ऑफबाऊ (Aufbau) सिद्धान्त क्या है ? उदाहरण सहित।

इस सिद्धान्त के अनुसार, किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम जाना जा सकता है। इलेक्ट्रॉन हमेंशा कम ऊर्जा वाले ऑर्बिटलों में पहले भरते हैं। किसी कोश के s-ऑर्बिटल में सबसे कम ऊर्जा होती है। उसी प्रकार p-ऑर्बिटल की ऊर्जा d तथा f-ऑर्बिटलों की ऊर्जा से कम होती है अर्थात् इलेक्ट्रान उस उपकोश में भरेगा, …

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व्यापार क्या है? || व्यापार का अर्थ || व्यापार के प्रकार

लाभ या आय प्राप्त करने के उद्देश्य से वस्तुओं का क्रय – विक्रय व्यापार कहलाता है। वस्तुओं के क्रय-विक्रय से संबंध रखने वाली समस्त क्रियाएं जो उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक माल पहुंचाने के उद्देश्य से की जाती है, व्यापार के अन्तर्गत आती है। जो व्यक्ति क्रय – विक्रय का कार्य करता है उसे व्यापारी कहते है। …

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कृषि के प्रकार, भारतीय कृषि की विशेषताएं

खेती एवं वानिकी के माध्यम से खाद्य और अन्न सामान का उत्पादन करना कृषि कहलाता है। कृषि एक मुख्य विकास था, जो सभ्यताओं के उदय का कारण बना इसमें पालतू जानवरों का पालन किया गया और पौध (फसलों) को उगाया गया, जिससे अतिरिक्त खाद्य सामग्री का उत्पादन हुआ । व्यावसायिक कृषि के प्रचलन से पूर्व कृषि …

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पर्यटन का अर्थ क्या है? पर्यटन की परिभाषा

पर्यटन अर्थव्यवस्था के सबसे बढ़ते क्षेत्रों में से एक है, और भविष्य में भी इसका विकास जारी रहेगा। पर्यटन क्षेत्र का आकार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसलिए इसका प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है पर्यटन का अर्थ पर्यटन अपने आधुनिक रूप में, प्रारम्भिक समय के मानवीय इतिहास के भ्रमणों/ यात्राओं के समान नहीं है यहूिदया …

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जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय – Jansankhya vriddhi ko rokane ke upay

दुनिया में सबसे अधिक तेजी से जनसंख्या वृद्धि भारत में होती है। आज यह भारत की सबसे बड़ी समस्या बन गयी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। जनसंख्या वृद्धि के अनेक कारण है जैसे अशिक्षा, बेहतर चिकित्सा सुविधा, बाल विवाह, अंधविश्वास आदि। जनसंख्या वृद्धि से अनके समस्याएं उत्पन्न हो रही है …

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भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण || बढ़ती हुई जनसंख्या को रोकने के लिए उपाय

वर्तमान समय में भारत की जनसंख्या विस्फोट की स्थिति में है। जनसंख्या वृद्धि की दर जीवन्त – जाग्रत बुद्धिमान – मनीषियों एवं विभूतिवानों के लिए एक चुनौती है। जिसे उन्हें स्वीकार करना ही पड़ेगा। जनसंख्या की अनियंत्रित वृद्धि के कारण संसार पर भुखमरी का संकट तीव्र गति से बढ़ता जा रहा है।  विश्व विख्यात लंदन के …

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भारत में लोहा उत्पादक क्षेत्रों का वर्णन

विश्व में अन्य किसी धातु का इतना अधिक व्यापक रुप में प्रयोग नहीं किया जाता है, जितना कि लोहे का। लोहा किसी भी देश के आर्थिक विकास का मुख्य आधार है। यह धातु सस्ती होने के साथ-साथ बहुउपयोगी है। यही कारण है कि वर्तमान में अन्य कोई धातु इससे प्रतिस्पर्धा करने में सफल नहीं हो सकी …

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खनिज संसाधन किसे कहते हैं \\ खनिजों का वर्गीकरण। Classification of Minerals

खनिज प्राकृतिक रासायनिक यौगिक तत्व हैं। जो प्रमुखता अजैव प्रक्रियाओं से बना हैं। भूमि से खोदकर निकाले गये पदार्थों को खनिज संसाधन कहते हैं। खनिजों का वर्गीकरण खनिजो की प्रकृति, संरचनाएवं उपयोगिता के आधार पर भारत में पाये जाने वाले खनिज पदार्थों को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है – (1) धात्विक खनिज – …

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भारत में वनों के प्रकार, भारत के वनों का वर्गीकरण \\ Types Of Forest In India

भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2019 के अनुसार भारत में कुल वन क्षेत्र 7,12,249 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 21.67 प्रतिशत है। वर्ष 2017 में भारत में कुल वन क्षेत्र 70,82,73 किलोमीटर की कमी आयी है।  भारत में वनों के प्रकार भारत में 17 प्रकार के वनों का उल्लेख किया गया है। …

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संसाधन किसे कहते हैं – अर्थ, परिभाषा, वर्गीकरण, महत्व, संसाधन संरक्षण की विधियाँ

संसाधन शब्द का अभिप्राय मानवी उपयोग की वस्तुओं से है। ये प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों हो सकती हैं। भूमि, जल, वन, वायु, खनिज घरों, भवनों, परिवहन एवं संचार के साधन ये संसाधन काफी उपयोगी भी हैं और मानव के विकास के लिए आवश्यक भी। संसाधन शब्द का अभिप्राय मानव उपयोग की वस्तुओं से है। ये प्राकृतिक …

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