पर्वत किसे कहते हैं पर्वत हमारे लिए इस प्रकार से उपयोगी हैं

पर्वतों द्वारा पृथ्वी की सम्पूर्ण सतह का 27 प्रतिशत भाग घिरा हुआ है। पर्वत पृथ्वी की सतह के ऊपर उठे हुये वे भाग हैं, जो आसपास की भूमि से बहुत ऊँचे हैं। परन्तु धरातल के सभी ऊपर उठे हुये भाग पर्वत नहीं कहलाते। किसी भी स्थलरूप को पहचानने के लिये ऊँचाई और ढाल दोनों को सम्मिलित …

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भू संतुलन का अर्थ, एअरी और प्रैट के विचार

भू संतुलन का अर्थ आइसोस्टेसी (भूसंतुलन) शब्द ग्रीक भाषा के ‘आइसोस्टेसियॉज’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है संतुलन की स्थिति। आप जानते हैं और आपने ऐसा देखा भी होगा कि पर्वतों के बहुत से शिखर होते हैं और उनकी ऊँचाई भी अधिक होती है। इसी तरह से पठार का ऊपरी भाग सपाट होता है और …

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पृथ्वी की आंतरिक संरचना | सचित्र वर्णन

पृथ्वी की उत्पत्ति को स्पष्ट करते समय यह बताया गया था कि पृथ्वी प्रारम्भ में उत्पत्ति अवस्था में थी। धीरे-धीरे शीतल होकर यह वर्तमान ठोस अवस्था को प्राप्त हुई। इसकी संरचना में जिन रासायनिक तत्वों का योग है उसमें कई हल्के और कई भारी पदार्थ हैं। पृथ्वी का ऊपरी भाग अवसादों से बनी परतदार चट्टानों का …

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उपपुराण के नाम एवं उपपुराण की संख्या

पुराणों की भांति उपपुराणों की भी गणना की गयी है। विद्वानों का विचार है कि पुराणों के बाद ही उपपुराणों की रचना हुई है, पर प्राचीनता अथवा मौलिकता के विचार से उपपुराणों की महत्ता पुराणों के समान है। उपपुराणों में स्थानीय सम्प्रदाय तथा पृथक् पृथक् सम्प्रदायों की धार्मिक आवश्यकता पर अधिक बल दिया गया है।  उपपुराणों …

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18 पुराणों के नाम और सभी पुराणों का संक्षिप्त परिचय

यास्क के निरुक्त के अनुसार, ‘पुराण’ की व्युत्पत्ति है- ‘पुरा नव’ भवति अर्थात् जो प्राचीन होकर भी नया होता है। इन व्युत्पत्तियों की मीमांसा करने से स्पष्ट होता है कि ‘पुराण’ का वर्ण्य विषय प्राचीनकाल से सम्बद्ध था। प्राचीन ग्रन्थों में पुराण का सम्बन्ध ‘इतिहास’ से इतना घनिष्ठ है कि दोनों सम्मिलित रूप से ‘इतिहास-पुराण’ नाम …

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अग्नि बीमा किसे कहते हैं अग्नि बीमा के क्षेत्र?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुई है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुई थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। 1. अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुई हो तब बीमा की संविदा …

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समुद्री बीमा क्या है समुद्री बीमा की आवश्यक शर्तें?

समुद्री बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गों से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी। 13वीं …

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स्वस्थ व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव \ रोगी व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव

शाब्दिक रुप से देखने पर मूत्र चिकित्सा का अर्थ स्वत: ही स्पष्ट हो जाता है-’’ मूत्र द्वारा विविध रोगों की चिकित्सा करना मूत्र चिकित्सा कहलाता है। इसके अन्तर्गत प्रमुख रुप से स्वमूत्र एवं गौमूत्र द्वारा चिकित्सा करने का वर्णन आता है। मूत्र चिकित्सा को प्राचीन शास्त्रों में शिवाम्बु कल्प का नाम देते हुए कहा गया है …

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संगीत हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

ध्वनि चिकित्सा के जितने भी रूप है, उनमें संगीत चिकित्सा सर्वाधिक लोकप्रिय है। यदि हम गहराई से अनुभव करें तो पायेंगे कि ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण संरचना ही संगीतमय है। सृष्टि के आदि में भी सर्वप्रथम अनाहत नाद अर्थात् ऊँकार की ध्वनि ही उत्पन्न हुयी थी और उसके बाद फिर सृष्टि रचना का क्रम आरींा हुआ। इस …

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प्रार्थना का अर्थ, परिभाषा, प्रार्थना का निर्माण करने वाले कौन-कौन पृथक्-पृथक् तत्व हैं ?

प्रार्थना मनुष्य की जन्मजात सहज प्रवृत्ति है। संस्कृत शब्द प्रार्थना तथा आंग्ल (इंग्लिश) भाषा के Prayer शब्द, इन दोनों में अर्थ का दृष्टि से पूरी तरह से समानता है –  संस्कृत में ‘‘प्रकर्षेण अर्धयते यस्यां सा प्रार्थना’’ अर्थात प्रकर्ष रूप से की जाने वाली अर्थना (चाहना अभ्यर्थना)   आंग्ल भाषा का Prayer यह शब्द Preier, precari, prex, prior …

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