परीक्षण मानक का अर्थ, परिभाषा, प्रकार

शिक्षा, मनोविज्ञान व समाजशास्त्र के अधिकांश चरों की प्रकृति अपरोक्ष होती है जिसके कारण उनके मापन की किसी एक सर्वस्वीकृत मानक ईकाई का होना सम्भव नही हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में प्राप्तांकों को अर्थयुक्त बनाने या उसकी व्याख्या करने की समस्या उत्पन्न होती है। इसके लिए परीक्षण निर्माता कुछ ऐसे सन्दर्भ बिन्दु निर्धारित करता है …

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परीक्षण वैधता क्या है परीक्षण वैधता के प्रकार?

परीक्षण वैधता का परीक्षण के उद्देश्यों से घनिष्ठ सम्बन्ध है। एक अवैध परीक्षण कभी भी निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति नहीं करता। कोई परीक्षण जितनी शुद्धता और सार्थकता से अपने उद्देश्यों का मापन करता है वह परीक्षण उतना ही वैध होता है। अत: किसी परीक्षण की वैधता उसकी वह मात्रा है जिस सीमा तक वह उस वस्तु …

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भारत की पंचवर्षीय योजनाएं क्या है?

भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ भारत में आथिर्क नियोजन के लगभग छ: दशक पूरे हो चुके है। इन वर्षों में नियोजन के अन्तगर्त कितना आर्थिक विकास हुआ, क्या विकास के दर पयार्प्त है।? क्या विकास उचित दिशा में हो रहा है? इत्यादि बातों का अध्ययन हम यहां करेगें। भारत की पंचवर्षीय योजनाएं  प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) यह …

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शैक्षिक माप मूल्यांकन और मूल्यांकन क्या है शैक्षिक मापन तथा मूल्यांकन तकनीक की जानकारी क्यों आवश्यक है।

शैक्षिक मापन तथा मूल्यांकन का शिक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता के निर्धारण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। यह केवल वर्तमान स्थिति की ही व्याख्या नहीं करता वरन भविष्य में होने वाले परिवर्तन की रूपरेखा भी तैयार करता है। चूंकि आज लिया जाने वाला कोई भी निर्णय तुरन्त कोई परिणाम नहीं देता बल्कि उसका असर भविष्य में दिखता है …

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मापन – शैक्षिक मापन ( मापन एवं मूल्यांकन ) – अर्थ, परिभाषा, महत्व, उद्देश्य, कार्य

हम अपने जीवन के प्रत्येक क्षण अपने चारों ओर हो रहे परिवर्तनों के प्रति सजग रहते हैं तथा उन प्रत्येक परिवर्तनों का मात्रात्मक आंकलन करते हैं जो हमें किसी न किसी प्रकार प्रभावित करते हैं। शिक्षा सतत् गत्यात्मक प्रक्रिया में इससे जुडे़ प्रत्येक व्यक्ति, छात्र, अभिभावक, अध्यापक, प्रशासक तथा नीति निर्माता सदैव किसी न किसी रुप …

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अधिगम के सिद्धांत : थार्नडाइक का अधिगम सिद्धांत एवं उसके शैक्षिक निहितार्थ

किसी मनोवैज्ञानिक अथवा मनोवैज्ञानिक सम्प्रदाय के द्वारा अधिगम की अवधारणा का स्पष्टीकरण ही अधिगम सिद्धान्त है। इसके अंतर्गत अधिगम सम्बन्धी समस्याओं का व्यापक समाधान प्रस्तुत किया गया है। अधिगम सिद्धान्तों में एकरूपता आवश्यक नहीं है। अलग-अलग सिद्धान्तों में अधिगम के अलग-अलग उपागम हो सकते हैं।  Hilgard ने अपनी पुस्तक ‘Theories of learning’ में दस से भी …

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बुद्धि परीक्षण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, बुद्धि का मापन

बुद्धि परीक्षण का उपयोग परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कई सदियों से चला आ रहा है। परन्तु इसका मनोवैज्ञानिक रूप से विकास 18वीं सदी के अन्त एवं 19वी सदी के पूर्व में प्रारम्भ हुआ। बुद्धि- परीक्षणों के विकास कई मनोवैज्ञानिकों ने योगदान दिया। इटॉडर्,सेग्युन,अल्फ्रेड बिने एवंसाईमन जैसे मनोवैज्ञानिको ने बुद्धि परीक्षणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। …

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प्रयोगात्मक अनुसंधान क्या है प्रयोगात्मक अनुसन्धान की चार प्रमुख विशेषताएं

प्रयोगात्मक अनुसन्धान, अनुसन्धान की एक प्रमुख विधि है। प्रयोगात्मक अनुसन्धान में कार्य कारण सम्बन्ध स्थापित किया जाता है। कार्य-कारण सम्बन्ध स्थापित करने के लिये दो स्थितियों को संतुष्ट करना होता है। पहले तो यह सिद्ध करना होता है कि यदि कारण है तो उसका प्रभाव होगा। यह स्थिति आवश्यक है लेकिन पर्याप्त नहीं है। दूसरा हमें …

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गुणात्मक अनुसंधान का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

अनुसंधान विधियों को मुख्यत: दो रूपों में बॉटा जा सकता हे- तार्किक प्रत्यक्षवाद (Logical Positivism) तथा गोचर खोज (Phenomenological Inquiry) । शैक्षिक शोधो में पहला रूप ज्यादा प्रयुक्त हुआ है। परन्तु विगत एक दशक से शैक्षिक परिस्थितियों से सम्बन्धित समस्याओं, समाधान प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं से मुद्दों को स्पष्ट एवं उजागर करने के लिये गोचर खेाज उपागम …

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वर्णनात्मक अनुसंधान का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, उद्देश्य, पद

शिक्षा तथा मनोविज्ञान के क्षेत्र में वर्णनात्मक अनुसंधान का महत्व बहुत अधिक है इस विधि का प्रयोग शिक्षा व मनोविज्ञान के क्षेत्र में व्यापक रूप से होता है। जॉन डब्ल्यू बेस्ट के अनुसार ‘‘वर्णनात्मक अनुसंधान ‘क्या है’ का वर्णन एवं विश्लेषण करता है। परिस्थितियाँ अथवा सम्बन्ध जेा वास्तव में वर्तमान है, अभ्यास जो चालू है, विश्वास, …

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