ऋण पत्र क्या है ? ऋण पत्र कितने प्रकार के होते हैं ?

ऋण पत्र से कम्पनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है इसमें कम्पनी निवेशको को एक निश्चित प्रतिशत पर ब्याज देती है चाहे कम्पनी को लाभ हो या नहीं। जब कम्पनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब कम्पनी ऋण पत्र जारी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम कह सकते हैं कि ऋणदाता कम्पनी को ऋण देता है …

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व्यवसाय वित्त क्या है व्यावसायिक वित्त के कितने प्रकार होते हैं?

व्यावसायिक गतिविधियों की संचाति करने हेतु जिस धन की आवश्यकता होती है, उसे व्यावसायिक वित्त कहते हैं।व्यक्ति जीविकापोर्जन के लिए कोई न कोई कार्य करता हैं कोई वस्तुओं का लेनदेन करता है तो कोई अपनी कला के माध्यम से धन अर्जन करता है जैसे, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, आदि व्यवसाय या पेशे में सफलता प्राप्त करने के …

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नियंत्रण का अर्थ, महत्व एवं विशेषताएं

नियंत्रण का अर्थ पूर्व निर्धारित लक्ष्यों व उद्देश्यों के अनुसार प्रमापित कार्य सम्पन्न हो रहा है या नहीं जॉंच करना, यदि नहीं हो रहा है तो कमियों एवं कारणों की खोज कर सुधारात्मक कार्यवाही करना है। नियंत्रण के अर्थ में केवल किए गए काम की मात्रा की ही जॉंच नहीं की जाती है बल्कि किए गए …

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नेतृत्व क्या है, नेतृत्व के प्रकारों का वर्णन

नेतृत्व की उत्पत्ति किस प्रकार होती है। इस संबंध में कई विचारधारायें हैं। वंशपरम्परा परम्परा सिद्धांत को मानने वाले विद्वानों का विचार है कि समाज में कुछ लोग ऐसे होते है। जो जन्मजात पैदा इसी या जन्म जात योग्यता नेतृत्व का लेकर पैदा होते हैं। दूसरी ओर कुछ मनोवैज्ञानिकों का विचार है कि नेता की उत्पत्ति …

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अभिप्रेरणा का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

अभिप्रेरणा अंग्रेजी शब्द ‘मोटिवेशन’ (Motivation) का हिन्दी रूपान्तर है। इस शब्द की उत्पत्ति ‘मोटिव’ (Motive) से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है व्यक्ति में किसी ऐसी इच्छा अथवा शक्ति का विद्यमान होना, जो उसे कार्य करने की प्रेरणा देती है। अभिप्रेरणा कार्य से सम्बन्धित है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति में जागृत (उत्पन्न) किया जा सकता हैं …

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पर्यवेक्षक के कार्य – पर्यवेक्षण का क्या अर्थ है

कर्मचारियों को क्या करना है एवं कैसे करना है संबंधी दिशा-निर्देश देने के पश्चात् प्रबन्धकों का यह कर्तव्य बन जाता है कि वे देखें कि कार्य निर्देशों के अनुसार हो रहा है अथवा नहीं। इसे पर्यवेक्षण कहते हैं। प्रबन्धक पर्यवेक्षक का कार्य करते हैं तथा यह सुनिश्चित करते हैं कि कार्य निर्देशों एवं योजनाओं के अनुसार …

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पारिश्रमिक क्या है?

पारिश्रमिक क्या है? कर्मचारियों द्वारा संगठन को दी गई सेवाओं के बदले में मिलने वाले अनेकों वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रतिफलों से है। इसमें मजदूरी, वेतन भत्ते और अन्य लाभांश सम्मिलित है जिसे एक नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के बदले प्रदान करता है। भागों पारिश्रमिक को दो भागों में वगीकृत किया जा सकता है : …

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भर्ती का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, स्रोत

भर्ती कुशल एवं परिश्रमी व्यक्तियों को प्राप्त करने की विधि है। यह विधि संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक होती है, इसलिए भर्ती के लिए सुनिश्चित नीति विकसित करना संगठन का प्रमुख कार्य होता है और आधुनिक संगठनों में यह कार्य उनके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है। संगठन के अन्तर्गत विभिन्न …

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नियुक्तिकरण का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता, महत्व, प्रक्रिया के चरण

किसी उपक्रम में रिक्त पदों पर पद के अनुरूप योग्य व्यक्तियों को कार्य पर रखना नियुक्ति कहलाता है। इसमें कर्मचारियों का प्रशिक्षण एवं विकास भी शामिल है। नियुक्तिकरण का अर्थ लोगों को काम पर लगाना। यह मानव संसाधन के नियोजन से प्रारम्भ होता है तथा भर्ती, प्रशिक्षण, विकास, पदोन्नति तथा कार्यदल के निष्पादन मूल्यांकन को शामिल …

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महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण रचनाएं

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 में वर्तमान गुजरात प्रदेश के पोरबंदर नामक स्थान पर एक वैष्णव धर्मावलंबी, संपन्न एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनका वास्तविक नाम मोहनदास कर्मचंद गांधी था। इनके पिता कर्मचंद गांधी पोरबंदर राज्य के दीवान थे और बड़े धार्मिक एवं सात्विक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी माता श्रीमती पुतलीबाई भी …

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