ईथर बनाने की विधि

विलियमसन संश्लेषण-  इस विधि में एल्किल हैलाइड के हैलीजेन परमाणु का ऐल्कॉक्सी समूह द्वारा प्रतिस्थापन कराने पर र्इथर बनते हैं। एल्किल हैलाइड की अभिक्रिया ऐल्कोहॉल या फीनॉल के सोडियम या पौटेिशयम लवण से करायी जाती है। ऐल्कोहॉलो के निर्जलीकरण से –  ऐल्कोहॉलो को सांद्र H2SO4 के साथ उचित ताप पर गर्म करने पर जल अणु निकल …

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कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण

कार्बनिक यौगिकों को तीन वर्गों में विभाजित किया जाता हैं : एलिफैटिक या विवृत श्रृंखला कार्बोसाइक्लिक या समचक्रिय विषम चक्रिय एलिफैटिक या विवृत श्रृंखला –  इस वर्ग के अन्र्तगत यौगिकों में खुली संरचना पायी जाती है जिनमें कार्बन परमाणु परस्पर सीधी श्रृंखला में जुडे रहते है। एलिपैटिक हाइड्रोकार्बन के अन्र्तगत संतृप्त, असंतृप्त और उनके व्युत्पन्न आते है। …

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व्यक्तित्व का अर्थ, प्रकार एवं सिद्धान्त

व्यक्तित्व का अर्थ मनोवैज्ञानिकों द्वारा व्यक्तित्व की विभिन्न परिभाषाएं दी गई है। परिभाषाओं के क्रम में सबसे पुरानी परिभाषा व्यक्तित्व शब्द की उत्पत्ति से सम्बिन्ध् ात संप्रत्यय पर आधारित है। व्यक्तित्व का अंग्रजी अनुवाद ‘Personality’ है जो लैटिन शब्द Persona से बना है तथा जिसका अर्थ मुखौटा होता है, जिसे नाटक करते समय कलाकारों द्वारा पहना जाता था। …

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राष्ट्रकूट वंश इतिहास

राष्ट्रकूट वंश वाले बादामी के चालुक्यों के सामन्त थे । राष्ट्रकूट वंश का प्रथम प्रसिद्ध शासक दंतिदुर्ग था। उसने अपने अधिराज विक्रमादित्य प्रथम की सहायता उस समय की थी जब वह पल्लवों से युद्ध कर रहा था । राष्ट्रकूट वंशों ने र्इस्वी की आठवी शताब्दी के मध्य में चालुक्यों की अधीनता का जुआ उतार फेंका और …

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पल्लव वंश का इतिहास

पल्लव भी स्थानीय कबीले के लोग थे । इन्होंने दक्षिणी आंध्र और उत्तरी तमिलनाडु में अपना राज्य स्थापित किया था । वे स्वयं को ब्राम्हण मानते थे । इन्होंने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनाया । यह वैदिक ज्ञान का एक बड़ा केन्द्र बन गया । पल्लवों का राजनैतिक इतिहास स्पष्ट नहीं है । प्रारम्भिक राजा पाण्ड्य …

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वाकाटक वंश का इतिहास

सातवाहनों के पतन के बाद पश्चिमी और दक्षिणी भारत पुन: छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त हो गया । आन्तरिक कलह के कारण शक क्षत्रपों की शिक्त् का हास हो गया सर्वोच्च शक्ति के अभाव में वाकाटक वंश के शासको ने पश्चिमी और दक्षिणी भारत में अपनी सत्ता की स्थापना की। तीसरी से छठी शताब्दी र्इ. तक वाकाटकों …

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सातवाहन वंश का इतिहास

सातवाहन वंश का संस्थापक ‘सिमुक’ था। सिमुक के बाद उसका छोटा भार्इ कन्ह (कृष्ण) राजा बना क्योंकि सिमुक पुत्र शातकर्णि अवयस्क था। कृष्ण के पश्चात सिमुक का अवयस्क पुत्र श्री शातकर्णि (प्रथम शातकर्णि) शासक हुआ। शातकर्णि प्रथम प्रारम्भिक सातवाहन नरेशो  में सबसे महान था। उसने अंगीय कुल के महारठी त्रनकयिरों की पुत्री नागविका के साथ विवाह …

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संयुक्त हिन्दू परिवार व्यवसाय क्या है ?

संयुक्त हिन्दू परिवार व्यवसाय का अर्थ- संयुक्त हिन्दू परिवार व्यवसाय एक प्रकार की ऐसी व्यावसायिक इकार्इ हैं जो संयुक्त या अविभाजित हिन्दू परिवारों द्वारा चलायी जाती हैं। परिवार के तीन पीढ़ियों के सदस्य इस व्यवसाय के सदस्य होते हैं। सभी सदस्यों का व्यावसायिक सम्पत्ति के स्वामित्व पर बराबर का अधिकार होता हैं। संयुक्त हिन्दू परिवार व्यवसाय …

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एकाकी व्यापार क्या है ?

एकाकी व्यापारी स्वयं ही व्यवसाय का प्रबंधक और कर्मचारी होता हैं। वह स्वयं ही आवष्यक पूंजी लगाता हैं। लाभ-हानि का अधिकारी होता हैं तथा व्यापार के समस्त उत्तरदायित्वों को पूरा करता है। इन्ही विषेषताओं के कारण उसे एकाकी व्यापारी, व्यक्तिगत साहसी, व्यक्तिगत व्यवस्थापक, एकल स्वामी तथा एकाकी स्वामित्व आदि भी कहा जाता हैं। डॉ. जानए ए. …

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भण्डारण क्या है?

भण्डारण का अर्थ है बड़ी मात्रा में वस्तुओं को, उनकी खरीद अथवा उत्पादन के समय से लेकर उनके वास्तविक उपयोग अथवा विक्रय के समय तक सुरक्षित रखना। भण्डारण गृह अथवा गोदाम शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची है, अत: जहाँ वस्तुओं को संग्रहित किया जाता है , वह भण्डार गृह कहलाता है। भण्डारण से वस्तुओं के उत्पादन …

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