शिक्षा मनोविज्ञान के अध्ययन की विधियां

शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के व्यवहार का तथा विभिन्न समस्याओं का अध्ययन शैक्षिक परिस्थितियों में करता है। यह अध्ययन एक विधि से किया जाता है। विधि का अर्थ उस प्रणाली या तरीके से है जिसकी सहायता से व्यक्ति के व्यवहार का अध्ययन, विश्लेषण और व्याख्या करके एक निष्कर्ष पर पहुँचा जाता है। विधि तथ्यों की जानकारी का …

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शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषाएं, प्रकृति, आवश्यकता व विधियां

शिक्षा-मनोविज्ञान के अंतर्गत शैक्षिक वातावरण में उत्पन्न समस्याओं और उनके समाधान का मनोवैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जिसका सम्बन्ध व्यावहारिक परिवर्तनों के अध्ययन से है। शिक्षा द्वारा मनुष्य के व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है और मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो मानव-व्यवहार के सभी रूपों का अध्ययन करता है। इस दृष्टि …

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रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय, भाव पक्ष और कला पक्ष

रामधारी सिंह दिनकर प्रतिभा-सम्पन्न व्यक्ति थे। रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार प्रान्त में सिमरिया नामक ग्राम में 30 सितम्बर 1908 ई. मे हुआ था। रामधारी सिंह दिनकर के पिता श्री रवि सिंह साधारण स्थिति से किसान थे। वे इतने सरल एवं साधु प्रवृति के व्यक्ति थे कि उनकी उदारता और सरलता की कहानियाँ सिमरिया में …

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संत रैदास ‘रविदास’ का जीवन परिचय

संत रविदास का जन्म वर्तमान उत्तर प्रदेश के तत्कालीन अवध प्रान्त के प्रसिद्ध ऐतिहासिक धर्मस्थली काशी नगरी (बनारस) छावनी से लगभग 04 किलोमीटर दूर माण्डूर ( मंडवाडीह) नामक गाँव में श्री हरिनन्द (दादा) जी के परिवार में हुआ था। रैदास जाति से चर्मकार थे, इसलिए रैदास की आजीविका जूते बनाने की थी।  संत रविदास के कई नाम …

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मीराबाई का जीवन परिचय | भाव पक्ष | कला पक्ष | साहित्य में स्थान एवं रचनाएं

मीरा मेडतियाँ राठौर वंश की थी, मीरा मेडतियाँ के राव दूदा के पुत्र रत्नसिंह की पुत्री थी।102 ये मेड़तियाँ राठौर की उस शाखा के थे जो जोधपुर आकर मेड़ता में बस गए थे। इस प्रकार यह शाखा मारवाड़ी राठौर की एक उपशाखा थी, मारवाड़ी शाखा के मूल पुरूष राव सीहा जी थे जो कन्नौज के राजा …

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छंद के प्रकार और उदाहरण

निश्चित चरण, वर्ण, मात्रा, गति, यति, तुक और गण आदि के द्वारा नियोजित पद्य रचना को छंद कहते हैं। छंद के प्रकार और उदाहरण 1. मात्रिक छंद – जिन छंदों की रचना मात्राओं की गणना के आधार पर होती हैं, उन्हें मात्रिक छंद कहते है। जैसे-दोहा, चौपाई, रोला आदि।  मात्रिक छंद तीन प्रकार के होते हैं-  वर्णिक छंद- जिन …

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मार्क्सवाद के सिद्धान्त – वर्ग संघर्ष, ऐतिहासिक भौतिकवाद

मार्क्सवाद को सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का श्रेय कार्ल मार्क्स व उसके सहयोगी एंजिल्स को जाता है। फ्रांसीसी विचारकों सेण्ट साईमन तथा चाल्र्स फोरियर ने जिस समाजवाद का प्रतिपादन किया था, वह काल्पनिक था। कार्ल मार्क्स ने अपनी पुस्तकों ‘Das Capital’ तथा ‘Comunist Manifesto’ के वैज्ञानिक समाजवाद का प्रतिपादन किया।  कार्ल मार्क्स के सिद्धांत कार्ल मार्क्स …

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सामाजिक सामूहिक कार्य का उद्देश्य

सन् 1935 में सामूहिक कार्यकताओं मे व्यावसायिक चेतना जागृत हुई इस वर्ष समाज कार्य की राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में सामाजिक सामूहिक कार्य को एक भाग के रूप में अलग से एक अनुभाग बनाया गया इसी वर्ष सोशल वर्कयर बुक में सामाजिक सामूहिक सेवा कार्य पर अलग से एक खण्ड के रूप में क लेख प्रकाशित किये गये। …

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जन्म पूर्व शारीरिक विकास की अवस्थाएं

ज्यों ही अण्ड शुक्राणु से मिलकर निशेचित होता है, त्यों ही मानव जीवन का प्रारम्भ हो जाता है। निशेचित अण्ड सर्वप्रथम दो कोषों में विभाजित होता है, जिसमे से प्रत्येक कोष पुन: दो-दो में विभाजित हो जाते हैं। कोष विभाजन की यह प्रक्रिया अत्यंत तीव्र गति से चलने लगती है। इनमें ये कुछ कोष प्रजनन कोष …

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लागत लाभ विश्लेषण का अर्थ, लागत लाभ विश्लेषण के गुण

सिंचाई तथा परिवहन परियोजनाओं में निवेश के मूल्यांकन के लिये लागत-लाभ विश्लेषण तकनीक का विकास अमरीका में किया गया। अल्पविकसित देशों में परियोजनायें अक्सर तदर्थ (Adhoc) आधार पर चुनी जानी है तथा लागतों और लाभों के रूप में उनके मूल्यांकन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है। क्योंकि सभी परियोजनायें विकास के उद्देश्य से सम्बद्ध होती …

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