनाओं …

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