खाद्य पदार्थों में मिलावट पर लेख

मिलावट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा भोज्य पदार्थों की प्रकृति गुणवत्ता तथा पौष्टिकता में बदलाव आ पाता है। यह मिलावट उपज फसल काटने के समय संग्रहित करते समय, परिवाहन और वितरण करते समय किसी भी समय हो सकती है। ‘खाद्य पदार्थ में कोई मिलता जुलता पदार्थ मिलाने अथवा उसमें से कोई तत्व निकालने या उसमें …

Read more

जीवोम किसे कहते हैं जीवोम को प्रभावित करने वाले कारक?

‘‘जीवोम’’ शब्द घर का संक्षिप्त रूप है।। जहॉं तक जीवोम की परिभाषा एवं वर्गीकरण का संबंध हैं, वैज्ञानिक इस संदर्भ में एकमत नहीं हैं। जीवोम को एक वृहत् प्राकृतिक पारितंत्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता हैं। जिससे हम पौधो औ र जानवरों के समुदायों के कुल संकलन का अध्ययन करते हैं। ‘जीवोम’ को ‘पर्यावास’ …

Read more

समष्टि अर्थशास्त्र का अर्थ, परिभाषा, महत्व, मुख्य समस्याएँ

समष्टि शब्द के मूल (Origin) को जान लेने से ही हम इसके अर्थ को जान सकते हैं। यह शब्द ग्रीक के मैक्रोस (Macros) शब्द से लिया गया है जिसका उस भाषा में अर्थ बड़ा (Large) है। अतः समष्टि अर्थशास्त्र से अभिप्राय व्यापक स्तर पर संपूर्ण अर्थव्यवस्था का विश्लेषण करना है। समष्टि अर्थशास्त्र विशिष्ट इकाइयों का अध्ययन …

Read more

व्यष्टि अर्थशास्त्र का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

व्यक्तियों और व्यक्तियों के छोटे ग्रुपों की आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन व्यष्टि अर्थशास्त्र है। व्यष्टि अर्थशास्त्र का अर्थ हिन्दी भाषा का शब्द ‘व्यष्टि अर्थशास्त्र‘ अगेंज्री भाषा के शब्द माइक्रो (Micro), ग्रीक भाषा के शब्द ‘माइक्रोस’ (Micros) का हिन्दी रूपान्तरण है। व्यष्टि से अभिप्राय है- अत्यतं छोटी इकाई अथार्त् व्यष्टि अर्थशास्त्र का संबंध अध्ययन की सबसे छोटी …

Read more

अर्थव्यवस्था की तीन मुख्य केन्द्रीय समस्याएं

उत्पादन के सीमित साधनों के कारण सभी अर्थव्यवस्थाओं में चयन की समस्या उत्पन्न होती है। सभी प्रकार की अर्थव्यवस्था के सामने यह समस्या उत्पन्न होती है चाहे उसका आकार, स्वरूप विकास का स्तर कुछ भी हो। अर्थव्यवस्था अमीर हो गरीब हो विकसित, अल्प हो, समाजवादी हो, पूंजीवादी हो या अन्य प्रकार की इन समस्याओं का समाधान खोजना …

Read more

कोलाइडी विलयन किसे कहते हैं कोलॉइडों विलयनों का विभिन्न प्रकार से वर्गीकरण किया जा सकता है

आप विलयनों से परिचित हैं। इनकी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका है। दूध, मक्खन, पनीर, क्रीम, रंगीन रत्न, बूट पॉलिश, रबर, स्याही आदि अनेक पदार्थ हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे भी एक प्रकार के विलयन है। उन्हें कोलाइडी विलयन कहते है।’कोला’ का अर्थ है सरेस और ‘आइड’ का अर्थ समान है । अर्थात् …

Read more

ठोस अवस्था के गुण || ठोस अवस्था का वर्गीकरण

पदार्थ की वह भौतिक अवस्था जिसमें अवयवी कण (अणु, परमाणु आयन आदि।) परस्पर अत्यन्त प्रबल आर्कशण द्वारा जुडे होते है।  आकार एवं आयतन निश्चित रहते है घनत्व, गलनांक क्वथनांक के मान उच्च होते है। तथा संपीड़यता, विसरणशीलता लगभग नगण्य होती है ठोस अवस्था कहलाती है। ठोस अवस्था के गुण ठोस अवस्था के गुण बताइए – विधुतीय …

Read more

द्रव के गतिक सिद्धांत मॉडल के आधार पर उसके प्रेक्षित गुणों की व्याख्या

गैसो की तुलना में द्रव के अणु एक-दूसरे के अधिक समीप होते है। तथा उनमें आकर्षण बल अधिक होता है। इसे नगण्य नही माना जा सकता। ठोसो की तुलना में द्रव में अणुओं का स्थान निश्चित नही होता तथा न ही वे नियमित पैटर्न दिखाते है। अत: द्रव न तो गैसों के समान पूर्णत: अव्यवस्थित है …

Read more

गैस (गैसीय अवस्था) – विशेषताएँ, गुण

पदार्थ की तीन भौतिक अवस्थाएँ होती है-ठोस, द्रव तथा गैस। आधुनिक अनुसन्धानों द्वारा एक अवस्था और ज्ञात की गयी है जिसे प्लाज्मा कहते है। ताप तथा दाब की परिस्थितियों के अनुसार पदार्थ एक समय में किसी एक भौतिक अवस्था में पाया जाता है। इन तीनों अवस्थाओं में कोई सुस्पष्ट सीमांकन रेखा नहीं होती, किसी भी पदार्थ …

Read more

भारत की प्रमुख फसलों के नाम

भारत में लगभग हर प्रकार की फसलें होती है। भारत की प्रमुख फसल है – भारत की प्रमुख फसलें चावल  गेहूं  बाजरा  दलहन चना गन्ना कपास  तिलहन  मूंगफली  चाय कॉफी फल सब्जियाँ फूलों की खेती  मसालें  1. चावल –   चावल भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है। यह मुख्य रूप से खरीफ या गर्मी की फसल है। …

Read more