सूरदास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाव पक्ष, कला पक्ष, साहित्य में स्थान

सूरदास (Surdas) का संबंध भक्ति काव्य से है। ईश्वर के प्रति प्रेम की अनुभूति को भक्ति कहते हैं। लेकिन संपूर्ण भक्ति काव्य एक-सा नहीं है। जो भक्त-कवि ईश्वर को निर्गुण-निराकार मानते थे और अवतारवाद में विश्वास नहीं रखते थे, वे निर्गुणमार्गी भक्त कवि कहलाए।  यह भी पढ़ें: भ्रमरगीत का क्या अर्थ है? सूरदास के भ्रमरगीत की विशेषताएं …

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अफीम युद्ध के कारण और परिणाम

प्रथम अफीम युद्ध 1839-1842 ई. में हुआ था। द्वितीय अफीम युद्ध 1856-60 ई. में हुआ था।  जो यूरोपीय समस्त विश्व में अपनी शर्तों पर दबाब की राजनीति अपनाकर व्यापार कर रहे थे उन्हीं यूरोपियों को चीन ने अपनी शर्तों पर व्यापार करने हेतु मजबूर किया। मंचू राजवंश ने विदेशियों पर व्यापार हेतु कई प्रतिबंध लगाये। इन …

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जापान में मेजी पुनर्स्थापना के कारण, महत्व एवं परिणाम

19 वीं शताब्दी के मध्य चरण में, जापान में विदेशियों के प्रवेश और उनके साथ जापान की सत्ता के केन्द्र शोगून द्वारा सन्धि करने से व्यापक प्रतिक्रिया हुई। इस काल में चीन और जापान दोनों देशों का एक ही प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ा था। दोनों देशों ने अपने-अपने तरीके से पश्चिमी साम्राज्य विस्तार …

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जापान में उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद

16वीं शताब्दी के प्रारम्भ में यूरोप की जातियों ने उत्तरी अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका आदि में बड़े पैमाने पर उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद की नीति का अनुसरण किया। उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद जनता का राजनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से शोषण का प्रतीक था। जब किसी राष्ट्र विशेष के कुछ लोग अपनी मातृभूमि छोड़कर किसी पिछड़े हुए (किन्तु …

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जार अलेक्जेंडर प्रथम की गृह नीति

रूसी लोग मुख्यत: स्लाव हैं। पुरानी रूसी भाषा में उच्चतम श्रेणी के सत्ताधारी स्वतंत्र शासक को जार कहा जाता था। 21 जनवरी 1613 ई. से रूस में रोमोनोव राजवंश का शासन प्रारंभ हुआ। माइकेल रोमोनोव इस वंश का प्रथम जार था। सन 1672 ई. में मास्को की गद्दी पर पीटर महान आरूढ़ हुआ। पीटर ने अनुभव …

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आतंकवाद क्या है आतंकवाद के मुख्य कारण – What is terrorism?

आतंकवाद (Terrorism) की कोई सर्वमान्य परिभाषा सम्भव नहीं है क्योंकि अब तक आतंकवाद के अनेक स्वरूप हमारे सामने आए है। फिर भी सामान्य रूप में यह कहा जा सकता है कि आतंकवाद, हिंसा की धमकी के उपयोग द्वारा लक्ष्य-प्राप्ति के लिए संघर्ष या लड़ाई की एक विधि व रणनीति है एवं अपने शिकार में भय पैदा …

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ज्यामिति का अर्थ, इतिहास, आधार एवं उपयोग

ज्यामिती का उपयोग हम प्राचीन काल से करते आ रहे हैं। ज्यामिति के तार्किक या निगमनिक पक्षो की रचना करके ज्यामिति को ज्ञान के विभिन्न क्षेत्र मे विकसित किया गया। गणित में ज्यामिति का योगदान मुख्यत: दो पहलू से किया गया है। पहला- यह वाणिज्य, कृषि, भवन व पर्यावरण नियंत्रण में सहायता करता है। दूसरा- यह …

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ज्ञान का अर्थ, परिभाषा प्रकार, स्रोत, महत्व

मस्तिष्क में आई नवीन चेतना तथा विचारों का विकास स्वयं तथा देखकर होने लगा इस प्रकार से वह अपने वैचारिक क्षमता अर्थात् ज्ञान के आधार पर अपने नवीन कार्यों को करने एवं सीखने, किस प्रकार से कोई भी काम को आसान तरीके से किया जाये और उसे किस प्रकार से असम्भव बनाया जाये। इसी सोच विचारों …

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व्याकरण का अर्थ, परिभाषा, महत्व और विशेषताएँ

व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा से संबंधित नियमों का ज्ञान करता है। किसी भी भाषा की संरचना का सिद्धांत अथवा नियम ही उसका व्याकरण है। यदि नियमों द्वारा भाषा को स्थित न रखा जाए तो उसकी उपादेयता, महत्ता तथा स्वरूप ही नष्ट हो जायेगा। अत: भाषा के शीघ्र परिवर्तन को रोकने के लिए ही व्याकरण …

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जयप्रकाश नारायण के राजनीतिक विचार

लोकनायक जयप्रकाश नारायण एक राजनीतिक दार्शनिक की अपेक्षा एक सामाजिक दार्शनिक अधिक थे। उन्होंने जीवन भर साधारण जनता के कल्याण के लिए अपना संघर्ष किया। उन्होंने राजनीतिक भ्रष्टाचार को सभी सामाजिक समस्याओं की जड़ माना और समय-समय पर राजनीति में सुधारों के बारे में अपने मूल्यवान सुझाव दिए ताकि राजनीति में नैतिक साधनों का उचित प्रयोग …

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