आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि का आशय, आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर

आर्थिक विकास की यह प्रथम इकाई है, इसके अध्ययन के से आप आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि का आशय, आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर और आर्थिक विकास की प्रकृति को जान सकेगें। आर्थिक वृद्धि एवं विकास का विश्लेषण विकास का अर्थशास्त्र अल्पविकसित देशों के आर्थिक विकास की समस्याओं से सम्बन्ध रखता है। यद्यपि आर्थिक …

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पाठ्यक्रम क्या है पाठ्यक्रम निर्माण के मुख्य सिद्धांत कौन कौन से हैं?

पाठ्यक्रम हिन्दी भाषा का शब्द है । इसे अग्रेंजी भाषा मे ‘Curriculum’ कहते है। ‘Curriculum’ शब्द की उत्पति लेटिन भाषा के शब्द ‘Currer’ से हुई है , जिसका अर्थ है ‘दौडना’ । वर्तमान युग में पाठ्यक्रम का अर्थ अध्ययन में आनेवाली सभी क्रियाओं तथा विषयों से लिया जाता है। इस प्रकार पाठ्यक्रम से अभिप्राय उन सभी …

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कविता का अर्थ, परिभाषा

कवि या रचनाकार जिस मंजिल से गुजरता है अर्थात् जो वह जीवन में भोगता है उसे वर्णित करता जाता है, वही कविता है ।  कविता की परिभाषा महावीरप्रसाद द्विवेदी के अनुसार :– “कविता का विषय मनोरंजन एवं उपदेश जनक होना चाहिए।” डॉ. नगेन्द्र के अनुसार – “छंदमयी की कविताओं का विषय वैयक्तिक जीवन की राग-विरागमयी, अनुभूतियों …

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विराम चिन्ह किसे कहते है विराम चिन्ह कितने प्रकार के होते है?

किसी भी बात को लिखते वक्त विराम चिन्ह का बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। विराम चिन्हों के माध्यम से वाक्य के प्रकार व ठहराव की जानकारी मिलती है। किसी के द्वारा कही गयी बात को सिर्फ लिख देने से यह पता नहीं चलता कि वह बात किस अंदाज में बोली गयी। विराम चिन्हों के माध्यम से …

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अक्षर विन्यास का अर्थ, महत्व, अशुद्धियों के कारण, सुधार के नियम

अक्षर विन्यास अथवा वर्तनी की शुद्धता भाषा का अनिवार्य अंग है। अभिव्यक्ति में विचारों की क्रमिकता एवं सुसम्बद्धता कितनी ही सुव्यवस्थित क्यों न हो परन्तु यदि विचारों को व्यक्त करने वाली भाषा शद्ध नहीं हो तो उसका असर नगण्य होकर रह जाएगा। भाषा की शुद्धता तो मुख्यत: शुद्ध अक्षर विन्यास पर निर्भर करती है। शुद्ध वाक्य …

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उच्चारण शिक्षण का अर्थ, महत्व, सोपान एवं आवश्यकता

हिन्दी भाषा का ध्वनितत्व वैज्ञानिक है, नागरी भाषा में प्रत्येक ध्वनि के लिए निश्चित अक्षर हैं और उनका सटीक उच्चारण है। उच्चारण पर बल न देने पर उच्चारण दोष उत्पन्न होता है और भाषा का रूप विकृत होता है, उसका निश्चित रूप नहीं बन पाता है। भाषा के दो रूप हैं- मौखिक भाषा लिखित भाषा शुद्ध …

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राज्य की उत्पत्ति के सिद्धांत (विकासवादी सिद्धांत, दैवीय सिद्धांत)

राज्य की उत्पत्ति राज्य एक ऐतिहासिक परिघटना है जो मानव के सामूहिक जीवन की उपज है- जब मानव प्राकृतिक अवस्था से निकलकर संगठित जीवन आरम्भ करता है। अत: ऐसा समय भी रहा है जब, जिसे हम राज्य कहते हैं, उसका आस्तित्व नहीं था। प्राचीन भारतीय स्रोतों के अध्ययन से राज्य की उत्पत्ति तथा विकास की जानकारी …

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पानीपत का प्रथम युद्ध के परिणाम, बाबर के विजय के कारण

पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर और इब्राहीम लोदी के बीच 21 अप्रैल, 1526 ई. को हुआ था। यह युद्ध भारत में संप्रभुता की स्थापना करने के लिए मुगल-अफगान संघर्ष था, जो 1556 ई. तक चलता रहा। भारत वर्ष पर मुगलों का यह प्रथम आक्रमण नहीं था। सुल्तान इल्तुतमिश के शासन-काल में बाबर के पूर्वज चंगेज खां …

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पाठ्यक्रम का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं क्षेत्र

पाठ्यक्रम का अर्थ (pathyakram ka arth) पाठ्यक्रम शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘करीक्यूलम’ (Curriculum) शब्द का हिन्दी रूपान्तर है। ‘करीक्यूलम’ शब्द लैटिन भाषा से अंग्रेजी में लिया गया है तथा यह लैटिन शब्द ‘कुर्रेर’ से बना है। ‘कुर्रेर’ का अर्थ है ‘दौड़ का मैदान’। दूसरे शब्दों में, ‘करीक्यूलम’ वह क्रम है जिसे किसी व्यक्ति को अपने गन्तव्य …

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ज्ञान का अर्थ, परिभाषा प्रकार, स्रोत, महत्व

मस्तिष्क में आई नवीन चेतना तथा विचारों का विकास स्वयं तथा देखकर होने लगा इस प्रकार से वह अपने वैचारिक क्षमता अर्थात् ज्ञान के आधार पर अपने नवीन कार्यों को करने एवं सीखने, किस प्रकार से कोई भी काम को आसान तरीके से किया जाये और उसे किस प्रकार से असम्भव बनाया जाये। इसी सोच विचारों …

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