सामूहिक सौदेबाजी का अर्थ

ऐतिहासिक दृष्टि से सामूहिक सौदेबाजी की अवधारणा का विकास सामूहिक सम्बन्धों के विकास के तृतीय चरण में हुआ। उत्पादन कार्य को प्रारम्भिक स्थिति में फल की प्राप्ति शक्ति के आधार पर की जाती थी दूसरी स्थिति में सामाजिक विधान के आधार पर और तीसरे तीसरी स्थिति में पारस्परिक विचार-विमर्श एवं समझौते के आधार पर सामूहिक समझौते …

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औद्योगिक सम्प्रेषण या औद्योगिक संचार

सम्प्रेषण विचारों के आदान-पद्रान की ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है, उसके विचार समझ सकता है तथा दूसरे को अपने बारे में या अपने विचारों से अवगत करा सकता है। इस प्रकार, सम्प्रेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे एक व्यक्ति को किसी वक्ता के …

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प्रबंध में श्रमिकों की सहभागिता का अर्थ

औद्योगिक संबंध के दो महत्वपूर्ण पहलू होते है। ये है- संघर्ष तथा सहयोग के पहलू। आधुनिक उद्योग प्रबंध और श्रम के सहयोग के कारण ही चलते रहते हैं यह सहयोग नियोजन में अनौपचारिक रूप से स्वत: होता रहता है। उद्योगों का चलते रहना दोनों के हितों में आवश्यक है। साथ ही, नियोजन और श्रमिकों के कुछ …

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परिवेदना क्या है ?

हर संगठन में नियोक्ता, प्रबन्धन व कर्मचारी वर्ग सम्मिलित होता है। इन वर्गों के अन्दर भी गुटवाजी एवं व्यक्तियों अथवा गुटों में टकराव पाया जाता है। ये अक्सर एक दूसरे के प्रति असंतोष व्यक्त करते रहते हैं तथा एक दूसरे की अवसर पाते ही शिकायत भी करते हैं। उनमें अक्सर मतभेद, लड़ार्इ-झगड़ा तथा तीब्र असंतोष दिखाइर् …

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औद्योगिक संबंध की अवधारणा, प्रकृति व अर्थ

औद्योगिक श्रम, वास्तव में, वृहत् समाज का ही एक अंग है। श्रमिक के रूप में वह उत्पादन का सक्रिय साधन है, किन्तु साथ ही, वह उपभोक्ता भी है। समाज में भी उसकी प्रतिष्ठा व भूमिका है। अस्तु, उसे उद्योग, परिवार व बृहत् समाज के अंग के रूप में एक ही साथ भूमिका का निर्वाह करना होता …

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निष्पादन मूल्यांकन क्या है ?

निष्पादन मूल्यांकन के लिए अनेक पर्यायवाची शब्दों का भी प्रयोग किया जाता है, जैसे-कर्मचारी मूल्यांकन, कर्मचारी निष्पादन,समीक्षा,कार्मिक मूल्यांकन, निष्पादन मूल्यांकन तथा कर्मचारी मूल्यांकन आदि। ये सभी शब्द समानार्थक हैं। निष्पादन मूल्यांकन की कुछ प्रमुख परिभाषायें निम्नलिखित प्रकार से है: डेल एस. बीच के अनुसार, ‘‘ निष्पादन मूल्यांकन किसी व्यक्ति का कार्य पर उसके निष्पादन तथा उसके …

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प्रशिक्षण क्या है ?

साधारण शब्दों में, प्रशिक्षण किसी कार्य विशेष को सम्पन्न करने के लिए एक कर्मचारी के ज्ञान एवं निपुणताओं में वृद्धि करने का कार्य है। प्रशिक्षण एक अल्पकालीन शैक्षणिक प्रक्रिया है तथा जिसमें एक व्यवस्थित एवं संगठित कार्य-प्रणाली उपयोग में लायी जाती हैं, जिसके द्वारा एक कर्मचारी किसी निश्चित उद्देश्य के लिए तकनीकी ज्ञान एवं निपुणताओं को …

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पदोन्नति का अर्थ

सामान्यत: लोग पदोन्नति का अर्थ ऐसे कार्य-परिवर्तन से लगाते हैं, जिसके फलस्वरूप किसी कर्मचारी की आय अथवा वेतन में वृद्धि हो जाये, परन्तु एक ही कार्य पर रहते हुए यदि कर्मचारी को अधिक वेतन दिया जाये तो इसे पदोन्नति नहीं कहा जा सकता। यह तो मात्र वेतन-वृद्धि होगी। पदोन्नति का सम्बन्ध अनिवार्य रूप से वेतन-वृद्धि से …

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चयन का अर्थ, विशेषताएं एवं महत्व

चयन, एक संगठन के अन्तर्गत रिक्त पदों को भरने के लिए अपेक्षित पात्रताओं तथा सामथ्र्य से युक्त व्यक्तियों (वे लोग जो आवेदन करते हैं, उनके सम्पूर्ण समूह में से) को चुनने की प्रक्रिया है। यद्यपि, संगठनों के अन्तर्गत पदोन्नति एवं स्थानान्तरण के लिए भी कुछ चयन पद्धतियाँ अपनायी जा सकती हैं, परन्तु यहाँ इस अध्याय में …

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कार्य विश्लेषण क्या है ?

मानवीय संसाधनों की अधिप्राप्ति, मानव संसांधन प्रबन्धन का प्रथम संचालनात्मक कार्य है, जिसे विभिन्न उप-कार्यों, जैसे-मानव संसाधन नियोजन, भर्ती तथा चयन में उप-विभाजित किया जा सकता है। प्रबन्धतन्त्र को एक कार्य के लिए अपेक्षित व्यक्ति के प्रकार तथा भविष्य में सेवायोजित किये जाने वाले व्यक्तियों की संख्या का निर्धारण करना आवश्यक होता है। दूसरे शब्दों में, …

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