प्लेटो का शिक्षा का सिद्धांत का वर्णन | Plato’s Education Theory

प्लेटो प्लेटो अपने आदर्श राज्य में न्याय की प्राप्ति के लिए जिन दो तरीकों को पेश करता है, उनमें से शिक्षा एक सकारात्मक तरीका है। समाज में शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है। शिक्षा द्वारा ही समाज में भ्रातृभाव और एकता की भावना पैदा होती है।  शिक्षा के महत्व को स्वीकारते हुए प्लेटो कहता है- “राज्य …

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राजनीतिक अभिजन का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, प्रकार एवं सिद्धांत

राजनीतिक अभिजन की अवधारणा राजनीति विज्ञान की आधुनिक व प्रमुख धारणा है, यद्यपि इस धारणा के बीज प्लेटो व अरस्तु के समय में भी मौजूद थे। यह धारणा इस मान्यता पर आधारित है कि शासन करने के गुण थोड़े से व्यक्तियों में ही होते हैं। इसी कारण इसे सामाजिक डार्विनवाद का रूप माना जाता है। अभिजन …

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चुनाव प्रणाली किसे कहते हैं आज सभी देशों में दो प्रकार की चुनाव प्रणालियां हैं

आधुनिक समय में चुनावों का बहुत महत्व है। चुनाव से जनता के हाथ में वे अस्त्र हैं, जिनके द्वारा वे अपनी इच्छा को व्यक्त करते हैं और अपने जनाधार द्वारा राजनीतिकदलों को सरकार बनाने के योग्य बनाते हैं। चुनाव ही राजनीतिक शक्ति की वैधता की परीक्षा करते हैं और सत्ता को औचित्यपूर्ण बनाते हैं। प्रत्येक देश …

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राजनीतिक दल की परिभाषा, विशेषताएं, उत्पत्ति व विकास

साधारण शब्दों में राजनीतिक दल एक ऐसा संगठन है जो सम्पूर्ण देश या समाज के व्यापक हित के सन्दर्भ में अपने सेवार्थियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए निश्चित सिद्धान्तों, नीतियों और कार्यक्रम का समर्थन करता है और उन्हें कार्यान्वित करने के उद्देश्य से राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना चाहता है। राजनीतिक दल की परिभाषा राजनीतिक …

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अरविन्द घोष के राजनीतिक विचार

अरविन्द घोष एक सच्चे राष्ट्रवादी थे। उनकी इच्छा थी कि भारत को अतिशीघ्र ही स्वतन्त्रता मिलनी चाहिए। उनके चिन्तन का मुख्य ध्येय अधिक व्यक्तियों के सुख की बजाय सभी का अधिकतम हित था। उन्होंने गीता, वेदों, उपनिषदों से ज्ञान प्राप्त करके ऐसी विधियों की खोज की जो भारत को स्वतन्त्रत कराने में अहम् भूमिका निभा सकती …

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मानवेन्द्र नाथ राय का जीवन परिचय उनकी प्रमुख रचनाएं

मानवेन्द्र नाथ राय का जन्म 6 फरवरी, 1886 को पश्चिमी बंगाल (भारत) के परगना जिले के अरबेलिया गांव में हुआ। मानवेन्द्र नाथ राय का बचपन का नाम नरेन्द्र नाथ भट्टाचार्य था। मानवेन्द्र नाथ राय के पिता पंडित दीन बन्धु भट्टाचार्य एक स्कूल अध्यापक थे। उनकी शिक्षा-दीक्षा भिंगरीपोटा में हुई। वे प्रारम्भ से ही क्रान्तिकारी विचारों के …

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लेनिन का सिद्धांत (पूंजीवादी साम्राज्यवाद, द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद, सर्वहारा-वर्ग की तानाशाही )

व्लादीमीर इलिच लेनिन का जन्म 9 अप्रैल, 1870 को रुस के यूलियानोवस्क मे हुआ। उनका वास्तविक नाम व्लादीमीर इलचि उल्यानोव था। लेनिन बी0ए0 पास करने के बाद कलान विश्वविद्यालय में कानून की शिक्षा प्राप्त करने चला गया, वहां पर उसे क्रांतिकारी क्रियाकलापों के कारण एक बार विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया।  लेनिन ने अपनी कुशाग्र बुद्धि …

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लेनिन का जीवन परिचय एवं महत्वपूर्ण रचनाएं

व्लादीमीर इलिच लेनिन  व्लादीमीर इलिच लेनिन का जन्म 9 अप्रैल, 1870 को रुस के यूलियानोवस्क नामक स्थान पर एक मध्यमवर्गीय सरकारी निरीक्षक के घर हुआ। लेनिन का पूरा नाम व्लादीमीर इलचि उल्यानोव था। जब वे निर्वासित होकर साबबेरिया में लेना नदी के किनारे रहने लगे तो उनका नाम लेनिन पड़ गया। लेनिन के पांच भाई-बहन थे। वे …

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कार्ल मार्क्स का जीवन परिचय || Biography of Karl Marks

कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 को एक यहूदी परिवार में हुआ था। उनका जन्म प्रशिया के राईन प्रान्त के ट्रीचर नामक स्थान पर हुआ था। उनकी माता हालैंड की एक यहूदी महिला थी। छः वर्ष की अवस्था तक उनका पालन-पोषण यहूदी संस्कारों के अनुरूप हुआ। उसके पिता हरशेल मार्क्स एक वकील थे और उसकी …

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सत्ता का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, प्रकृति, प्रमुख घटक

मनुष्य समाज में अकेला ही नहीं, वरन् अन्य लोगों के साथ रहने के दौरान वह दूसरों को प्रभावित भी करता है और स्वयं भी दूसरों से प्रभावित होता है। प्रभाव का तात्पर्य है-दूसरों की नीतियों को प्रभावित करना। प्रभाव का अर्थ है-एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार बदलना या कार्य करवाना। प्रभाव के दो रूप …

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