फुटकर व्यापार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य

फुटकर व्यापारी से तात्पर्य ऐसे व्यापारी से है, जो थोडी़ -थोड़ी मात्रा में थोक व्यापारियों से माल खरीदकर उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार थोडी़ -थोडी़ मात्रा में विक्रय करता रहता है फुटकर व्यापारी कहते हैं।  फुटकर व्यापार का शाब्दिक अर्थ वस्तुओं को टुकड़ों में बेचने से है यह शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द से लिया गया …

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बीजक क्या है बीजक कितने प्रकार के होते हैं?

विक्रेता द्वारा क्रेता को बेचे हुए माल का विवरण तैयार करके दिया जाता है, उसे बीजक कहते है। इस विवरण में बेचे हुए माल की मात्रा, माल की किस्म, माल की दर, माल का मूल्य एवं क्रेता को दी जाने वाली छूटों का वर्णन रहता है इसमे माल पर किये जाने वाले व्ययों को जोड़कर कुल …

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आंतरिक व्यापार से क्या तात्पर्य है?

आंतरिक व्यापार से तात्पर्य उस व्यापार से है, जिसमें एक देश की सीमा के भीतर रहकर क्रेता एवं विक्रेता वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते हैं अर्थात् एक देश के निवासी अपन ही देश में वस्तु का क्रय-विक्रय करते है इसे देशी व्यापार भी कहा जाता है। वस्तुओं का क्रय एवं विक्रय व्यापारिक क्रिया का एक मुख्य अंग …

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बहमनी साम्राज्य के शासक \\ बहमनी साम्राज्य के पतन के कारण

बहमनी साम्राज्य की स्थापना दक्षिण भारत में मुहम्मद तुगलक के खिलाफ विद्रोह से हुई । 1347 ई. में हसन गंगु, अलाउद्दीन बहमनशाह के नाम से गद्दी पर बैठा और दक्षिण में मुस्लिम राज्य की नींव रखी । यह मुस्लिम राज्य भारत में बहमनी साम्राज्य के नाम से प्रसिद्ध हुआ । बहमनी साम्राज्य के शासक 1. अलाउद्दीन …

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विजयनगर साम्राज्य का पतन \ Decline of Vijaynagar Empire

विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर प्रथम तथा बुक्काराय थे । उन्होंने सल्तनत की कमजोरी का फायदा उठाकर होयसल राज्य का (आज का तैमूर) हस्तगत कर लिया तथा हस्तिनावती (हम्पी) को अपनी राजधानी बनाया । इस साम्राज्य पर राजा के रूप में तीन राजवंशों ने राज्य किया – संगम वंश,  सालुव वंश,  तुलव वंश । विजयनगर साम्राज्य का …

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वाकाटक वंश का इतिहास \ History Of Vakataka Dynasty

वाकाटक राज्य प्राचीन दक्षिण भारत का एक मजबूत राज्य था। तीसरी शताब्दी ई0 से छठी शताब्दी तक दक्षिण भारत में जिन राजवंशों का उदय हुआ, उनके वाकाटक राजवंश सर्वश्रेष्ठ था।’’ उत्तर भारत में सबसे शक्तिशाली गुप्त साम्राज्य के साथ-साथ दक्षिण भारत में वाकाटक साम्राज्य बना रहा। वाकाटक प्रारंभ में सातवाहनों के सामन्त थे। वाकाटकों का प्रारंभ …

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हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों का वर्णन \\ हड़प्पा सभ्यता का अंत कैसे हुआ?

भारत में कांस्य युगीन सभ्यता सिंधु घाटी और इसके अगल-बगल के क्षेत्रों में विकसित हुई। इसे इसके सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शहरों में से एक शहर हड़प्पा के नाम से हड़प्पा सभ्यता कहते हैं; इसे विस्तृत सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा जा सकता है। इस सभ्यता के नगर 1920 के दशक में तब प्रकाश में आए, जब पुरातत्वविदों …

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व्यापार

विदेशी व्यापार (Foreign trade) का अर्थ उस व्यापार से है जिसके अंतर्गत दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं आरै सेवाओं का विनिमय किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि भारत अमेरिका से व्यापार करता है तो यह विदेशी व्यापार होगा। इसे इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि प्रत्येक देश अन्य देशों …

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पूर्ति का अर्थ । परिभाषा । प्रकार । पूर्ति का नियम | पूर्ति तालिका एवं वक्र

पूर्ति शब्द का अर्थ किसी वस्तु की उस मात्रा से लगाया जाता है, जिसे को विक्रेता ‘एक निश्चित समय’ तथा ‘एक निश्चित कीमत’ पर बाजार में बेचने के लिए तैयार रहते हैं।  उदाहरण के लिए, यदि यह कहा जाये कि बाजार में गेहूँ की पूर्ति 1,000 क्विटंल की है, तो यह कथन उचित नहीं है, क्योंकि …

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भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं

भारतीय अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था है। जो निरंतर गति से चलायमान है। आज के समय में विश्व के राष्ट्रों के बीच बढ़ते हुये आर्थिक अंतर ने विकास के प्रयत्नों की आवश्यकता को और अधिक आवश्यक बना दिया है। किसी भी अर्थव्यवस्था में आर्थिक विकास का तात्पर्य नये दृष्टिकोण में भौतिक कल्याण में वृद्धि गरीबी का निवारण …

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