भारत की परमाणु नीति (दक्षिण एशिया में परमाणविक शक्ति संतुलन के विशेष सन्दर्भ में)

परमाणु हथियारों के विकास ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में चिन्तन को नई दिशा प्रदान की है। प्रत्येक राष्ट्र चाहे वह कितना भी महान हो, बिना परमाणु हथियारों के शक्तिशाली नहीं बन सकता है। इसी सोच ने राष्ट्रों को ‘शान्ति की दौड़’ के बजाय ‘हथियारों की होड़’ में लगा दिया। अपनी सुरक्षा चिन्ताओं के कारण भारत …

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हाइकु क्या है ?

हाइकु क्या है ?  हाइकु मूलत: जापानी साहित्य की एक प्रमुख विधा है। आज हाइकु जापानी साहित्य की सीमाओं को लाँघकर विश्व साहित्य की निधि बन चुका है। आज हिन्दी साहित्य में हाइकु की चर्चा भरपूर हो रही है। हिन्दी में हाइकु जोर शोर से लिखे जा रहे हैं। निरन्तर हिन्दी हाइकु संकलन प्रकाशित हो रहे …

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दूध में कौन से पोषक तत्व होते हैं?

प्रधान रूप से मधुर रस को दूध कहते हैं। प्राय: दूध मधुर रस वाला ही होता है। दूध सभी प्राणधारियों के लिये सात्म्य अर्थात् हितकारी है। समस्त दूध प्राय: मधुर रसयुक्त, स्निग्ध, शीत, पुष्टि देने वाले, बृंहण शरीर को बढ़ाने वाले, (वृण्य) वीर्यवर्धक, (मेध्य) बुद्धि के लिये हितकारी, (बल्य) शरीर को बल देने वाले, (मनस्कर) मन …

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समकालीन कविता का लक्षण स्वरूप एवं स्थिति

समकालीन कविता प्रगतिशील रुझानों में जनवादी पक्षधरता के साथ मानवीय सौन्दर्यबोध में, सृजनात्मक चेतना के रूपान्तरण की कविता है। जो अपने दौर की काव्य सृजन में, विगत लगभग दो दशकों के ऐतिहासिक कालखण्ड में विकसित प्रगति विरोधी- प्रतिक्रियावादी कलाअतियों, अकवितावादियों का निषेध करती हुई मानवीय रागात्मकता की समग्रता एवं वर्गहीन समाज की आस्थाशील कविता हैं।] समकालीन …

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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मुख्य उद्देश्य

वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार हमारे देश के लगभग 70 प्रतिशत लोग गाँवों में निवास करते हैं। इसलिए स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि गाँवों में लोगों के लिए रोजगार जुटाए बिना भारत को विकसित नहीं किया जा सकता। यह सच है कि विश्व में भारत ऐसा पहला देश है कि जिसने ग्रामीण …

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दलीय व्यवस्था का वर्गीकरण

आधुनिक समय में दल-व्यवस्थाओं का राजनीतिक समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। विश्व का शायद ही कोई ऐसा देश हो जहां दल नहीं है। विश्व के सभी देशों में किसी न किसी रूप में दलीय प्रणाली अवश्य विद्यमान है। राजनीतिक व्यवस्था के स्वरूप व संरचना तथा राजनीतिक दलों की प्रकृति, उद्देश्यों, संरचना आदि के आधार पर विश्व …

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राजनीतिक दल के प्रमुख कार्य क्या है ?

प्रत्येक राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों का पाया जाना तथा दलीय व्यवस्था के माध्यम से राजनीतिक व्यवस्था का गतिशील होना एक आम बात है। यद्यपि सर्वसत्ताधिकारवादी और निरंकुश राजनीतिक व्यवस्थाओं में दलीय प्रणाली उतनी सफल नहीं रहती, जितनी लोकतन्त्रीय या संसदीय शासन प्रणाली वाले देशों में रहती है। बाहर से देखने पर तो लोकतन्त्रीय तथा तानाशाही …

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सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक कौन कौन से हैं ?

वातावरण और संगठित साधनों के कुछ ऐसे विशेष कारक हैं जिनका बालक के सामाजिक विकास की दशा पर निश्चित और विशिष्ट प्रभाव पड़ता है। सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक है – 1. परिवार के वातावरण का स्वरूप परिवार ही वह साधन है जहां बालक का सबसे पहले …

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लोकायुक्त का कार्यकाल, नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, शक्तियां

लोकायुक्त की उत्पत्ति का स्रोत स्कॅन्डिनेवियन देशों के लोक पाल में मिलता है। लोकपाल वह व्यक्ति है, जिसकी नियुक्ति कुशासन से उत्पन्न नागरिकों की समस्या के समाधान के लिए की जाती है। स्वीडन, विश्व का पहला देश है, जिसने वर्ष 1809 में लोकपाल का गठन किया था। प्रशासनिक प्रणाली को भ्रष्टाचार और दुर्भावनाओं से मुक्त करने की …

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राष्ट्रपति के चुनाव का सूत्र और राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रकिया

भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचन मण्डल द्वारा होता है जिसमें संसद के दोनों सदनों अर्थात लोकसभा एवं राज्यसभा तथा राज्यों की विधान सभाओं के सभी निर्वाचन सदस्य होते है। संसद के मनोनीत सदस्य तथा राज्य विधान परिषदों के मनोनीत सदस्य इस निर्वाचक मण्डल के सदस्य नहीं होते। निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल …

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