सामुदायिक विकास का अर्थ, परिभाषा

शाब्दिक रूप से सामुदायिक विकास का अर्थ- समुदाय का विकास या प्रगति। इसके पश्चात भी सामुदायिक विकास की अवधारणा इतनी व्यापक और जटिल है कि इसे केवल परिभाषा द्वारा ही स्पष्ट कर सकना बहुत कठिन है। जो परिभाषा दी गयी है, उनमें किसी के द्वारा एक पहलू पर अधिक जोर दिया गया है और किसी में …

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महिलाओं से संबंधित कानून

महिलाओं से संबंधित कानून 1. मातृत्व लाभ अधिनियम (1961) – यह अधिनियम पूरे भारत वर्ष में महिला कर्मचारियों पर लागू होता है। यह अधिनिमय अधिकतम 12 सप्ताह का अवकाश उन महिलाओं को प्रदान करता है जो मातृत्व सुख प्राप्त करती है। यह लाभ प्राप्त करने वाली महिला माँ बनने के दिन के ठीक पहले 6 सप्ताह तथा …

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सामाजिक विधान का अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र एवं आवश्यकता

सामाजिक विधान का अर्थ एवं परिभाषा  योजना आयोग के अनुसार ‘‘प्रचलित कानूनों तथा वर्तमान आवश्यकताओं के बीच दूरी को कम करने वाले विधान को सामाजिक विधान कहा जा सकता है।’’ गंग्राडे तथा बत्रा के मत में ‘‘सामाजिक विधान की परिभाषा उन कानूनों के रूप में की जा सकती है जिन्हें सकारात्मक मानव संसाधन को बनाये रखने …

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सामाजिक नीति की अवधारणा एवं उद्देश्य

स्वतंत्रता प्राप्ति के पष्चात् सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियोजित विकास का सहारा लेना आवश्यक समझा गया क्योंकि यह अनुभव किया गया कि गरीबी, बेकारी जैसी अनेक गंभीर सामाजिक समस्यायें उचित विकास न होने के कारण ही हमारे समाज में व्यापक रूप से विद्यमान है सामाजिक समस्याओं को और अधिक तेज करना तथा इससे …

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समाज कल्याण प्रशासन क्या है ?

सामाजिक सेवाओं से सम्बन्धित विभिन्न समान अथ्री शब्दों जैसे सामाजिक प्रशासन, समाज सेवा प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा प्रशासन, कल्याण प्रशासन, लोक कल्याण प्रशासन, सामाजिक संस्था प्रशासन के कारण समाज कल्याण प्रशासन के वास्तविक अर्थ के सम्बन्ध भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती हैए परन्तु वास्तव में समाज कल्याण प्रशासन उस क्रियाविधि को कहते है जिसके द्वारा सामाजिक संस्था …

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व्यावसायिक सामाजिक कार्य का विकास

सन् 1935 मे सामूहिक कार्यकताओं मे व्यावसायिक चेतना जागृत हुर्इ इस वर्ष समाज कार्य की राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में सामाजिक सामूहिक कार्य को एक भाग के रूप में अलग से एक अनुभाग बनाया गया इसी वर्ष सोशल वर्क र्इयर बुक में सामाजिक सामूहिक सेवा कार्य पर अलग से एक खण्ड के रूप में कर्इ लेख प्रकाशित किये …

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मंत्रणा का अर्थ

सामाजिक वैयक्तिक सेवा कार्य में मन्त्रणा कार्य का विकास सर्वप्रथम बेरथा रेयनोल्ड्स ने सन् 1932 र्इ0 में किया। सामाजिक संस्थाओं में कार्य करने का अनुभव जैसे-जैसे होता गया वैयक्तिक कार्यकर्ताओं में नये-नये विचार उत्पन्न होते गये। कुछ वैयक्तिक कार्यकर्ताओं ने बिना किसी सामाजिक सेवा के सेवार्थियों को सहायता देने में रूचि प्रकट की। उनका यह अनुभव …

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संघर्ष का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

संघर्ष मानव सम्बन्धों में सतत रहने वाली एक प्रक्रिया है। जब व्यक्ति व्यक्ति के बीच सहयोग नहीं होता अथवा जब वे एक दूसरे के प्रति तटस्थ भी नहीं होते, तो संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो ही जाती है। संघर्ष को समाज में अस्वाभाविक भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि जब सीमित लक्ष्यों को अनेक व्यक्ति प्राप्त …

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प्रतिस्पर्धा का अर्थ, परिभाषा

1.बोगार्डस, र्इ0 एस0 : प्रतिस्पर्धा किसी वस्तु को प्रापत करने की प्रतियोगिता को कहते हैं जो कि इतनी मात्रा मे कहीं नहीं पार्इ जाती जिससे मांग की पूर्ति हो सके। 2. फिचर, जे0 एच0 : प्रतिस्पर्धा एक सामाजिक प्रक्रिया है जिसमें दो या दो अधिक व्यक्ति अथवा समूह समान उद्देश्य प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं। …

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सहयोग का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं महत्व

सहयोग चेतन अवस्था है जिसमें संगठित एवं सामूहिक प्रयत्न किये जाते हैं क्योंकि समान उद्देश्य होता है सभी की सहभागिता होती है, क्रियाओं एवं विचारों का आदान-प्रदान होता है। अन्त:क्रिया सकारात्मक होती है तथा सहायता करने की प्रवृत्ति पायी जाती है। सहयोग में भाग लेने वाले व्यक्ति उत्तरदायित्व पूरा करते हैं। परन्तु उसके निश्चित प्रतिमान होते …

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