फ्रांस के तृतीय गणतंत्र की प्रमुख समस्या || फ्रांस का तृतीय गणतंत्र के सुधार

नैपोलियन तृतीय की पराजय 2 सितम्बर सन् 1870 ई. में सीडान नामक स्थान पर हुई और उसको बाध्य होकर आत्म-समर्पण करना पड़ा। वह बन्दी बना लिया गया। जब अगले दिन अर्थात् 3 सितम्बर को यह समाचार फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचा तो पेरिस की सस्त जनता के मुख पर यह प्रश्न था कि अब क्या होगा, …

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अमेरिकी गृहयुद्ध के कारण एवं परिणाम | america ka grah yudh

अमेरिकी गृहयुद्ध का आरंभ 12 अप्रैल, 1861 में हुआ। अमेरिकी गृहयुद्ध आरंभ होने के समय दोनों पक्षों ने एक दूसरे की शक्ति का अनुमान गलत लगाया अत: युद्ध 4 वर्ष चला और तभी समाप्त हुआ, जबकि दक्षिण के लोग थककर चूर हो गये। अमेरिका के उत्तरी एवं दक्षिणी भाग में रहने वाले लोगों के मध्य कई …

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चार्टिस्ट आंदोलन के क्या कारण थे?

चार्टिस्ट आंदोलन ग्रेट ब्रिटेन के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। रानी विक्टोरिया के शासन के प्रारंभिक वर्षों में वहाँ एक श्रमिक-आंदोलन हुआ, जिसे चार्टिस्ट आंदोलन का नाम दिया गया। यह आर्थिक कठिनाइयों पर आधारित एक राजनीतिक-आंदोलन था, जिसका अंतिम लक्ष्य समाज में परिवर्तन लाना था। देश में होने वाली औद्योगिक-क्रांति ने देश के सामाजिक और …

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क्रीमिया युद्ध के कारण और उसके परिणाम

क्रीमिया युद्ध के कारण 1. नेपोलियन की महत्वाकांक्षा- 1848 ई. में नेपालेयन तृतीय ने फ्रांस के गणतंत्र का अंत करके अपने को सम्राट बना लिया। उसका विश्वास था कि वह अपनी शक्तिशाली विदेश नीति का अनुसरण करके किसी महान युद्ध में विजयी हो सकता था। इसका अवसर उसने पूर्वी समस्या में देखा जिसके संबंध में रूस और …

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नेपोलियन के प्रथम काउंसिल के रूप में किए गए कार्य – नेपोलियन के सुधार

19वीं शदी का आरंभ नेपोलियान युग के साथ हुआ था। 1806 ई. में नेपोलियन अपने पराक्रम के सर्वोच्च शिखर पर था। उनकी राजधानी पेरिस यूरोपीय राजनीति का केन्द्र थी। बाटरलू के युद्ध के पश्चात नेपोलियन का पतन हुआ। 1804 ई. में सीनेट ने नेपालियन को फ्रांस के हित में फ्रांस का सम्राट घोषित कर दिया। इस …

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फ्रांस की सामान्य दशा का वर्णन || फ्रांस की राज्यक्रांति के प्रधान कारणों की व्याख्या

18वीं शताब्दी के आरंभ में 1715 ई. में लुई चतुर्दश की मृत्यु उपरांत उसका पुत्र लुई पंद्रहवें के नाम से फ्रांस के राज्य सिंहासन पर बैठा। उसके शासनकाल में दिन प्रतिदिन देश का पतन होता चला गया। जिसके कारण लुई पंद्रहवें का शासनकाल अराजकता, अव्यवस्था, अशांति ओर अभावों का युग कहलाता है। उस समय फ्रांस में …

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1776 ई. अमेरिकी क्रांति के 3 मुख्य कारण

सोवियत संघ के विखण्डन के पश्चात् विश्व की प्रथम शक्ति के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका की पहचान निर्विवाद है परन्तु यही देश अठारहवी सदी के पूर्वार्द्ध में ग्रेट ब्रिटेन के अधीन था। यह अधीनता अठारहवीं शताब्दी में यूरोप एवं अमेरिका में उभरे दो आदर्शों स्वतंत्रता एवं समानता के सामने बनी न रह सकी। 1775 ई. …

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औद्योगिक क्रांति पहले इंग्लैण्ड में ही क्यों हुई? औद्योगिक क्रांति के कुछ महत्त्वपूर्ण कारणों का वर्णन।

औद्योगिक क्रांति का अर्थ यह है कि उद्योगों की प्राचीन, परम्परागत और धीमी गति को छोड़कर नये, वैज्ञानिक तथा तेजी से उत्पादन करने वाले यंत्रों व मशीनों का प्रयोग। घरों में तथा घरेलू उद्योगों में हाथ से बनने वाली वस्तुएँ इस परिवर्तन के कारण बड़े-बड़े कारखानों में तथा मशीनों से बनने लगीं। इस क्रांति ने ऐसे …

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कृषि क्रांति और उनके जनक | Krishi Kranti Ke Janak

बारहवीं सदी में कृषि तकनीक के क्षेत्र में काफी परिवर्तन हुए। पुराने हल्के हल का स्थान भारी हल ने ले लिया जो कि गहराई तक जमीन में जुताई कर सकता था। पहले जुए को बैल के सींगों पर बाँधा जाता था, परंतु अब हल के जुए को सींगों के स्थान पर बैल के कंधों पर बाँधा …

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यूरोप में उपनिवेशवाद के आरंभ के कारण थे

1453 ई. में तुर्कों द्वारा कुस्तुनतुनिया पर अधिकार कर लेने के पश्चात् स्थल मार्ग से यूरोप का एशियायी देशों के साथ व्यापार बंद हो गया। अत: अपने व्यापार को निर्बाध रूप से चलाने हेतु नये समुद्री मार्गों की खोज प्रारंभ हुई। कुतुबनुमा, गतिमापक यंत्र, वेध यंत्रों की सहायता से कोलम्बस, मैगलन एवं वास्काेि डगामा आदि साहसी …

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