व्यवहारवाद का अर्थ, परिभाषा, कार्यक्षेत्र, आलोचना

व्यवहारवाद एक ऐसी विचारधारा, आन्दोलन, क्रान्ति या दृष्टिकोण है जिसने राजनीति शास्त्र को राजनीति का विज्ञान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह एक ऐसा प्रतिरोध आन्दोलन है जिसका जन्म परम्परागत राजनीति शास्त्र की उपलब्धियों के प्रति असंतोष का परिणाम है और राजनीति शास्त्र को आनुभाविक (Empirical) बनाने के लिए प्रयासरत् है। इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी …

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राजनीतिक सिद्धांत क्या है उसकी परिभाषा

राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिक विज्ञान के मूल क्षेत्रों में से एक है। शैक्षणिक अनुशासन के रूप में राजनीतिक सिद्धांत बिलकुल हाल ही में उभर कर आया है। इससे पहले इस उद्यम में जो लोग शामिल थे, वे खुद को दार्शनिक अथवा वैज्ञानिक मानते थे। बौद्धिक परम्परा, जो कि तत्काल व्यावहारिक चिंता के क्षेत्र को बढ़ा देते हैं, …

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महात्मा गांधी के राजनीतिक विचार / सिद्धांत

महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू भारतीय राजनीतिक चिन्तन में महात्मा गांधी का एक अति महत्वपूर्ण स्थान है। महात्मा गांधी का दर्शन बहुमुखी है। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र को स्पर्श किया है। यद्यपि उनके विचार प्लेटो, अरस्तु, हॉब्स व लॉक आदि राजनीतिक विचारकों की तरह क्रमबद्ध नहीं है, लेकिन फिर भी अनेक विद्वान उन्हें एक उच्चकोटि का …

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अरविन्द घोष के राजनीतिक विचार

अरविन्द घोष एक सच्चे राष्ट्रवादी थे। उनकी इच्छा थी कि भारत को अतिशीघ्र ही स्वतन्त्रता मिलनी चाहिए। उनके चिन्तन का मुख्य ध्येय अधिक व्यक्तियों के सुख की बजाय सभी का अधिकतम हित था। उन्होंने गीता, वेदों, उपनिषदों से ज्ञान प्राप्त करके ऐसी विधियों की खोज की जो भारत को स्वतन्त्रत कराने में अहम् भूमिका निभा सकती …

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अंतोनियो ग्राम्शी का जीवन परिचय, रचनाएं एवं राजनीतिक विचार

अंतोनियो ग्राम्शी का जीवन परिचय अंतोनियो ग्राम्शी (Antonio gramsci ) का जन्म 22 जनवरी, 1891 को इटली के सार्डिनिया प्रान्त के अलेस गांव में हुआ। उसकी मां का नाम ज्युसेपिना मर्सियस तथा पिता का नाम फ्रांसिस्को ग्राम्शी था। उसका पिता एक राजस्व अधिकारी था। 27 अक्टूबर 1900 को उसके पिता को उसके राजनीतिक विरोधियों द्वारा भ्रष्टाचार के …

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माओ त्से तुंग के सिद्धांत

माओ त्से-तुंग का जन्म मध्य चीन के दक्षिण स्थित हुनान प्रान्त के शाओ शान गांव में एक निर्धन किसान के घर 26 दिसम्बर 1893 को हुआ। उनके पिता का स्वभाव कठोर था, किन्तु उनकी माता दया की एक साक्षात मूर्ति थी। माओ बचपन से ही धुन के पक्के थे। वे हर कार्य लगन से करते थे। …

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मानवेन्द्र नाथ राय के राजनीतिक विचार

मानवेन्द्र नाथ राय के चिन्तन का विकास मानवेन्द्र नाथ राय का राजनीतिक चिन्तन अनेक उतार-चढ़ावों से परिपूर्ण है। अपने जीवन के प्रारम्भिक वर्षों में जब उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया तो वे एक क्रान्तिकारी स्वभाव के व्यक्ति थे। लेकिन अपने जीवन के अन्तिम पड़ाव में एक उदारवादी विचारक बन गए। लेकिन प्रारम्भ से …

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मानवेन्द्र नाथ राय का जीवन परिचय उनकी प्रमुख रचनाएं

मानवेन्द्र नाथ राय का जन्म 6 फरवरी, 1886 को पश्चिमी बंगाल (भारत) के परगना जिले के अरबेलिया गांव में हुआ। मानवेन्द्र नाथ राय का बचपन का नाम नरेन्द्र नाथ भट्टाचार्य था। मानवेन्द्र नाथ राय के पिता पंडित दीन बन्धु भट्टाचार्य एक स्कूल अध्यापक थे। उनकी शिक्षा-दीक्षा भिंगरीपोटा में हुई। वे प्रारम्भ से ही क्रान्तिकारी विचारों के …

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लेनिन का सिद्धांत (पूंजीवादी साम्राज्यवाद, द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद, सर्वहारा-वर्ग की तानाशाही )

व्लादीमीर इलिच लेनिन का जन्म 9 अप्रैल, 1870 को रुस के यूलियानोवस्क मे हुआ। उनका वास्तविक नाम व्लादीमीर इलचि उल्यानोव था। लेनिन बी0ए0 पास करने के बाद कलान विश्वविद्यालय में कानून की शिक्षा प्राप्त करने चला गया, वहां पर उसे क्रांतिकारी क्रियाकलापों के कारण एक बार विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया।  लेनिन ने अपनी कुशाग्र बुद्धि …

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लेनिन का जीवन परिचय एवं महत्वपूर्ण रचनाएं

व्लादीमीर इलिच लेनिन  व्लादीमीर इलिच लेनिन का जन्म 9 अप्रैल, 1870 को रुस के यूलियानोवस्क नामक स्थान पर एक मध्यमवर्गीय सरकारी निरीक्षक के घर हुआ। लेनिन का पूरा नाम व्लादीमीर इलचि उल्यानोव था। जब वे निर्वासित होकर साबबेरिया में लेना नदी के किनारे रहने लगे तो उनका नाम लेनिन पड़ गया। लेनिन के पांच भाई-बहन थे। वे …

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