मनोविज्ञान के अध्ययन की विधियाँ

अन्तर्निरीक्षण विधि-  अन्तर्निरीक्षण विधि को व्यक्ति के मनोविज्ञान के अध्ययन की प्रथम विधि के रूप में जाना जाता है। इस विधि के प्रतिपादक विलियम वुण्ट एवं उनके शिष्ट र्इ.बी. टिचनर कहे जाते हैं। विलियम वुण्ट मनोविज्ञान को ‘फादर ऑफ साइकोलाजी’ भी कहा जाता है क्योंकि विलियम वुण्ट ही वह प्रमुख अनुसंधानकर्ता हुए हैं जिन्होंने जर्मनी के …

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मनोविज्ञान की अवधारणा

शाब्दिक रूप में मनोविज्ञान दो पदों से मिलकर बना है, मन एवं विज्ञान । इस दृष्टि से यदि देखें तो वैज्ञानिक तरीकों से मन का अध्ययन ही मनोविज्ञान है। अर्थात् जिन तरीकों से, जिन विधियों से मन का अध्ययन किया जाना है वे वैज्ञानिक हों। यदि विज्ञान की कसौटी पर खरे उतरने वाले तरीकों से मन …

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संतुलित आहार, परिभाषा, महत्व एवं घटक

संतुलित आहार की अवधारणा अथवा संतुलित आहार क्या है? संतुलित आहार वह भोजन है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ ऐसी मात्रा व समानुपात में हों कि जिससे कैलोरी खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता समुचित रूप से पूरी हो सके। इसके साथ-साथ पोषक तत्वों का कुछ अतिरिक्त मात्रा में प्रावधान हो ताकि …

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आहार का पाचन

सर्वप्रथम भोजन को मुँह से चबाते है तत्पश्चात निगलते है भोजन अमाशय में नलीनुमा संरचना (ग्रासनली) द्वारा जाता है , फिर छोटी आंत एवं बडी आंत में पहुंचता है। मुख्य रूप से छोटी आंत में भोजन का पाचन होता है एवं शरीर के लिये उपयेागी सरल पोषक तत्त्वों को आहार से यकृत में प्रतिहारिणी शिरा द्वारा …

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आहार के स्रोत

मानव आहार प्राणी आहार माँस,मछली, अण्डा, दूध वनस्पति आहार अनाज, दाल, शर्करा, सब्जियाँ, फल, सूखेफल, मसाले आपके मन में यह जानने की जिज्ञासा उत्पन्न हो रही होगी कि आहार के स्रोत से हमारा क्या आशय है? वस्तुत: आहार के स्रोत से हमारा आशय यह है कि हमें आहार कहाँ-कहाँ से प्राप्त होता है। जिन भी पदार्थों …

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वित्तीय विवरण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं प्रकार

वित्तीय विवरण विवरण से आशय उन प्रपत्रों से है जिनमें किसी संस्था से सम्बन्धित आवश्यक वित्तीय सूचनाओं का वर्णन किया गया हो। हॉवर्ड तथा अप्टन के मतानुसार, “यद्यपि ऐसा औपचारिक विवरण जो मुद्रा मूल्यों में व्यक्त किया गया हो, वित्तीय विवरणों के नाम से जाना जा सकता है, लेकिन अधिकतम लेखांकन एवं व्यावसायिक लेखक इसका उपयोग …

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बैंकिंग के कार्य एवं बैंकिंग खाते के प्रकार

सामान्य सोच के अनुसार बैंक धन जमा हेतु एक भरोसेमंद संस्था है। बैंक आपकी मूल्यवान वस्तुएं, सुरक्षित जमाहेतु स्वीकार करते हैं एवं वापसी का विश्वास देते हैं, यह बैंकों का गौण कार्य है। सामान्यत: बैंक में गहने, मूल्यवान प्रतिभूति, वस्तुएं सुरक्षा के लिए बैंक में जमा की जाती है। लेकिन बैंकों द्वारा एक निक्षेपग्रहीता एवं ट्रस्टी …

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लागत लेखांकन की प्रकृति, क्षेत्र, प्रविधियाँ

लागत लेखांकन के बढते हुए महत्व को ध्यान में रखते हुए सन 1994 मे दी इन्स्टीटयूट ऑफ कॉस्ट एण्ड वक्र्स एकाउण्टेण्टस ऑफ इण्डिया (ICWA) की स्थापना की गर्इ। इसकी स्थापना गारण्टी द्वारा सीमित कम्पनी कम्पनी के रूप में की गर्इ थी। इसका प्रमुख उदेश्य लागत लेखांकन का प्रशिक्षण देना, परीक्षा लेना तथा प्रमाण पत्र जारी करना था। …

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लागत अंकेक्षण क्या है ?

सन् 1965 मे भारतीय कम्पनी अधिनियम मे एक क्रांतिकारी परिवर्तन करके लागत अंकेक्षण (cost Audit) के सम्बन्ध मे धारा 233 (B) जोडी गर्इ। इस प्रकार भारतवर्श विश्व मे ऐसा देश बन गया जहॅं लागत अंकेक्षण को सर्वप्रथम वैधानिक मान्यता दी गर्इ। इससे जहॉं विश्व में इसका गौरव बढा है, वहीं स्वदेश में भी लेखा व्यवसाय को …

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अभय का अर्थ

अभय का अर्थ है-भय रहित होना, भय न होना, अनिष्ट की आशंका न होना। मनोविकास का आदि बिन्दु है-अभय। अर्थात् मानसिक विकास के लिए अभय का होना आवश्यक है। अत: अहिंसा के विकास का भी यह आदि बिन्दु रहता है। व्यक्ति हिंसा तब करता है जब वह भयभीत होता है। जो भी भय रहित होता है, …

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