प्रबंध के सिद्धांत (हेनरी फेयोल के प्रबंध के सिद्धांत)

आज कल व्यवसाय का स्वरूप बडा हो गया है जिसके कारण प्रबंधक के सामने अनेक समस्यायें उत्पन्न हो रही है इसलिए इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रबंधक केा मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है प्रबंध के सिद्धांत प्रबंधक को मार्गदर्शन प्रदान करते है और उसको व्यवसाय के संचालन में सहायता प्रदान करते है। इसके लिए फ्रान्स के प्रसिद्ध …

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प्रबंध का अर्थ, परिभाषा, विशेषता, महत्व, उद्देश्य, कार्य

अन्य लोगों से कार्य कराने की कला को प्रबंध कहा जाता है। यह निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से एवं दक्षतापूर्ण प्राप्त करने के लिए किये गए कार्यों की प्रक्रिया है। अत: प्रबंध को प्रभावशीलता एवं कार्यक्षमता से लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु कार्य कराने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।  प्रबंध की विशेषताएं …

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राजकोषीय नीति का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, उपकरण, सीमाएँ

राजकोषीय नीति वह नीति हैं जिसमें सरकार अपने आय, व्यय, और ऋण व्यवस्था का उपयोग आर्थिक विकास, आर्थिक समानता, तथा पूर्ण रोजगार प्राप्त करने के लिए करती हैं। राजकोषीय नीति का अर्थ राजकोषीय नीति सरकार की आय, व्यय तथा ऋण से सम्बन्धित नीतियों से लगाया जाता है। अर्थव्यवस्था में सर्वोच्च उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए राजकोषीय …

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मौद्रिक नीति का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं उपकरण – Monetary policy in hindi

मौद्रिक नीति (Monetary policy) सरकार एवं केन्द्रीय बैंक द्वारा सोच समझकर उपयोग में लायी गई मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि या कमी लाने की शक्ति है। यह शक्ति सरकार की आर्थिक नीति के उद्देश्यों की विस्तृत रूपरेखा को ध्यान में रखकर निवेश, आय व रोजगार को प्रभावित करने और कीमतों में स्थिरता लाने के लिये प्रयोग …

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औद्योगिक नीति का अर्थ, महत्व एवं औद्योगिक नीति का विकास

औद्योगिक नीति से तात्पर्य देश के औद्योगीकरण हेतु प्रस्तुत की गयी स्पष्ट तथा सुव्यवस्थित व्यूह रचना से हैं जो देश के भावी औद्योगिक विकास के स्वरूप की रूपरेखा प्रस्तुत करता हैं तथा उस स्वरूप की स्थापना करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी प्रस्तुत किये जाते हैं। औद्योगिक नीति के मुख्यताः दो भाग होते हैं प्रथम …

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आर्थिक नियोजन का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य और आवश्यकता

आर्थिक नियोजन का अर्थ एक संगठित आर्थिक प्रयास से है जिसमें एक निश्चित अवधि में सुनिश्चित एवं सुपरिभाषित सामाजिक एवं आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आर्थिक साधनों का विवेकपूर्ण ढंग से समन्वय एवं नियंत्रण किया जाता है।  आर्थिक नियोजन की परिभाषा आर्थिक नियोजन की परिभाषा आर्थिक नियोजन की विद्वानों द्वारा परिभाषाएँ दी गई हैं- डॉ0 …

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यथार्थवाद का अर्थ, परिभाषा, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यथार्थवाद एक भौतिकवादी दर्शन है। वस्तु को वास्तविक अथवा यथार्थ मानने के कारण ही इस विचारधारा को वास्तववाद अथवा यथार्थवाद की संज्ञा दी जाती है। यथार्थवाद जगत को मिथ्या कहने वाली भावना का विरोधी स्वर है। यथार्थवाद का अर्थ यथार्थवाद का अर्थ यथार्थवाद के लिए अंग्रेजी का शब्द ‘रियलिज्म’ है। ‘रियल’ शब्द ग्रीक भाषा के रीस …

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व्यवसाय के सामाजिक उत्तरदायित्व का अर्थ एवं परिभाषा, पक्ष तथा विपक्ष में तर्क

आधुनिक काल में नागरिकों के जीवन और समाज पर व्यावसायिक कार्यकलापों का विभिन्न रूप से बहुत बड़ा प्रभाव होता है। पूर्व-आधुनिक काल में व्यवसायी वर्ग के लिए व्यवसाय के ‘सामाजिक’ मूल्य के संबंध में चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती थी क्योंकि उस समय आशा की जाती थी कि बाजार की शक्तियाँ मूल्य व्यवस्था को स्वयं …

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आर्थिक प्रणाली का अर्थ, परिभाषा, मूल तत्व, कार्य एवं प्रकार

आर्थिक प्रणाली किसी भी देश में आर्थिक क्रियाओं के संगठन पर प्रकाश डालती है। उत्पादन के साधनों का स्वामित्व निजी व्यक्तियों के हाथों में, सरकार के पास या फिर दोनों के हाथों में होता है। अब स्वामित्व अधिकतर निजी 62 व्यक्तियों के हाथों में हो तो ऐसी आर्थिक व्यवस्था को पूंजीवादी आर्थिक व्यवस्था कहते है। यदि …

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व्यावसायिक पर्यावरण के प्रकार – Business Environment

व्यावसायिक पर्यावरण मुख्य रूप से आन्तरिक एवं बाह्य पर्यावरण के योग से बनता है। आन्तरिक पर्यावरण के घटक है जो एक फर्म के नियंत्रण में होते हैं। इस प्रकार के घटक फर्म के संसाधनों, नीतियों एवं उद्देश्यों से सम्बन्धित होते हैं। लेकिन जब हम व्यावसायिक पर्यावरण के उन घटकों की बात करते हैं जो गतिशील एवं …

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