संघर्ष सम्बन्धी अधिनियम
यदि हम भारत में औद्योगिक संघर्षों के विधानों का अवलोकन करें, तो स्पष्ट होता है कि यह पुराना नहीं है। इसका कारण यह है कि भारत में औद्योगिक जीवन में संघर्ष का प्रारम्भ 1914-18 के बाद हुआ। इससे पहले मालिक और मजदूरों के विवादों का निबटारा 1860 के मालिक एवं श्रमिक (विवाद) अधिनियम द्वारा होता था। …