भोज्य विषाक्तता क्या है भोज्य विषाक्तता दो कारणों से पायी जाती है –

सामान्य तौर पर भोजन करने के पश्चात व्यक्ति अच्छा अनुभव करता है। उसे संतुष्टि प्राप्त होती है। किन्तु कभी-कभी कई कारणों से भोजन प्रदूषित हो जाता है। जिससे उसे ग्रहण करने के पश्चात व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करता है भोजन का दूषित होना ही भोज्य विषाक्तता का कारण बनता है। ‘‘व्यक्ति द्वारा भोजन ग्रहण करने के तुरन्त …

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मृदा संरक्षण को रोकने के लिए उपाय

भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत मृदा कहलाती है। यह एक तरह की प्राकृतिक संसाधन है। यह विभिन्न प्रकार के प्राणियों का जीवन आधार है। इसकी रचना का आधार ठोस चट्टानें हैं जिन पर भौतिक तथा रासायनिक क्रियाओं से मृदा का निर्माण होता है। भारत का सतही क्षेत्रफल 329 मिलीयन हेक्टेयर है जिसमें 266 हेक्टेयर भूमि का …

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भारतीय संघवाद की विशेषताएं एवं स्वरूप

भारतीय संघवाद की विशेषताएं लिखित संविधान कठोर संविधान  शक्तियों का विभाजन  द्वैध शासन प्रणाली संविधान की सर्वोच्चता  उच्चतम न्यायालय की विशेष स्थिति  1. लिखित संविधान – किसी भी संघ का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। कि उनके पास एक लिखित संविधान हो जिससे कि जरूरत पड़ने पर केन्द्र तथा राज्य सरकार मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकें। भारतीय …

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भोज्य ग्राहिता क्या है भोज्य पदार्थों का ग्रहण करना या स्वीकारना इन बातों पर निर्भर करता है

भोज्य ग्राहिता क्या है? ‘‘किसी भी भोज्य पदार्थ को बिना चखे उसके रंग, रूप, बनावट, सुगंध के द्वारा ही उसके स्वाद को निर्धारित कर लेते है तथा उसे ग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान कर देते है। यही गुण भोज्य ग्राहिता कहलाता है।’’ किसी व्यक्ति द्वारा भोज्य पदार्थो का ग्रहण करना या स्वीकारना निम्न बातों पर निर्भर …

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अपक्षय किसे कहते हैं? अपक्षय के प्रकार।

अपक्षय एक स्थानीय प्रक्रिया हैं, इसमें शैलों का विघटन और अपघटन मूल स्थान पर ही होता है विघटन तापमान में परिवर्तन और पाले के प्रभाव से होता हैं। इस प्रक्रिया में शैल टुकड़ों में बिखर जाते हैं अपघटन की प्रक्रिया में शैलों के अन्दर रासायनिक परिवर्तन होते है शैलों में विभिन्न प्रकार के खनिज कण एक …

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संविधान के 11 मौलिक कर्तव्य कौन कौन से हैं?

‘‘यदि प्रत्येक व्यक्ति केवल अपने अधिकार का ही ध्यान रखे एवं दूसरों के प्रति कर्तव्यों का पालन न करें तो शीघ्र ही किसी के लिए भी अधिकार नहीं रहेंगे।’’ करने योग्य कार्य ‘कर्तव्य’ कहलाते है किसी भी समाज का मूल्यांकन करते हुए ध्यान केवल अधिकारों पर ही नहीं दिया जाता है वरन् यह भी देखा जाता …

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उपचारात्मक आहार क्या है आहार संशोधन करते समय ध्यान रखने योग्य बाते?

वह आहार जो रूग्णावस्था में किसी व्यक्ति को दिया जाता है। ताकि वह जल्दी सामान्य हो सके यह सामान्य भोजन का संशोधित रूप होता है। उपचारात्मक आहार कहते है। क्योंकि बीमार पड़ने पर व्यक्ति के शरीर को कोई भाग रोग ग्रसित हो जाता है। जिससे उसकी पोषण आवश्यकता में परिवर्तन आ जाता है। जैसे मधुमेह में …

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शैल किसे कहते हैं? शैल के प्रकार

एक से अधिक खनिजों से मिलकर शैलों का निर्माण होता है। शैल तीन प्रकार की होती है। (1) आग्नेय (2) अवसादी (3)। कायांतरित आग्नेय। शैलो को प्राथमिक शैले कहा जाता है ये शैल लावा एवं मैग्मा के ठंडे होने से बनती है ये शैले अपारग्म्य होती हे यानी पानी या तरल पदार्थ इनसे रिस कर अन्दर …

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मौलिक अधिकार क्या है और कितने हैं ?

वे अधिकार या व्यवस्थाएं जो व्यक्ति के जीवन के लिए मौलिक और अनिवार्य होने के कारण संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं मौलिक अधिकार कहलाते हैं। मौलिक अधिकार क्या है वे अधिकार या व्यवस्थाएं जो व्यक्ति के जीवन के लिए मौलिक और अनिवार्य होने के कारण संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं …

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प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं – Prakash sanshleshan kise kahate hain

Prakash sanshleshan kise kahate hain सभी हरे पौधे स्वपोषी होते हैं। वे अपना भोजन बनाने के लिए कार्बन डाइ आक्साईड, पानी तथा खनिज लवण जैसी कच्ची सामग्री का उपयोग करते हैं। हरे पौधों में भोजन बनाने की यह प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण द्वारा होती है। हरे पौधे अपना भोजन बनाने के लिये सरल पदार्थों से जटिल पदार्थ …

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