अर्थशास्त्र का अर्थ, परिभाषा, शाखाएं

अर्थशास्त्र एक अत्यंत विशाल विषय है। इसलिये अर्थशास्त्र की कोई निश्चित परिभाषा अथवा अर्थ देना आसान नहीं है क्योंकि इसकी सीमा तथा क्षेत्र, जो इसमें सम्मिलित हैं, अत्यंत विशाल हैं। जिस समय से यह सामाजिक विज्ञान के अध्ययन की एक पृथक शाखा के रूप में उभर कर आया है, विभिन्न विद्वानों तथा लेखकों ने इसका अर्थ …

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मोल अवधारणा क्या है?

दो पदार्थों के मिलाने से हमें एक या एक से अधिक नये पदार्थ मिलते हैं। उदाहरण के लिये जब हम हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के मिश्रण को प्रज्ज्वलित करते हैं तो एक नया पदार्थ पानी बनता है। इसे हम रासायनिक समीकरण के रूप में दिखाते हैं। 2H2 (g) + O2 (g) ⎯→ 2H2O (l) उपरोक्त समीकरण में …

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विक्रय कोटा क्या है विक्रय कोटे का निर्धारण करने हेतु संस्थाओं द्वारा विभिन्न विधियों का प्रयोग किया जाता है?

प्रत्येक उपक्रम या व्यावसायिक उपक्रम अपने संगठन के विस्तृत उद्देश्य निर्धारित करता है। जिनमें से अधिकतम विक्रय भी एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उपक्रम के प्रबन्धकों द्वारा विक्रेताओं के तथा विक्रय क्षेत्रों के लिए विक्रय लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। इन विक्रय लक्ष्यों की प्राप्ति का एक प्रभावी उपाय विक्रय …

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विक्रय बजट क्या है विक्रय बजट बनाने के प्रमुख उद्देश्य?

कार्यानुसार बजट, वह बजट है जो किसी व्यवसाय के एक विशेष कार्य से सम्बन्धित होता है, जैसे उत्पादन बजट, विक्रय बजट आदि। कार्यानुसार बजट प्रत्येक कार्य के आधार पर तैयार किये जाते हैं। इसके पश्चात् सभी बजटों का समन्वय करके मास्टर बजट तैयार किया जाता है। विक्रय बजट, बजट अवधि की कुल बिक्री की भविष्यवाणी या …

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विक्रय प्रशिक्षण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, उद्देश्य

विक्रय प्रशिक्षण, का अर्थ है विक्रय के सम्बन्ध में प्रशिक्षण देना। इस प्रशिक्षण द्वारा विक्रयकर्ताओं को यह सिखाया जाता है कि वे किस प्रकार विक्रय के कार्य को अच्छी प्रकार से पूरा कर सकते हैं। प्रशिक्षण के द्वारा विक्रेताओं के गुणों और योग्यताओं को और अधिक विकसित किया जाता है ताकि उनकी विक्रय प्रतिभा में और …

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वैयक्तिक विक्रय क्या है अनेक विद्वानों एवं प्रमुख संस्थाओं द्वारा वैयक्तिक विक्रय को परिभाषित किया गया है

वैयक्तिक विक्रय विक्रयकला से विस्तृत अवधारणा है। यह विपणन के अन्य तत्त्वों जैसे मूल्य निर्धारण, विज्ञापन, उत्पाद विकास तथा अनुसन्धान तथा वस्तुओं के भौतिक वितरण को लागू करने का एक साधन है। विक्रय कला वैयक्तिक विक्रय का एक पहलू है। यह वैयक्तिक विक्रय में प्रयोग की जाने वाली कला कौशल है।  स्टिल एवं कनडिफ के अनुसार, …

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विक्रय प्रबंध का अर्थ, परिभाषा, तत्व या विशेषताएँ या लक्षण

विक्रय प्रबंध का अर्थ प्रारम्भ में, ‘विक्रय-प्रबंध’ का अर्थ विक्रेतओं के निर्देशन अथवा पर्यावेक्षण’ से लगाया जाता था। किन्तु बाद में विक्रय-प्रबंध में प्रबंध के अन्य पहलु भी शामिल किये जाने लगे तथा 20वीं सर्दी में प्रबंध का अर्थ अत्यंत रूप से व्यापाक हो गया जिसमें विज्ञापन, विपणन, अनुसंधान, विक्रय-संवर्धन, कीमत निर्धारण, भौतिक वितरण उत्पादन नियोजन …

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अग्नि बीमा किसे कहते हैं अग्नि बीमा के क्षेत्र?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुई है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुई थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। 1. अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुई हो तब बीमा की संविदा …

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समुद्री बीमा क्या है समुद्री बीमा की आवश्यक शर्तें?

समुद्री बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गों से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी। 13वीं …

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पूंजीवाद (पूंजीवादी अर्थव्यवस्था) क्या है पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ ?

आधुनिक पूंजीवाद का जन्म यूरोप में 18वीं सदी में हुआ जब उद्योगों में मशीनों का प्रयोग होने लगा और मशीनों को चलाने के लिए मानव एवं पशु शक्ति के स्थान पर जड़-शक्ति का प्रयोग किया जाने लगा। पश्चिमी देशों एवं विश्व के कई अन्य देशों में पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का प्रचलन पाया जाता है।  पूंजीवाद को पारिभाषित …

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