शिक्षण की विशेषताएं, विधि एवं प्रविधि

शिक्षा एक त्रिमुखी प्रक्रिया है और शिक्षण का अर्थ सम्बन्ध स्थापित करना है शिक्षक शिक्षार्थी एवं विषय के मध्य।शिक्षा के तीन केन्द्र बिन्दु है- शिक्षक, विद्यार्थी एवं विषय/पाठ्यचर्या। इन तीनों में आदान-प्रदान होते रहते हैं। यह आदान-प्रदान शिक्षण क्रिया द्वारा होता है। दूसरे शब्दों में शिक्षण उक्त तीनों बिन्दुओं में स्थापित किया जाने वाला सम्बन्ध है। …

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एक अच्छे शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या है?

शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरू कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है। ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं जो सभी को ज्ञान देता है और सिखाता है।  किसी भी देश या राष्ट्र के भविष्य …

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प्रधानाध्यापक का विद्यालय के प्रति उत्तरदायित्व कर्तव्य और कार्य

प्रधानाध्यापक को विद्यालय में बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। प्रधानाध्यापक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री पी.सी. रैन ने लिखा है कि विद्यालय स्वस्थ अथवा अस्वस्थ, मानसिक, नैतिक एवं भौतिक परिस्थितियों में सम्पन्न तथा पतनोन्मुख अच्छे अथवा बुरे होते हैं जबकि प्रधानाध्यापक योग्य, उत्साही एवं उच्च आदर्शपूर्ण अथवा उसके प्रतिकूल होता है। महान प्रधानाध्यापक …

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विद्यालय का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, महत्व एवं आवश्यकता

विद्यालय का कार्य परंपरागत रूप से ज्ञान देने हेतु ही किया जाता रहा है । वास्तव में, समाज के इस संस्था का निर्माण ही व्यक्ति तथा समाज की जरूरतों की पूर्ति हेतु किया गया है । यहाँ शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक शिक्षा दी जाती है । विद्यालय का अर्थ संस्कृत में विद्या + आलय अर्थात् विद्या …

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हिन्दू धर्म के सोलह 16 संस्कार I 16 Sanskar details in hindi

संस्कार शब्द की व्युत्पत्ति सम पूर्वक ‘कृन्’ धातु से ‘‘धम’’ प्रत्यय करने पर होती है। सम् + कृ + धन = संस्कार। विभिन्न स्थलों पर भिन्न-भिन्न सन्दर्भों में इसका उपयोग अनेक अर्थों में किया जाता है। प्रसंग के अनुसार संस्कार शब्द के अर्थ, शिक्षा, संस्कृति प्रशिक्षण, व्याकरण सम्बन्धी शुद्धि संस्करण, परिष्करण, शोभा, आभूषण, प्रभाव, स्वरुप, स्वभाव …

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सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख रचनाएँ

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म सन् 1896 ई. में बसन्त पंचमी के दिन बंगाल के महिषादल नामक स्थान पर हुआ। निराला की जन्म तिथि के विषय में विद्वान में पर्याप्त मतभेद भी पाये जाते है। निराला के पिता पं. राम सहाय, गढ़ा कोला, जिला उन्नाव के रहने वाले थे आर्थिक परिस्थिति के कारण कलकत्ता में जाकर पुलिस …

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सुमित्रानंदन पंत की प्रमुख रचनाएँ

सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई  सन 1900 ई. रविवार को कौसानी में हुआ। यह स्थान अल्मोड़ा नगर से 53 किलोमीटर की दूरी पर हिमालय की सौन्दर्य  पुलकित घाटी में स्थित है। सुमित्रानंदन पंत 1910 ई में अल्मोड़ा गए। यही 15-16 वर्ष  की आयु से नियमित कविता लिखना शुरू किया। आठवी कक्षा से ही सुमित्रानंदन पंत ने हिन्दीकविता …

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छायावादी कवि के नाम और उनकी रचनाएँ

छायावादी काव्य का प्रारम्भ कब हुआ? यह प्रश्न आज भी विवाद का विषय बना हुआ है। स्थूल  रूप से यह माना जाता है कि द्विवेदी युग  सन् 1920 के बाद निष्पभाव हो गया था। वस्तुतः आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा संपादित पत्रिका ‘‘सरस्वती‘‘ ही संपादन अवधि को ही द्विवेदी युग की संज्ञा देना उपयुक्त है। उनके कार्यकाल …

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योग क्या है वर्तमान में इसकी योग उपयोगिता ?

योग एक आध्यात्मिक विद्या है किन्तु आधुनिक समय में योग का उन्नयन एवं विकास स्वास्थ्य योग विज्ञान के रूप में हो रहा है। आज योग को स्वास्थ्य के क्षेत्र में असीम सफलता प्राप्त हो रही है और लोग इससे पूर्णरूप से प्रभावित एवं लाभान्वित हो रहें हैं। योग और आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य और पर्यावरण का …

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स्वाधीनता का अर्थ, परिभाषा एवं अवधारणा

स्वाधीनता का अर्थ स्वाधीन का अर्थ- ‘स्वतंत्र, किसी का नियंत्रण न मानने वाला, अपनी इच्छानुसार चलने वाला’ होता है। ‘स्व के अधीन होना ही स्वाधीनता है।’  स्वाधीनता शब्द के लिए हिन्दी में स्वतंत्रता, अपराधीनता, मुक्ति आदि अर्थ दिये हैं। अंग्रेजी में से इसके लिए दो शब्द के प्रयोग मिलते हैं, लिबर्टी तथा फ्रीडम (Freedom)। यद्यपि दोनों …

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