प्रत्यय किसे कहते हैं प्रत्यय मुख्यतः कितने प्रकार के होते हैं ?

नवीन शब्द का निर्माण करने के लिए शब्दों के अंत में जोडे़ गए शब्दांशों को प्रत्यय कहते हैं। जैसे कृ + त्वा = कृत्वा (करके) । प्रत्यय दो प्रकार के होते है:- कृत प्रत्यय तद्धित प्रत्यय प्रत्यय किसे कहते हैं वे शब्दांश जो किसी शब्द के अन्त में लगकर उस शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर …

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जल संरक्षण के उपाय एवं प्रकार – Water conservation measures and types

जीवन के लिए वायु के बाद सबसे जरूरी तत्व जल है। जल ही जीवन है। पृथ्वी पर कुल जल क्षेत्र 1460 मिलियन घन किमी. है। लेकिन यह उपलब्ध जल पूरी तरह से उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। इस जल का बहुत मामूली अंष ही मनुष्य के पीने और अन्य के उपयोग में लाने हेतु उपयुक्त …

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दहेज का अर्थ, परिभाषा, दहेज प्रथा के दुष्परिणाम एवं कारण

वर्तमान में दहेज एक गम्भीर समस्या बनी हुई है। इसके कारण माता-पिता के लिए लड़कियों का विवाह एक अभिशाप बन गया है। सामान्यत: दहेज उस धन या सम्पत्ति को कहते हैं जो विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया जाता है।   फेयरचाइल्ड के अनुसार, दहेज वह धन सम्पत्ति है जो विवाह के …

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्या है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आवश्यकता क्यों है?

भारत का संविधान एक धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु और उदार समाज की गारंटी देता है। संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मनुष्य का एक सार्वभौमिक और प्राकृतिक अधिकार है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों का कहना है कि कोई भी राज्य और धर्म इस …

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शब्द शक्ति किसे कहते हैं शब्द शक्ति के भेद?

शब्द से अर्थ का बोध होता है। इसमें शब्द बोधक है और अर्थ बोध्य। ‘गाय का दूध पीओ’ में गाय और दूध शब्द हैं, इनसे गाय-पशु और दूध-वस्तु का बोध कराया जाता है। प्रयोग या उपयोग में अर्थ (वस्तु) ही आता है, शब्द नहीं। शब्द अर्थ (वस्तु) का बोध कराकर निवृत्त हो जाता है। इसलिए भाषा …

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अंतर्विवाह क्या है अंतर्विवाह के प्रमुख कारण?

अंतर्विवाह का तात्पर्य है एक व्यक्ति अपने जीवन-साथी का चुनाव अपने ही समूह में से करें। इसे परिभाषित करते हुए डॉ. रिवर्स लिखते हैं, अन्त:विवाह से अभिप्राय है उस विनिमय का जिसमें अपने समूह में से जीवन-साथी का चुनाव अनिवार्य होता है। वैदिक एवं उत्तर-वैदिक काल में द्विजों का (ब्राह्मण, क्षत्रीय एवं वैश्य) एक ही वर्ण …

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संचार क्या है? – परिभाषा और महत्व – What is communication?

संचार का अर्थ संचार का अर्थ शाब्दिक दृष्टि से विचार करें तो एक तकनीकी शब्द है जो अंग्रेजी के कम्युनिकेशन (Communication) शब्द का हिन्दी रूपान्तर है। संचार का सामान्य अर्थ किसी बात को आगे बढ़ाना, चलाना या फैलाना है।  जब हम ‘संचार’ शब्द का प्रयोग कम्युनिकेशन के विशिष्ट अर्थ में करते हैं, तब यह एक पारिभाषिक …

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आत्मकथा का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं तत्व

आत्मकथा लेखन में लेखक के द्वारा कही गयी बातों पर विश्वास करते हुए उस को सच माना जाता है, क्यों कि उस के लिए लेखक स्वयं साक्षी एवं जिम्मेदार होता है। आत्मकथा लेखन आत्मकथाकार के जीवन के व्यक्तित्व उद्घाटन, ऐतिहासिक तत्वों की प्रामाणिकता तथा उद्देश्य के कारण महान होता है। आत्मकथा का उद्देश्य लेखक द्वारा स्वयं …

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वाक्य किसे कहते हैं रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं?

भाषा की सबसे छोटी इकाई है वर्ण। वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं तथा शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य। अर्थात् वाक्य शब्द-समूह का वह सार्थक विन्यास होता है, जिससे उसके अर्थ एवं भाव की पूर्ण एवं सुस्पष्ट अभिव्यक्ति होती है। अत: वाक्य में आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति एवं क्रम का होना आवश्यक है। यह …

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बहिर्विवाह क्या है बहिर्विवाह के लाभ एवं हानियाँ?

बहिर्विवाह से तात्पर्य है कि एक व्यक्ति जिस समूह का सदस्य है उससे बाहर विवाह करे। रिवर्स लिखते हैं, बहिर्विवाह से बोध होता है उस विनिमय का जिसमें एक सामाजिक समूह के सदस्य के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह दूसरे सामाजिक समूह से अपना जीवन साथी ढूँढ़े।  हिन्दुओं में बहिर्विवाह के नियमों के अनुसार …

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