आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय || Aadi shankaracharya ka jivan parichay

आदि शंकराचार्य का जन्म केरल के कालरी गांव में सन् 684 ई. में हुआ था, उनके पिता का नाम शिवगुरू तथा माता का नाम सती था। शंकराचार्य ने बाल्यकाल से ही सन्यास ले लिया था और वेदान्त की शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे महात्मा गोविन्दाचार्य के पास चले गए थे। शिक्षा प्राप्त करने के बाद …

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महमूद गजनबी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों के उद्देश्य

महमूद गजनवी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों के उद्देश्य महमूद गजनबी और मुहम्मद गोरी के भारत आक्रमणों के उद्देश्य भिन्न थे । महमूद गजनबी का भारत में राज्य स्थापित करने का कोई उद्देश्य नहीं था । उसका मुख्य उद्देश्य भारत से अपार धन-सम्पदा लूटकर गजनी ले जाना था । इस लूट के धन से गजनी के …

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अष्टांग योग क्या है अष्टांग योग कितने प्रकार के होते हैं?

अष्टांग योग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित व प्रयोगात्मक सिद्धान्तों पर आधारित योग के परम लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक साधना पद्धति है।  महर्षि पतंजलि ने अपने योगसूत्र नामक ग्रंथ में तीन प्रकार की योग साधनाओं का वर्णन किया है।‘अष्टांग’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है अर्थात् अष्ट + अंग, जिसका अर्थ है आठ अंगों …

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ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत एवं जीवन परिचय || hiuen tsang ka jeevan parivhay in hindi

ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत हर्ष के शासन काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत के विभिन्न भागों की यात्रा की और चीन लौटने के पश्चात उसने अपनी यात्रा वृतांत संस्मरणों को लेखबद्ध किया । अतएव उसका विवरण हर्षकालीन इतिहास पर अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है । ह्वेनसांग का जीवन परिचय  ह्वेनसांग का जन्म चीन के होननफू नामक …

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फ्रांस के तृतीय गणतंत्र की प्रमुख समस्या || फ्रांस का तृतीय गणतंत्र के सुधार

नैपोलियन तृतीय की पराजय 2 सितम्बर सन् 1870 ई. में सीडान नामक स्थान पर हुई और उसको बाध्य होकर आत्म-समर्पण करना पड़ा। वह बन्दी बना लिया गया। जब अगले दिन अर्थात् 3 सितम्बर को यह समाचार फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचा तो पेरिस की सस्त जनता के मुख पर यह प्रश्न था कि अब क्या होगा, …

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फ्रायड का व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत || Freud’s psychoanalytic theory

मनोविज्ञान के क्षेत्र में सिगमंड फ्रायड के नाम से प्राय: सभी लोग परिचित है। सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तित्व के जिस सिद्धांत का प्रतिपादन किया, उसे व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत कहा जाता है। सिगमंड फ्रायड का यह सिद्धांत उनके लगभग 40 साल के वैदानिक अनुभवों पर आधारित है। सिगमंड फ्रायड का सिद्धांत इसी उपागम पर आधारित है। फ्रायड का व्यक्तित्व का मनोविश्लेषणात्मक …

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व्यावहारिक मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

व्यावहारिक या प्रयुक्त मनोविज्ञान का तात्पर्य ऐसे मनोविज्ञान से है जो क्षेत्र में व्यक्ति की समस्याओं के समाधान के लिए उनका सही मार्ग दर्शन करने के लिए, मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में अपने कौशल एवं शोध का उपयोग करते हैं। वस्तुतः मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुप्रयोग करना ही व्यावहारिक मनोविज्ञान है। व्यावहारिक मनोविज्ञान के विकास पर …

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साक्षात्कार अनुसूची क्या है यंग ने श्रेष्ठ अनुसूची की दो विशेषताएँ बताई है

अनुसूची अंग्रेजी के शिड्यूल (Schedule) का हिन्दी रूपान्तर है। जिसका अर्थ होता है सूची (A list)] नामावली (A tabulated statement) आदि।  साक्षात्कार अनुसूची की परिभाषा साक्षात्कार अनुसूची की विद्वानों ने जो परिभाषाएँ दी हैं, वे इस प्रकार हैं- बोगार्डस के अनुसार- अनुसूची उन तथ्यों को प्राप्त करने के लिये एक औपचारिक पद्धति का प्रतिनिधित्व करती है, …

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संचार तकनीक क्या है तकनीकी संचार की मुख्य विशेषताएं

तकनीकी संचार एक ऐसा माध्यम है जिसकी सहायता से एक व्यक्ति अपने विचारों, संवेदनाओं, एवं सूचनाओं को दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है और उत्तर के रूप में दूसरे व्यक्ति से संचार के माध्यम से ही उसके विचारों को सुनता है। संचार के कई प्रकार हैं :- मौखिक संचार (Oral Communication)  सांकेतिक संचार (Non-verbal Communication)  लिखित सम्प्रेषण …

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सूचना का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, स्वरूप, प्रसार एवं विशेषताएं

सूचना एक मानवीय विचार है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी होने के कारण मानवीय गतिविधियों से सीधा जुड़ा रहता है। समाज में जब किसी चीज की आवश्यकता होती है, तो उस पर शोध होती है, नई परिकल्पनायें जन्म लेती हैं, नये विचार मानव-मस्तिष्क में आते हैं। पाच ज्ञानेन्द्रियों के जरिये ग्रहण की गई संवेदनाओं को तभी तान्त्रिकाओं …

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