सफेद मूसली के फायदे या औषधीय उपयोग

सफेद मूसली एक कंदयुक्त पौधा होता है, यह पौधा क्लोरोफाइटम बोरिविलिएनम के नाम से जाना जाता है परंतु ‘‘इंडियन मेटीरिया मेडिका’’ में इसका नाम क्लोरोफाइटम अरुंडीनेशियम दर्शाया गया है।  सफेद मूसली की प्रजातियाँ / किस्में  सफेद मूसली की विभिन्न प्रजातियाँ पाई जाती हैं जैसे- क्लोरोफाइटम बोरिविलिएनम क्लोराफाइटम ट्यूबरोजम क्लोरोफाइटम अरुन्डीनेशियम क्लोरोफाइटम एटेनुएटम क्लोरोफाइटम ब्रीविस्केपम  सफेद मूसली के फायदे …

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सींग खाद बनाने विधि और फायदे

गाय के सींग के खोल गोबर का असर बढ़ाने के लिए उत्तम पात्र होते हैं। जीवाणुओं की जांच के अनुसार सींग में उपस्थित गोबर बनाने वाले जीवाणु कम होकर ह्यमस बनाने वाले जीवाणुओं की संख्या अधिक हो जाती है जबकि गोबर को किसी अन्य पात्र में रखकर गाड़ा जाए तो उसका वह प्रभाव नहीं होता। सींग …

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केंचुआ खाद बनाने का आसान विधि

पौधों के अवशेष पदार्थों, पशुओं का बचा हुआ चारा, कू़ड़ा करकट आदि पदार्थों के बैक्टीरिया तथा फफूंद द्वारा विशेष विच्छेदन से बना हुआ पदार्थ कम्पोस्ट कहलाता है। सड़ी हुई यह खाद प्रायः गहरे भूरे रंग की होती है कम्पोस्ट को प्रयोग करने से भूमि की भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। मृदा …

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गोबर से खाद बनाने की विधि (इन्दौर विधि, बंगलौर विधि तथा नाडेप विधि)

गोबर की खाद गोबर की खाद फार्म पशुओं, गाय, घोड़ा कभी-कभी सुअरों के ठोस एवं द्रव मल-मूत्र का एक सड़ा हुआ मिश्रण है। जिसमें साधारणतया भूसा, बुरादा, छीलन अथवा अन्य कोई शोषक पदार्थ जो पशुओं के बाॅधने के स्थान पर प्रयोग किया गया हो गोबर की खाद कहते हैं। गोबर की खाद पोषक तत्वों को पौधों …

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हरी खाद क्या है इसके लाभ?

मृदा उर्वरता को बढ़ाने के लिए समुचित हरे पौधों को उसी खेत में उगाकर या कहीं से लाकर खेत में मिला देने की प्रक्रिया को हरी खाद कहते हैं। हरी खाद के प्रयोग से मृदा में कार्बनिक पदार्थ तथा नाइट्रोजन की मात्रा में वृद्धि होती है। यह मृदा जल के वाष्पीकरण को रोकती है। इसके प्रयोग …

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व्यापार चक्र का अर्थ, परिभाषा, अवस्थाएं, सिद्धांत

किसी अर्थव्यवस्था में एक निश्चित समय के बाद आर्थिक क्रियाओं में होने वाले बदलाव को व्यापार चक्र कहते है। किसी देश के आर्थिक विकास के लिए आर्थिक क्रियाओं में होने वाले उतार चढ़ाव को सामान्यत: व्यापार चक्र कहते है। व्यापारिक-चक्र के चढ़ाव के दौरान ऊँची राष्ट्रीय आय, अधिक उत्पादन, अधिक रोज़गार तथा ऊँची कीमतें पाई जाती हैं। …

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लाभांश किसे कहते हैं लाभांश के प्रकार?

कंपनी के लाभ का वह भाग जो अंशधारियों को उनकी पूंजी पर, विनियोजन पर देय होता है, लाभांश कहलाता है। लाभांश में अंतिम तथा अंतरिम लाभांश का समावेश होता है। कंपनी में लाभांश की दर कंपनी के संचालकों द्वारा निश्चित की जाती है और कंपनी की वार्षिक साधारण सभा में अंशधारियों द्वारा अनुमोदित की जाती है। …

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लाभांश नीति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, उद्देश्य, एक सुदृढ़ लाभांश नीति के आवश्यक तत्व

लाभांश नीति का अर्थ है कि वितरण और बकाया कोष रखने के लिए एक नियमित पहुंच को अपनाना कि वर्ष दर वर्ष किसी अस्था्ई निर्णय को लेना। यह लाभांश की अदायगी के समय और मूल्य पर भी ध्यान देती है । उपयुक्त लाभांश नीति बनाना प्रबन्ध् के लिए बड़ा सोच विचार का कार्य है क्योंकि इससे …

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रोकड़ प्रबंध क्या है इसके उद्देश्य Cash Management in hindi

रोकड़ एक ऐसी महत्वपूर्ण चल सम्पत्ति है जिसके बिना किसी व्यवसाय का सफल संचालन करना संभव नहीं होता। रोकड़ में सर्वाधिक तरलता का गुण रहता है। इस कारण रोकड़ का प्रबंध वित्त प्रबंधकों की सबसे बड़ी समस्या है। रोकड़ प्रबंध का मुख्य उद्देश्य संस्था की तरलता एवं लाभदायकता में वृद्धि करना होता है। कार्यशील पूंजी के …

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स्कन्ध प्रबंध (Inventory Management) क्या है ?

स्कन्ध का आशय स्कन्ध के भौतिक सत्यापन से होता है जिसमें गणना प्रधान क्रिया मानी जाती है। परन्तु आजकल इसका अर्थ व्यापक रूप से लगाया जाता है। स्कन्ध में विभिन्न वस्तुओं की रखी गयी मात्रा से होता है अर्थात यदि तैयार माल का स्कन्ध उचित है तो ग्राहकों की सेवा उचित ढंग से की जा सकेगी। …

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