सामुदायिक विकास कार्यक्रम क्या है? सामुदायिक विकास कार्यक्रम का क्या उद्देश्य है?

सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सहभाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है। भारत की लगभग 74 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामों में रहती है। जनसंख्या के इतने बडे़ भाग की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का प्रभावपूर्ण समाधान किये बिना हम कल्याणकारी राज्य के लक्ष्य को …

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सामुदायिक संगठन क्या है, परिभाषा, उद्देश्य, सिद्धांत

सामुदायिक संगठन एक प्रक्रिया है। सामुदायिक संगठन का तात्पर्य किस समुदाय या समूह में लोगों द्वारा आपस में मिलकर कल्याण कार्यों की योजना बनाना तथा इसके कार्यान्वयन के लिए उपाय तथा साधनों को निश्चित करना है किसी समुदाय से सम्बन्धित प्रक्रियाएं अनेक प्रकार की हो सकती है अत: सामुदायिक संगठन की प्रक्रिया का अभिप्राय केवल उस …

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जनजातीय विकास क्या है जनजातीय विकास के विभिन्न मुद्दे एवं चुनौतियाँ ?

जनजातीय विकास का आशय है जनजातीय आबादी की अधिकारहीनता की प्रस्थिति को सुधारते हुए उनके जीवन में गुणात्मक उन्नति करना। भारत का संविधान अनुसूचित जनजातियों को वैधानिक संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करता है ताकि उनकी सामाजिक निर्योंग्यताएं हटाई जा सकें तथा उनके विविध अधिकारों को बढ़ावा मिल सके। संवैधानिक प्राविधानों के अतिरिक्त जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन …

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नगरीय विकास क्या है नगरीय विकास से सम्बद्ध समस्यायें ?

भौगोलिक एवं प्राकृतिक भू-भाग को समाज वैज्ञानिकों ने विविध आधारों पर बाँटा है: महाद्वीप एवं महादेशीय आधार पर वर्गीकरण, राष्ट्र-राज्यों के आधार पर वर्गीकरण, सामाजिक-आर्थिक प्रणालियों के आधार पर वर्गीकरण, इत्यादि। समाज ऐतिहासिक विकास की प्रक्रिया को आधार बनाकर विश्व के भू-भागों को दो श्रेणियों में विभक्त किया जा कसता है: ग्रामीण क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र। …

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ग्रामीण विकास का अर्थ, परिभाषा, ग्रामीण विकास से सम्बन्धी मुद्दे

ग्रामीण विकास एवं बहुआयामी अवधारणा है जिसका विश्लेषण दो दृष्टिकोण के आधार पर किया गया है: संकुचित एवं व्यापक दृष्टिकोण। संकुचित दृष्टि से ग्रामीण विकास का अभिप्राय है विविध कार्यक्रमों, जैसे- कृषि, पशुपालन, ग्रामीण हस्तकला एवं उद्योग, ग्रामीण मूल संरचना में बदलाव के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना।  वृहद दृष्टि से ग्रामीण विकास का अर्थ …

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ग्रामदान क्या है ग्रामदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुये विनोबा जी ने इसके 7 लाभ बतायें हैं

यदि किसी गॉव में रहने वाले 80 प्रतिशत भू-स्वामी अपनी भूमि का स्वामित्व भूमिहीनों को प्रदान कर दें तथा प्रदान की गयी यह भूमि सम्पूर्ण भूमि के 51 प्रतिशत से अधिक हो तो गॉव का ग्रामदान में मिली हुयी भूमि का स्वामित्व सम्पूर्ण समुदाय का होता है, किसी एक व्यक्ति का नहीं । ग्रामदान के महत्व …

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सहकारी आंदोलन क्या है सहकारी आंदोलन के स्तर ?

सहकारिता के विचार ने भारत में ठोस रूप सबसे पहले उस समय ग्रहण किया जब गॉवों में विधमान ऋृण भार का सामना करने के लिए 1904 में सहकारी ऋण समितियां अधिनियम पारित हुआ। इस अधिनियम में केवल ऋण समितियों की रचना के लिए ही व्यवस्था की गयी थी इसलिए गैर ऋण समितियों की रचना के लिए …

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शोध समस्या क्या है? परिभाषा, शोध समस्या के स्रोत

किसी भी शैक्षिक शोध की शुरूआत एक शोध समस्या की स्पष्ट पहचान से होती है। शोध समस्या की स्पष्ट रूप से पहचान कर उसका उल्लेख करना शोधकर्ता के लिए एक कठिन कार्य होता है। फिर भी वह परिस्थितियों की समझ, अपने अनुभवों एवं पहले किये गये शोधों की समीक्षा करके किसी स्पष्ट तथा ठोस समस्या का …

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण का अर्थ

उपभोक्ता के हितो के संरक्षण के लिये सरकार ने 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किया गया। 15 अप्रैल सन् 1987 मे इसे जम्मू-कश्मीर राज्य को छोडकर सभी राज्यों में क्रियान्वित किया गया। अत: उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिये बनाया गया अधिनियम ही उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कहलाता है। इस अधिनियम के अन्र्तगत कुल 31 …

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उपभोक्ता शिक्षा के क्या लाभ हैं उपभोक्ता शिक्षा की आवश्यकता या महत्व?

उपभोक्ता शिक्षा सामान्य शिक्षा की वह शाखा है, जो किसी वस्तु, माल या सेवा का उपभोग करने वाले व्यक्ति को ऐसी वस्तु, माल या सेवा के संबंध में दी जाती है। दूसरे शब्दों में, उपभोक्ता वर्ग को उसके अधिकारों एवं कर्तव्यों से अवगत कराना ही उपभोक्ता शिक्षा है। उपभोक्ता शिक्षा में निम्नलिखित के बारे में जानकारी …

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