संघर्ष सम्बन्धी अधिनियम

यदि हम भारत में औद्योगिक संघर्षों के विधानों का अवलोकन करें, तो स्पष्ट होता है कि यह पुराना नहीं है। इसका कारण यह है कि भारत में औद्योगिक जीवन में संघर्ष का प्रारम्भ 1914-18 के बाद हुआ। इससे पहले मालिक और मजदूरों के विवादों का निबटारा 1860 के मालिक एवं श्रमिक (विवाद) अधिनियम द्वारा होता था। …

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हड़ताल क्या है?

हड़ताल का तात्पर्य अस्थायी रूप से श्रमिकों द्वारा कार्य में विध्न डालना है। यह श्रमिक द्वारा स्वत: कार्यमुक्ति है।औद्योगिक संघर्ष अधिनियम की धारा 2 (क्यू) के अनुसार व्यक्तियों के समूह द्वारा, जो मिलकर कार्य करते हैं सामूहिकता से कार्य नहीं करना अथवा एकमत होकर कार्य करने से मना करना, हड़ताल कहलाता है।’इसी प्रकार हड़ताल का तात्पर्य …

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मुद्रा की परिभाषा

विभिन्न अर्थशास्त्रियों ने मुद्रा को अलग-अलग दृिष्टकोण से परिभाषित किया है विभिन्न दृिष्टकोणों को वर्गीकृत किया सकता है। सामान्य स्वीकृत के अनुसार परिभाषाएं इस वर्ग की परिभाषाएं मुद्रा के सर्वग्राहयता के गुण पर बल देती है। प्रो माशर्ल -’’मुद्रा के अन्तर्गत ये समस्त वस्तएुं सम्मिलित की जाती है जो किसी समय अथवा किसी स्थान में बिना …

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पूर्ति तथा पूर्ति का नियम

पूर्ति शब्द का अर्थ किसी वस्तु की उस मात्रा से लगाया जाता है, जिसे कोर्इ विक्रेता ‘एक निश्चित समय’ तथा ‘एक निश्चित कीमत’ पर बाजार में बेचने के लिए तैयार रहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि यह कहा जाये कि बाजार में गेहू की पूर्ति 1,000 क्विटंल की है, तो यह कथन उचित नहीं है, क्योकि …

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अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?

प्रत्येक अर्थव्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अपने देश में उपलब्ध सीमित साधनों के प्रयोग से मानव की असीमित आवश्यकताओं की संतुष्टि है। मनुष्य की आवश्यकताएं वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन से संभव है। उत्पादन के पश्चात् जिसे व्यक्ति उपभोग करता है। उत्पादन के साधन आर्थिक गतिविधियों द्वारा उत्पादन की प्रक्रिया पूर्ण करते है। आर्थिक गतिविधियों के माध्यम …

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कांच के प्रकार

बाजार में काँच के अनेक प्रकार उपलब्ध है। इसके साधारण खिड़की के शीशे से लेकर गोली रोधी कांच के रूप में, विभिन्न अनुप्रयोग होते है। कुछ प्रकार के काँच और उनका उपयोग नीचे वर्णित किया गया है। सोडा काँच या मुलायम काँच –  यह साधारणतया प्रयोग होने वाला सस्ता, निम्न वर्ग का काँच होता है। कुल …

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बहुलक का वर्गीकरण

उत्पति के आधार पर बहुलकों का वर्गीकरण – प्राकृतिक बहुलक – प्रकृति (पादप और जीवों) से प्राप्त बहुलक प्राकृतिक बहुलक होते हैं उदाहरणार्थ, स्टार्थ, सेल्यूलोज, प्राकृतिक रबर, प्रोटीन आदि। संश्लेषित बहुलक – प्रयोगशाला में विरचित किए गए बहुलक संश्लेषित बहुलक कहलाते है।यह मानव – निर्मित बहुलक भी कहलाते हैं उदाहरणार्थ, पॉलीथीन, पी.वी.सी., नायलॉन, टेफ्लॉन, बेकेलाइट, टेरिलीन, संष्लेशित रबर …

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रेडियोधर्मी प्रदूषण के दुष्प्रभाव

मानव स्वास्थ पर प्रभाव –  रेडियोधर्मी पदार्थ से परमाणु केन्द्रकों से अल्फा, बीटा या गामा आदि कण किरणाों के रूप में निकलते हैं आयनीकरण द्वारा नाभिकीय विकिरण जीवित ऊतकों के जटिल अणुओं को विघटित कर कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। इन मृतकोशिकाओं के कारण चर्मरोग, कैन्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण …

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वायु प्रदूषण के प्रभाव एवं स्रोत

वायुमडंल में विशाल गैसे एक निश्चित मात्रा और अनुपात में होती है, जब वायु के अवयवों में अवांछित तत्व प्रवेश कर जाते है तो उसका मौलिक सतुंलन बिगड जाता है। इसका प्रभाव विभिन्न जीव-जन्तुओं, पडे – पौधे मौसम व जलवायु तथा स्वयं मानव पर स्पष्ट: परिलक्षित हे रहा है वायु पद्रूषण के प्रभावों को दो वर्गो …

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पर्यावरण प्रदूषण का अर्थ

प्रकृति का अवकोलन करने पर जो कुछ परिलक्षित होता है। पर्यावरण के अंतर्गत आता है। पर्यावरण  के लिये अग्रेजी शब्द Enviroment प्रयुक्त किया जाता है, जो फ्रेच भाषा के Environ से बना है जिसका अर्थ होता है, आस पास का वातावरण। हिन्दी में पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना है परि + आवरण। अत: पर्यावरण परििस्थ्तियों एवं …

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