संत रैदास का जीवन परिचय

संत किसी देश या जाति में नहीं, अपितु पूरे मानव समाज की अमूल्य संपत्ति होते हैं। हमारा दुर्भाग्य है कि हमारे देश के महापुरूष और संत अपने विषय में प्राय: मौन रहे। इससे उनकी गरिमा में सदैव वृद्धि ही हुर्इ। यह संसार क्षण भंगुर है, अत: तू माया मोह के जाल में मत फँस। यह तो …

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मीराबाई का जीवन परिचय

मीराबार्इ का जन्म राजस्थान में मेवाड़ के निकट स्थित चौकड़ी ग्राम में सन् 1498 र्इ. के आसपास हुआ था। मीराबार्इ के पिता कानाम रत्नसिंह था और इनका विवाह राणा साँगा के पुत्र भोजराज के साथ हुआ था। भोजराज की मृत्यु अचानक हो जाने से मीरा का जीवन अस्तव्यस्त हो गया। वैसे तो मीरा बाल्यकाल से श्री …

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महादेवी वर्मा का जीवन परिचय

श्रीमती महोदवी वर्मा का जन्म सन् 1907 को फर्रूखावाद में हुआ था। इनके पिताजी श्री गोविन्द प्रसाद तथा और मां का नाम श्रीमती हेमरानी देवी था। महादेवी की मां कवियत्री और नाना जी कवि थे। महादेवी जी की प्रारम्भिक शिक्षा इन्दौर में हुर्इ। इन्होंने बाल्यकाल से ही कविताएं लिखना प्रारम्भ कर दिया था। उनकी प्रारम्भिक रचनाएं …

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गजानन माधव मुक्तिबोध का जीवन परिचय

इनका जन्म 13 नबम्बर, 1917 में म.प्र. के शिवपुरी में हुआ था । इन्होंने बी.ए. तक अध्ययन प्राप्त किया । आर्थिक संकटों के बावजूद इन्होंने अंग्रेजी, रूसी, फ्रेंच एवं वैज्ञानिक उपन्यासों में विशेष रूचि ली । 11 सितम्बर 1964 में मृत्यु हुर्इ । रचनाएँ- कविता संग्रह-’’चाँद का मुँह टेढ़ा हैं’’ तार सप्तक ।  समीक्षा- एक पुनर्विचार, …

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छंद के अंग एवं प्रकार

परिभाषा- निश्चित चरण, वर्ण, मात्रा, गति, यति, तुक और गण आदि के द्वारा नियोजित पद्य रचना को छंद कहते हैं। छंद के अंग चरण या पाद –चरण को पाद भी कहते हैं। एक छन्द में प्राय: चार चरण होते हैं। चरण छन्द का चौथा हिस्सा होता है। प्रत्येक पाद में वर्णों या मात्राओं की संख्या निश्चित होती …

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय

श्री हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 में बलिया (उत्तरप्रदेश) जिले के आरत दुबे का छपरा नामक ग्राम में हुआ था । काशी में उन्होंने प्रवेशिका, इंटर व ज्योतिष में आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की। पहले वे मिर्जापुर के एक विद्यालय में अध्यापक हुए, वहाँ पर आचार्य क्षितिजमोहन सेन ने इनकी प्रतिभा को पहचाना और …

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आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का जीवन परिचय

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अगोना गाँव में हुआ था। बाल्यकाल से ही आपने संस्कृत का ज्ञान प्राप्त किया एवं इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की। तभी से आपकी साहित्यिक प्रवृत्तियाँ सजग रहीं। 26 वर्ष की उम्र में’ हिन्दी-शब्द-सागर’ के सहकारी संपादक हुए एवं नौ वर्षों तक ‘नागरी …

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समाचार के प्रकार

समाचार क्या है? समाचार की संरचना, समाचार के तत्व, समाचार बनने योग्य तत्व, समाचार लेखन की प्रकिया एवं भाषा एवं शैली जानने के बाद समाचार के प्रकार के बारे में जानना अत्यंत जरूरी है क्योंकि कर्इ प्रकार की घटनाए इस संसार में रोज घटती है। उनमे से कुछ घटनाए समाचार बनती है और इस प्रकार कर्इ …

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पत्रकारिता का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

पत्रकारिता : अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र‘ में ‘पत्रकारिता’ शब्द का अर्थ, पत्रकारिता कार्य से आशय एव पत्रकारिता की परिभाषाओ की चर्चा की गर्इ है। जैसा कि आप जानते हैं कि इस पाठयक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रो में प्रयोजनमूलक हिन्दी के प्रति जागरूकता लाना है। इस अध्याय में पत्रकारिता और पत्रकार के रिश्ते, पत्रकार के गुण, …

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अंतर्राष्‍ट्रीयता की अवधारणा एवं विशेषताएं

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति क्षेत्र, जाति, लिंग, धर्म, संस्कृति, व्यवसाय अथवा अन्य किसी आधार पर ‘हम’ की भावना से बंधे रहेते हैं तो इसे भावात्मक एकता कहते हैं। मनुष्य आरम्भ से केवल अपने बारे में सोचता था धीरे-धीरे उसने दूसरो के विषय में सोचना प्रारम्भ किया जब समाज का निर्माण हुआ फिर एक …

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